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ट्रंप का ‘सुपर इंटेलिजेंस’ प्लान: AI से सुरक्षा, सुविधा और रोजगार पर क्या होगा असर?

Trump AI Policy : अमेरिका में एआई को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने टेक कंपनियों के साथ हुई खास बैठक में एआई सेफ्टी, बड़े डेटा सेंटर और ‘सुपर इंटेलिजेंस’ जैसे मुद्दों पर चर्चा की. जानिए इसका आप पर क्या असर होगा?

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Sensex 571 अंक टूटकर 71,910 पर बंद, Nifty 22,422 पर फिसला

मुंबई, एक अक्टूबर विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली, बॉण्ड पर ऊंचे प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सेंसेक्स और निफ्टी बृहस्पतिवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,909.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,187.41 अंक तक टूटकर 71,292.88 अंक के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,421.95 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटर्नल में सबसे अधिक गिरावट रही। वहीं, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक के शेयर बढ़त में रहे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 10,148.41 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। बुधवार तक लगातार पांच कारोबारी सत्रों में एफआईआई 34,203.14 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेच चुके हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 2.77 प्रतिशत बढ़कर 100.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “बाजार में बिकवाली मुख्य रूप से बाहरी कारकों से प्रेरित रही है। बॉण्ड पर प्रतिफल कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।” बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.96 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट 0.71 प्रतिशत के नुकसान में रहा। बीएसई के क्षेत्रवार सूचकांकों में वाहन क्षेत्र में 3.09 प्रतिशत, धातु में 2.18 प्रतिशत, जिंस में 1.90 प्रतिशत, सार्वजनिक सेवाओं में 1.71 प्रतिशत, आवास वित्त क्षेत्र में 1.52 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.51 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र में 1.35 प्रतिशत की गिरावट रही।

सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, बीमा और अस्पताल क्षेत्र के सूचकांक बढ़त में रहे। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के संपत्ति प्रबंधन शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘निफ्टी-50 पिछले आठ सप्ताह में 7.9 प्रतिशत गिर चुका है। यह 2020 के बाद से इसकी सबसे लंबी गिरावट का दौर है और सूचकांक छह महीने के निचले स्तर पर आ गया है।’’ एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए।

यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। शोध विश्लेषक कंपनी एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘अमेरिका में 10 साल के बाण्ड पर ब्याज दर बढ़कर करीब 5.34 प्रतिशत होने से डॉलर में निवेश का आकर्षण बढ़ा है और उभरते बाजारों के शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव बढ़ा है।’’ उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं।

एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिका में बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और रुपये में तेज गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ने के कारण भारतीय शेयरों में बृहस्पतिवार को भारी बिकवाली हुई। इसका असर प्रमुख सूचकांक से आगे भी देखने को मिला और मझोली तथा छोटी कंपनियों के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए।’’ साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68 प्रतिशत और निफ्टी 718.55 अंक यानी 3.10 प्रतिशत नीचे आया है। सेंसेक्स सितंबर में 4,476.98 अंक यानी 5.81 प्रतिशत और निफ्टी 1,459.95 अंक यानी छह प्रतिशत टूट चुका है।

‘गांधी जयंती’ के अवसर पर शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। सेंसेक्स बुधवार को 48.78 अंक यानी 0.07 प्रतिशत टूटकर 72,480.29 अंक पर और निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,620.45 अंक पर बंद हुआ था।

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  Sports

Shubman Gill की नजरें Clean Sweep पर, तीसरे ODI में Ravindra Jadeja की फॉर्म पर टिकी नजर

 पहले दो मैच में जीत हासिल करके क्लीन स्वीप की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी गेंदबाजी की गुत्थी सुलझानी होगी जिसमें अनुभवी रविंद्र जडेजा के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे।

 इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं। सीरीज में पहले ही अजेय बढ़त ले चुकी भारतीय टीम अब अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर रही है। 

दोनों मैचों में पहले 10 ओवरों में सिर्फ एक विकेट मिला है और दोनों पावरप्ले में 177 रन लुटाए गए। भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। गिल बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का 2024 से घरेलू वनडे मैचों में औसत 79.3 है और इस सीरीज में वह पहले ही एक शतक और एक दोहरा शतक लगा चुके हैं। गिल की नाबाद 223 रन की पारी की मदद से भारत ने पिछले मैच में रिकॉर्ड 406 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी इस सीरीज में उपयोगी पारियां खेलने का मौका मिला। लेकिन अब तक केवल चार भारतीय बल्लेबाजों को ही बल्लेबाजी का मौका मिला है। केएल राहुल, नमन धीर और जडेजा ने अभी तक बल्लेबाजी नहीं की है। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। 

मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे। भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। 

गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा। मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। 

वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जॉन कैंपबेल ने दोनों मैचों में टीम को विस्फोटक शुरुआत दी है, वहीं कप्तान शाई होप ने सही समय पर तेजी दिखाने से पहले पारी को संवारने की अहम भूमिका निभाई है। हालांकि उसकी टीम शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज़ और कीमो पॉल से उपयोगी योगदान की उम्मीद करेगी।

 टीम इस प्रकार हैं:

 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर। 

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा।

Fri, 02 Oct 2026 14:04:00 +0530

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