आशा पारेख: रिजेक्शन की निराशा से निकलकर बनीं हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री, सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने की प्रेरक कहानी
मुंबई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री आशा पारेख का नाम हिंदी सिनेमा के उस दौर से जुड़ा है, जब उनकी फिल्मों के गाने, उनका डांस और उनकी स्क्रीन मौजूदगी दर्शकों के बीच खूब पसंद की जाती थी, लेकिन एक समय ऐसा था कि जब उन्हें फिल्म में हीरोइन के तौर पर काम के लिए सिर्फ 11 रुपए मिले थे और कुछ दिनों की शूटिंग के बाद यह कहकर फिल्म से निकाल दिया गया कि वह 'स्टार मैटीरियल' नहीं हैं। इसके बाद जो हुआ, उसने आशा पारेख की पूरी जिंदगी बदल दी।
आशा पारेख: रिजेक्शन की निराशा से निकलकर बनीं हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री, सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने की प्रेरक कहानी
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