Record Tax Collection: सितंबर में GST कलेक्शन 14.7% बढ़कर ₹2.03 लाख करोड़ पार, पहली छमाही में भी जबरदस्त बढ़त
त्योहारों के ठीक पहले भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकारी तिजोरी के लिहाज से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय द्वारा सितंबर महीने के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार इस महीने कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ₹2,03,521 करोड़ दर्ज किया गया है।
यह आंकड़ा पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 14.7% अधिक है, जो बाजार में लगातार बढ़ती गतिविधियों को दर्शाता है। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच का संचयी कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा है, जो बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11.6% अधिक दर्ज किया गया है।
सितंबर में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ने पार किया 2.03 लाख करोड़ का आंकड़ा
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में देश का कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 14.7 प्रतिशत की जोरदार और शानदार बढ़त के साथ ₹2,03,521 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
त्योहारी सीजन की आहट और बाजारों में बढ़ती रौनक के बीच टैक्स कलेक्शन में आई यह भारी तेजी देश के मजबूत कारोबारी माहौल और सुदृढ़ होती वित्तीय व्यवस्था का सीधा प्रमाण है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि कर अनुपालन बेहतर होने और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से यह मुकाम हासिल हुआ है।
घरेलू गतिविधियों और आयात रेवेन्यू में दर्ज किया गया जबरदस्त उछाल
सितंबर महीने के इस ऐतिहासिक और शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख मोर्चों पर हुई मजबूत कमाई का बहुत बड़ा योगदान रहा है। देश के भीतर होने वाली घरेलू आर्थिक गतिविधियों से प्राप्त होने वाला जीएसटी कलेक्शन 10.1 प्रतिशत की ठोस वृद्धि के साथ लगभग ₹1.38 लाख करोड़ दर्ज किया गया।
इसके साथ ही, विदेशी मोर्चे पर आयात से मिलने वाले राजस्व में सबसे बड़ी यानी 26 प्रतिशत की भारी छलांग देखने को मिली है, जिससे आयात रेवेन्यू अकेले बढ़कर ₹65,525 करोड़ के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 11.6% की मजबूत कुल वृद्धि
मासिक मोर्चे पर मिले शानदार आंकड़ों के साथ-साथ चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर तक के संचयी डेटा भी बेहद उत्साहजनक रहे हैं।
इस पूरी पहली छमाही के दौरान देश का कुल जीएसटी कलेक्शन बढ़कर ₹12,46,278 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.6% अधिक है। यह इस बात का सबूत है कि देश की अर्थव्यवस्था किसी अल्पकालिक उछाल के बजाय एक लंबी और स्थिर विकास दर के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
फेस्टिव सीजन से पहले बाजार में तेजी और सरकार को मिला वित्तीय संबल
देशभर में शुरू होने जा रहे फेस्टिव सीजन और त्योहारी खरीदारी से ठीक पहले टैक्स कलेक्शन के इन मजबूत आंकड़ों ने सरकार के पास विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं।
बाजार में लगातार बनी हुई यह भारी मांग, बेहतर उपभोक्ता विश्वास और उपभोग का ऊंचा स्तर यह साबित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिरता और तीव्र विकास के मार्ग पर मजबूती से डटी हुई है।
योगी ने अत्याधुनिक पुलिस वाहनों को दिखाई हरी झंडी, अधिकारियों को ‘राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार व मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार’ से अलंकृत किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राजधानी लखनऊ में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहनों (चारपहिया एवं दोपहिया) के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने पुलिस वाहनों को रवाना किया, सीएम योगी ने इस मौके पर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले ‘कीर्ति चक्र’ से अलंकृत (मरणोपरांत) यूपी पुलिस (STF) के वीर सेनानी स्व. सुनील कुमार की धर्मपत्नी को सम्मानित किया एवं जनसुरक्षा को ध्येय मानकर देश सेवा में रत ‘राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार व मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार’ से अलंकृत पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी, ‘पद्म श्री’ श्री प्रकाश सिंह जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया।
योगी ने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने जो कार्य किया उसने यूपी का गौरव बढ़ाया है और पहली बार यूपी को कीर्ति चक्र मिला है हमें आज उनकी पत्नी को यहाँ सम्मानित किया है इसके अलावा 16 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को राष्ट्रपति के वीरता पदक से और उत्तर प्रदेश पुलिस एक 10 अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के वीरता पदक से सम्मानित किया है मं इन सभी को बधाई देता हूँ।
विचार, व्यवहार में टेक्नोलॉजी जुड़ती है तो परिणाम सुखद आते हैं
योगी ने कहा आज हमने इंटरसेप्टर वाहनों को भी आज लॉन्च किया है वैचारिक पक्ष भी है और व्यावहारिक पक्ष वीरता के रूप में देखने को मिला है जब विचार और व्यवहार में टेक्नोलॉजी का समावेश होता है तो वह परिणाम भी उपलब्ध करवाता है। आज
यूपी पुलिस की जो पहचान बनी है, इसी का परिणाम है, लेकिन ध्यान रखना होगा इन तीनों में समन्वय बहुत जरूरी है।
यूपी पुलिस का सूत्र वाक्य- आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प
योगी ने कहा एक बंद चैंबर में हम किसी पर भी टिप्पणी कर सकते हैं वो अलग विषय है लेकिन बंद चैंबर के सुखद माहौल में तभी चिंतन कर सकते हैं, जब बेहतरीन सुरक्षा का माहौल हो, उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो, पद का गुरूर क्यों न हो, अगर उसकी सुरक्षा बाहर कर दी जाए तो उसे ‘भीगी बिल्ली’ बनने में बहुत देर नहीं लगेगी। एक सुरक्षित माहौल में स्वस्थ्य चिंतन हो सकता है, स्वस्थ्य और सुरक्षित माहौल में ही हम एक समृद्धि की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। यूपी पुलिस का सूत्र वाक्य ही है आपकी सुरक्षा हमारा संकल्प।
बंद चैंबर के सुखद माहौल में तभी चिंतन कर सकते हैं, जब बेहतरीन सुरक्षा का माहौल हो…
कोई भी व्यक्ति हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो, पद का गुरूर क्यों न हो, अगर उसकी सुरक्षा बाहर कर दी जाए तो उसे 'भीगी बिल्ली' बनने में बहुत देर नहीं लगेगी… pic.twitter.com/N1c0eGZu9x
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 1, 2026
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