आज का एक्सप्लेनर:क्या वाकई 9/11 जैसी घटना होना तय था; उन 72 मिनटों की कहानी, खून से लथपथ कैप्टन स्मित ने कैसे बचाया
30 सितंबर 2026, सुबह 9 बजकर 21 मिनट। सऊदी अरब के आसमान में अचानक एक प्लेन मुंह के बल नीचे गिरने लगा। कुछ मिनट के भीतर 34 हजार फीट की ऊंचाई से 17 हजार फीट पर आ गया। रफ्तार भी 760 से बढ़कर 1110 किमी/घंटा हो गई। विमान में बैठे यात्री आखिरी प्रार्थना करने लगे। लेकिन कॉकपिट के भीतर खून से लथपथ एक ‘हीरो’ की हिम्मत और जज्बे ने सभी 180 जानें बचा लीं। नाम है- कैप्टन स्मित मच्छर। इजराइल के पीएम नेतन्याहू, भारतीय पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कैप्टन स्मित की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्होंने 9/11 जैसा बड़ा हादसा होने से बचा लिया। आखिर कौन हैं स्मित मच्छर, कॉकपिट में क्या हुआ और क्या वाकई 9/11 जैसा हादसा टला; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कॉकपिट में क्या हुआ कि अचानक गिरने लगा था विमान? जवाबः ये फ्लाईदुबई एयरलाइन का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था। स्थानीय समयानुसार सुबह 7:05 बजे प्लेन ने UAE के दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित और एक को-पायलट मौजद था। फ्लाइट इजराइल के तेल अवीव शहर जा रही थी। करीब 8 बजे प्लेन 35,000 फीट की हाइट पर था। टेक ऑफ के करीब ढाई घंटे बाद तक सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा। प्लेन UAE के एयर स्पेस से निकलकर सऊदी अरब के आसमान पहुंचा। इसके बाद अचानक सब कुछ बदल जाता है…. सवाल-2: स्मित लहूलुहान थे, तो फ्लाइट कैसे सुरक्षित लैंड हुई? जवाबः पहले यात्री, जो कॉकपिट में दाखिल हुए, वो यानिव हायून थे। फ्लाइट FZ 1073 की सुरक्षित लैंडिंग के बाद नेतन्याहू ने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर यानिव से मुलाकात की और उन्हें गले लगाकर शाबाशी दी। पेशे से प्लंबर यानिव ने नेतन्याहू को बताया कि प्लेन में एक ऑफ-ड्यूटी पायलट भी मौजूद थे। दोनों ने मिलकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में कामयाब नहीं हुए। हालांकि बेहोश होने से पहले स्मित ने दरवाजा खोल दिया। तब अंदर पहुंचे यानिव ने बताया, 'पायलट्स की दोनों सीटें खाली थीं। मैंने देखा एक पायलट फर्श पर लहूलुहान पड़ा था और दूसरा पायलट दोनों सीटों के बीच कंट्रोल पैनल पर चढ़ा था।' यानिव ने को-पायलट की गर्दन पकड़कर उसे पीछे की तरफ कॉकपिट से बाहर घसीट लिया। नेतन्याहू के पूछने पर यानिव ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि वो कंट्रोल पैनल के साथ छेड़छाड़ करने या उसे डैमेज करने की कोशिश कर रहा था। यानिव ने दूसरे यात्रियों को आवाज दी। सभी ने मिलकर आरोपी को-पायलट को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया। को-पायलट को काबू करने वाले तीन इजराइली यात्रियों में शामिल त्जिका मानेस के मुताबिक, हमलावर पायलट को काबू करने में करीब 20-25 मिनट लगे। तीनों ने तार वाले हेडफोन से उसे बांध दिया। इसके बाद यानिव ने कंट्रोल स्टिक्स पकड़कर पीछे खींचे, ताकि विमान ऊपर उठ सके। नेतन्याहू ने पूछा, 'क्या आपने वाकई ऐसा किया था?' इस पर यानिव ने हंसते हुए जवाब दिया, 'हां मैंने स्टिक्स पूरी तरह पीछे खींच दी थीं। मैं प्लेन हादसों के इन्वेस्टीगेशन देखता रहता हूं।' स्टिक्स खींचने के बाद विमान कुछ स्थिर होने लगा। यानिव के मुताबिक, केबिन में दो पायलट मौजूद थे। वो शुरू में सदमे में लग रहे थे। यानिव ने उनसे चिल्लाकर प्लेन का कंट्रोल लेने को कहा। एक पायलट ने कंट्रोल हाथ में ले लिया और जहाज को सऊदी अरब के ताबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया। 10:45 बजे प्लेन सुरक्षित एयर पोर्ट पर उतर गया। फ्लाइट में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने स्मित का शुरुआती इलाज किया। यानिव ने कहा, ‘हमने आखिरी तक उन्हें जीवित रखा।’ नेतन्याहू ने खून से सने कपड़े पहने यानिव से पूछा, 'आपको पता है कि आप क्या रहे थे?' यानिव ने जवाब दिया, 'हम शेरों का देश हैं।' दरअसल, यहूदियों की बाइबिल में यहूदियों की तुलना उठकर खड़े होते हुए शेर से की गई है। जून 2025 में ईरान पर हुए इजराइली हमले का नाम भी- 'राइजिंग लायन' था। ये पूरी कहानी फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा, इजराइली रिपोर्ट्स, सऊदी अधिकारियों और यात्रियों के बयानों के आधार पर है। जांच अभी जारी है इसलिए घटनाओं के सीक्वेंस में बदलाव हो सकता है। नेतन्याहू ने यानिव से कहा, ‘तुम्हारे बिना यह एक और 9/11 हो सकता था। इस पर यानिव ने भी कहा कि उनके हिसाब से को-पायलट का यही इरादा था। सवाल-3: क्या वाकई 9/11 जैसी घटना हो सकती थी? जवाबः 11 सितंबर 2001 को आतंकी संगठन अलकायदा के 19 आतंकियों ने 4 घरेलू अमेरिकी विमान हाईजैक कर लिए थे। इनमें से दो को न्यूयॉर्क के ट्विन टावर और एक को अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन की बिल्डिंग से टकराकर क्रैश करवा दिया था। चौथा प्लेन व्हाइट हाउस पर क्रैश होने वाला था, लेकिन यात्रियों की सूजबूझ से पेन्सिलवेनिया के खाली मैदान में क्रैश हुआ। करीब 2900 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। यह दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जाता है। यानिव और नेतन्याहू के अलावा कई इजराइली पत्रकारों और आम लोगों ने स्मित के को-पायलट को आतंकी कहा है। नेतन्याहू ने यानिव से बातचीत में कहा, ‘अगर विमान इजराइल पहुंच जाता, तो न जाने क्या होता।’ पीएम मोदी ने भी नेतन्याहू की 9/11 जैसा हमला टलने की बात दोहराई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी को-पायलट ओमान का नागरिक है। इसकी जांच हो रही है कि वह इजराइल आने वाली फ्लाइट का पायलट कैसे बना और क्या इसके लिए उसने ओमान के अलावा इजराइल या किसी और देश की नागरिकता भी हासिल की थी। इजराइली मीडिया सोर्सेज के मुताबिक, वह फ्लाईदुबई एयरलाइंस में एक साल से भी कम समय से काम कर रहा था। यानिव के मुताबिक, वो प्लेन के कंट्रोल्स से छेड़छाड़ कर रहा था। हालांकि फ्लाईदुबई ने हमले के पीछे को-पायलट की मंशा पर कोई बयान नहीं दिया है। उसे इलाज के बाद पूछताछ के लिए UAE ले जाया गया है। अमेरिकी एविएशन एक्सपर्ट जेफ गुजेटी के मुताबिक, ‘प्लेन 10 हजार फीट के नीचे चला जाता, तो उसे क्रैश होने से बचाना मुमकिन नहीं होता। इजराइल ने भी 9/11 जैसा हमला टालने के लिए प्लेन को हवा में ही मार गिराने की तैयारी कर ली थी।’ इजराइली न्यूज पोर्टल वाईनेट ग्लोबल के मुताबिक, इजराइली एयरफोर्स के पायलट जॉर्डन में तैनात थे। अगर प्लेन इजराइल सीमा के अंदर क्रैश होने वाला होता, तो उसे हवा में शूट कर दिया जाता। सवाल-4: कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर और अब उनकी हालत कैसी है? जवाबः मूलतः गुजरात के रहने वाले 39 साल के स्मित परिवार के साथ शुरुआत में मुंबई के घाटकोपर (ईस्ट) में रहते थे। स्मित के मुताबिक, पायलट बनना उनका बचपन का सपना नहीं था। परिवार का कपड़े का पुराना कारोबार है। स्कूली पढ़ाई के बाद स्मित ने कपड़े के व्यापार से जुड़ा टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का कोर्स किया। इसके बाद वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से BBA की डिग्री ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक एविएशन सेमिनार अटेंड करने के दौरान उन्हें पायलट बनने का ख्याल आया। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के एक इंस्टीट्यूट से पायलट ट्रेनिंग ली। इसमें करीब 17 लाख रुपए खर्च हुए। इस हादसे के बाद स्मित का 2025 का एक पॉडकास्ट चर्चा में है। इसमें स्मित बता रहे हैं कि पायलट बनने के फैसले से उनकी मां डर गई थीं, लेकिन पिता बिल्कुल शांत थे। 2011 में स्मित बतौर कमर्शियल पायलट मुंबई में स्पाइसजेट एयरलाइंस से जुड़े। स्मित के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले बेंगलुरु से दिल्ली की फ्लाइट उड़ाई। ये एक बोइंग विमान था। स्मित ने 11 साल स्पाइसजेट के विमान उड़ाए। नवंबर 2020 में स्मित ट्रेनिंग कैप्टन बने। इसके बाद वो दूसरे पायलट्स को फ्लाइंग ट्रेनिंग देते थे। जून 2022 में स्मित UAE की एयरलाइंस फ्लाईदुबई से जुड़ गए। यहां वह कैप्टन की पोस्ट पर हैं। कमर्शियल फ्लाइट्स में कैप्टन को पायलट-इन-कमांड कहते हैं। उड़ान के दौरान को-पायलट भी अहम भूमिका निभाता है, लेकिन विमान की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी, उसका कंट्रोल और इमरजेंसी के समय आखिरी निर्णय कैप्टन ही लेता है। फिलहाल स्मित अपने दो बच्चों और पत्नी के साथ दुबई में ही रहते हैं। अक्टूबर 2025 के पॉडकास्ट में स्मित ने फ्लाइट की सिक्योरिटी और विमान में डॉक्टर्स और क्रू मेंबर्स की अहमियत के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, 'जब हम ऊपर होते हैं और अगर कुछ हो जाए, तो आपको कौन बचाएगा? आप भाग्यशाली होंगे अगर फ्लाइट में कोई डॉक्टर मौजूद हो, वे आपकी जान बचा सकते हैं।' स्मित ने एक और किस्सा बताया कि फ्लाइट के दौरान एक प्रेग्नेंट महिला को लेबर पेन शुरू हो गया था। ऐसे में उन्होंने एक नजदीकी एयरपोर्ट ढूंढकर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। घायल होने के बाद स्मित बेहोश हो गए थे, उन्हें सऊदी के तबुक के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन पर हमले के आरोपी को-पायलट को भी इसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मित की सर्जरी हुई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास नजर बनाए हुए हैं और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बताया है कि उन्होंने कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से बात की है। --------- ये खबर भी पढ़िए… अभिनंदन ने वायुसेना छोड़कर प्राइवेट एयरलाइन क्यों जॉइन की; उन्हें छुड़ाने के लिए भारत ने पाकिस्तान पर मिसाइलें तान दी थीं मिग-21 से पाकिस्तानी F-16 गिराने वाले फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान ने प्राइवेट एयरलाइन जॉइन कर ली है। उन्होंने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना छोड़ दी, जबकि सामान्य रिटायरमेंट 2037 में होना था। अभिनंदन अब गोवा की प्राइवेट एयरलाइन कंपनी ‘FLY 91’ के लिए ATR विमान उड़ाएंगे। पूरी खबर पढ़िए…
मैट्रेस-कारपेट बनाने वाली सर्वा फोम IPO लाएगी:सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए, यह PU फोम बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी
देश की सबसे बड़ी रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन फोम मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर कंपनी सर्वा फोम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने IPO के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) यानी ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए हैं। कंपनी अपने इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के तहत ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर जारी करेगी। इसमें 54,00,000 इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर कुणाल ज्ञानी के 13,50,000 इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी बुक-रनिंग लीड मैनेजर के साथ चर्चा करके रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल करने से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है। अगर प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पूरा होता है, तो उससे जुटाई गई राशि को फ्रेश इश्यू में से घटा दिया जाएगा। IPO और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी बड़ी बातें रीबॉन्डेड पीयू फोम में 33% मार्केट शेयर, ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया तक एक्सपोर्ट साल 2018 में शुरू हुई भोपाल बेस्ड सर्वा फोम इंडस्ट्रीज रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन फोम की स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरर और ट्रेडर है। कंपनी सर्कुलर-इकोनॉमी बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जो पीयू फोम के ट्रिम्स और ऑफ-कट्स को वैल्यू-एडेड रीबॉन्डेड फोम प्रोडक्ट्स में बदलती है। डीएंडबी (DB) रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में करीब 33% अनुमानित मार्केट शेयर के साथ यह भारत में रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन (PU) फोम की सबसे बड़ी प्लेयर और सबसे बड़ी एक्सपोर्टर कंपनी है। भारत के बाहर कंपनी अपने प्रोडक्ट्स ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कतर और आयरलैंड जैसे देशों में सप्लाई करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 15,500 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। कंपनी के पास दो विदेशी सब्सिडियरीज भी हैं- सर्वा ग्लोबल वेंचर्स लिमिटेड और इसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी सर्वा फोम यूके लिमिटेड, जो इंग्लैंड और वेल्स के कंपनी अधिनियम- 2006 के तहत रजिस्टर्ड हैं। कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे और प्रोडक्ट्स की रेंज कंपनी मेमरी फोम, हाई रेजिलिएंस (HR) रीबॉन्डेड फोम और फायर-रिटार्डेंट फोम जैसे स्पेशलाइज्ड फोम ग्रेड्स बनाती है। इसके रीबॉन्डेड फोम शीट्स 60 kg/m³ से 120 kg/m³ की डेंसिटी रेंज में आते हैं। वहीं रीबॉन्डेड कारपेट अंडरलेज 3.5 मिमी से 11 मिमी की मोटाई (थिकनेस) में अवेलेबल हैं। कंपनी के पास कस्टमर्स की मांग के अनुसार कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स डिलीवर करने की इन-हाउस कैपेसिटी भी हैं। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹206.12 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹174.84 करोड़ था। NSE और BSE पर लिस्ट होंगे कंपनी के शेयर्स शेयर बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इश्यू का रजिस्ट्रार है। कंपनी के इक्विटी शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बीएसई लिमिटेड (BSE) पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है। क्या होता है रीबॉन्डेड पीयू फोम और DRHP?
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