Philippines के बाद Vietnam और Indonesia खरीदेंगे BrahMos Missile, $600M पहुंचेगा निर्यात
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि ब्रह्मोस भारत के बढ़ते एक्सपोर्ट का एक अहम उदाहरण है और इसका एक्सपोर्ट 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया और वियतनाम समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के तीन देशों को यह हाई-एंड स्ट्रैटेजिक सिस्टम बेचने के लिए कॉन्ट्रैक्ट या समझौते किए गए हैं। ANI को दिए एक इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि इस मिसाइल का एयर-लॉन्च वर्शन भी है और सुखोई विमानों पर यह बहुत सफल रहा है। फिलीपींस को लगभग 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कीमत का ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम सौंपा जा चुका है। रक्षा सचिव ने कहा कि वियतनाम के लिए शुरुआती एक्सपोर्ट लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर और इंडोनेशिया के लिए लगभग 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का होना चाहिए।
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ब्रह्मोस हमारे बढ़ते एक्सपोर्ट की कहानी के लिए एक बेंचमार्क जैसा है। यह उन हाई-एंड स्ट्रैटेजिक सिस्टम में से एक है जिसे हम एक्सपोर्ट कर पाए हैं। हमने इसे तीन दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को बेचने के लिए कॉन्ट्रैक्ट या समझौते किए हैं - शुरुआत फिलीपींस से हुई, और अब इसमें इंडोनेशिया और वियतनाम भी शामिल हैं। इस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध में खुद को साबित किया है... इस मिसाइल का एक एयर-लॉन्च वर्जन भी है, जो मौजूद है और सुखोई विमानों पर बहुत सफल रहा है। इस खास सिस्टम में बहुत ज़्यादा क्षमता है, और मुझे उम्मीद है कि यह हमारे एक्सपोर्ट की रफ़्तार को बनाए रखने वाले मुख्य आधारों में से एक बना रहेगा," उन्होंने आगे कहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले ब्रह्मोस को सिर्फ़ एक मिसाइल नहीं, बल्कि देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं का प्रतीक बताया था। इस मिसाइल में पारंपरिक वॉरहेड और एडवांस्ड गाइडेड सिस्टम है और इसमें सुपरसोनिक स्पीड से लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता है। स्पीड, सटीकता और ताकत का यह कॉम्बिनेशन ब्रह्मोस को दुनिया के बेहतरीन सिस्टम में से एक बनाता है।
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भारतीय रक्षा उपकरण अब 80 से ज़्यादा देशों तक पहुँच रहे हैं। वित्त वर्ष (FY) 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 23,622 करोड़ रुपये के आँकड़े से 14,802 करोड़ रुपये (62.66%) की भारी बढ़ोतरी है। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) और निजी क्षेत्र ने इसमें क्रमशः 54.84% और 45.16% का योगदान दिया है। पिछले साल की तुलना में DPSUs के निर्यात में 151% की बढ़ोतरी हुई, जबकि निजी कंपनियों ने 14% की वृद्धि दर्ज करके अपनी मज़बूत मौजूदगी दिखाई। योगदान के मूल्य के हिसाब से, निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात किया, जबकि DPSUs ने 21,071 करोड़ रुपये का योगदान दिया। पिछले वित्त वर्ष में उनके आँकड़े क्रमशः 15,233 करोड़ रुपये और 8,389 करोड़ रुपये थे।
Flydubai विमान में सह-पायलट के हमले की UAE ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच
दुबई, एक अक्टूबर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान में हुई उस घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसके चलते विमान का रास्ता बदलना पड़ा था और उसे सऊदी अरब में उतरना पड़ा था। यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ‘फ्लाईदुबई’ की एफजेड1073 उड़ान से जुड़ी घटना पर “बारीकी से नजर” रख रहा है, जिसे बुधवार को सऊदी अरब के तबुक हवाईअड्डे पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित कोशिश नाकाम कर दी थी।
हालांकि, इस दौरान कॉकपिट में संघर्ष के दौरान सह-पायलट ने मच्छार को कथित तौर पर चाकू घोंप दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। बयान के मुताबिक, यूएई के अटॉर्नी-जनरल काउंसलर हमद अल शम्सी ने घटना के पीछे के हालात और कारणों की जांच के लिए लोक अभियोजन के विशेषज्ञ सदस्यों वाली एक टीम गठित करने का आदेश दिया है।
यह घटनाक्रम ‘फ्लाईदुबई’ की इस घोषणा के बाद आया है कि विमान के कॉकपिट में हाथापाई की घटना हुई थी, जिसके बाद उसमें मौजूद चालक दल के सदस्यों को दखल देना पड़ा और विमान को सुरक्षित करना पड़ा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लागू कानूनों के अनुसार, मामले की जांच यूएई के न्यायिक अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आती है, क्योंकि विमान यूएई में पंजीकृत है और उस पर यूएई का झंडा लगा हुआ है। उसने कहा कि विमान में हुए आपराधिक कृत्यों पर यूएई का कानून लागू होता है, भले ही वे देश की सीमा के बाहर हुए हों।
दुबई में स्थित ‘फ्लाईदुबई’ यूएई सरकार के स्वामित्व वाली एक प्रमुख विमानन कंपनी है। मंत्रालय ने कहा कि जांच अधिकारी घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों और वजहों की पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें आतंकवादी गतिविधि या मंशा से संभावित संबंध के अलावा यह भी शामिल है कि क्या इसके लिए पहले से कोई योजना बनाई गई थी या निर्देश दिए गए थे। यूएई ने घटना से निपटने में सहयोग के लिए सऊदी अधिकारियों की तारीफ भी की।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘डब्ल्यूएएम’ की खबर के मुताबिक, जांच टीम ने सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (जीसीएए) और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय में अपना काम शुरू कर दिया है। खबर के अनुसार, अल शम्सी ने अधिकारियों को घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मकसद की जांच करने का निर्देश दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि “कहीं इसका संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या मंशा से तो नहीं है, या फिर इसमें पहले से कोई योजना या निर्देश तो शामिल नहीं थे।” खबर में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी और डेटा पर भरोसा करने तथा जांच पूरी होने तक अटकलों या अविश्वसनीय जानकारी को फैलाने से बचने के महत्व पर भी जोर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया।
उन्होंने बताया कि इसका सह-पायलट ओमान का नागरिक बताया जा रहा है और उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
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