एक कचोरी, दो समोसा..: कहां से आया ये वायरल नारा? हिमंत सरमा ने भी बनाया पोस्ट, CJP से जुड़ा है कनेक्शन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। सरमा ने 1 अक्टूबर को भीड़ के साथ अपनी सेल्फी शेयर करते हुए लिखा, 'एक कचोरी, दो समोसा, आप सबका मेरे ऊपर भरोसा।' खास बात यह है कि “एक कचोरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा” इन दिनों दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर हुए प्रदर्शनों का चर्चित नारा बना हुआ है। दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न प्रदर्शनों के वीडियो में यह नारा सुनाई दिया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
सरमा के पोस्ट में वायरल लाइन का आखिरी हिस्सा बदलकर “आप सबका मेरे ऊपर भरोसा” किया गया है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट को लेकर चर्चा शुरू हुई। वहीं, असम में सरमा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच भी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बयानबाजी चल रही है।
आखिर कहां से आया ‘एक कचोरी, दो समोसा’?
दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर हुए प्रदर्शनों में कई रचनात्मक और तुकबंदी वाले नारे लगाए गए। इनमें “एक कचोरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा” सबसे ज्यादा चर्चा में आया। इसके अलावा “क्यूटी नहीं, क्रांति हूं”, “हम औरतें अपने आप की, ना किसी के बाप की” और “एक सुट्टा, दो चाय, मर्द जात हाय-हाय” जैसे नारे भी सोशल मीडिया पर शेयर किए गए।
इन नारों का इस्तेमाल महिला सुरक्षा, स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों में किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के मार्च में भी ऐसे नारे सुनाई दिए।
‘एक कचोरी, दो समोसा’ नारे का मतलब क्या है?
वायरल लाइन:
“एक कचोरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा”
यह लाइन हालिया महिला सुरक्षा प्रदर्शनों में लगाए गए तुकबंदी वाले नारों में शामिल है। दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के वीडियो में यह नारा सुनाई दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हुआ।
इसी वायरल फॉर्मेट को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अलग संदर्भ के साथ इस्तेमाल किया। उन्होंने भीड़ के साथ सेल्फी शेयर करते हुए लिखा:
“एक कचोरी, दो समोसा, आप सबका मेरे ऊपर भरोसा।”
यानी प्रदर्शन के वायरल नारे में जहां “इन मर्दों का क्या भरोसा” कहा गया था, वहीं सरमा ने उसे बदलकर “आप सबका मेरे ऊपर भरोसा” कर दिया। यही समानता उनके पोस्ट को चर्चा में ला रही है।
एक और दिलचस्प कनेक्शन: कुछ मीडिया रिपोर्टों ने इस वायरल वाक्यांश की समानता को टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के पुराने संवाद से भी जोड़ा है, हालांकि मौजूदा महिला प्रदर्शन वाला नारा इसी पुराने संवाद से सीधे लिया गया था, यह स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं है।
महिला सुरक्षा प्रदर्शनों में क्यों गूंजे ये नारे?
दिल्ली में महिला सुरक्षा और महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर हाल के प्रदर्शनों में छात्राओं ने पोस्टर और नारों के जरिए अपनी बात रखी। रिपोर्टों में इन प्रदर्शनों का तत्काल संदर्भ दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क के पास 17 वर्षीय लड़की से कथित गैंगरेप की घटना बताया गया है।
प्रदर्शनों में “रेपिस्ट को अंदर करो, लड़कियों को नहीं”, “हम औरतें आजाद हैं” और “क्यूटी नहीं, क्रांति हूं” जैसे संदेश भी सामने आए। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल को लेकर सवाल उठाए।
Ek kachori, do samosa… aap sabka mere upar bharosa! ❤️???????? pic.twitter.com/uTrgym56Cs
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 1, 2026
हिमंत सरमा ने पोस्ट में क्या लिखा?
हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 अक्टूबर को अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा:
“Ek kachori, do samosa… aap sabka mere upar bharosa!
उनकी पोस्ट को लेकर रिपोर्टों में इसे सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड से जोड़कर देखा गया है।
यहां कहानी का ट्विस्ट
महिला प्रदर्शन:
“एक कचोरी, दो समोसा... इन मर्दों का क्या भरोसा”
हिमंत सरमा:
“एक एक कचोरी, दो समोसा... आप सबका मेरे ऊपर भरोसा”
यही शब्दों का बदलाव इस पोस्ट को सामान्य भीड़ की तस्वीर से अलग बनाता है।
CJP से भी चल रही हिमंत सरमा की जुबानी जंग
हिमंत सरमा की यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और असम सरकार के बीच सोशल मीडिया पर लगातार बयानबाजी हो रही है।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को 27 सितंबर को गुवाहाटी में संगठन की प्रस्तावित क्षेत्रीय बैठक से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। CJP नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। बाद में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।
स्कूलों के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट और जवाबी पोस्ट का सिलसिला देखने को मिला। सरमा ने एक सरकारी स्कूल का वीडियो साझा किया था, जिस पर रांका ने स्कूल की तारीफ करते हुए दिसपुर और रामपुर के स्कूलों की स्थिति सुधारने की अपील की।
‘हिमंत बिस्वा डर गया’ पर भी हुआ था पलटवार
27 सितंबर की हिरासत की घटना के बाद CJP नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए गए। इसके बाद 29 सितंबर को हिमंत सरमा ने अपनी तस्वीर के साथ “हिमंता बिस्वा डर गया ????” लिखा था। मीडिया रिपोर्टों ने इसे CJP नेता आशुतोष रांका के आरोपों के जवाब के रूप में रिपोर्ट किया।
इसके बाद 30 सितंबर को रांका ने स्कूलों की नई गाइडलाइन को लेकर भी मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए और पूछा कि अगर असम के स्कूल इतने अच्छे हैं तो स्कूलों में प्रवेश पर रोक क्यों लगाई जा रही है। यह रांका का आरोप/सवाल था।
2 अक्टूबर को CJP का क्या कार्यक्रम है?
CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की थी। हालांकि, शिवाजी पार्क में कार्यक्रम की अनुमति को लेकर मुंबई पुलिस की ओर से आपत्ति/इनकार की रिपोर्ट सामने आई है। इसलिए इस हिस्से को खबर में “CJP ने प्रदर्शन का ऐलान किया था” के रूप में लिखना ज्यादा सटीक रहेगा, न कि यह कि कार्यक्रम निश्चित रूप से शिवाजी पार्क में होगा।
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