वैज्ञानिकों के संगठन बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने डूम्सडे क्लॉक को 85 सेकंड टू मिडनाइट पर कर दिया है. संगठन का कहना है कि परमाणु जोखिम, जलवायु संकट और AI जैसी तकनीकों का बिना नियंत्रण विस्तार खतरों को बढ़ा रहा है. उसका जोर है कि देशों के बीच सहयोग और राजनीतिक हिम्मत से इन खतरों को कम किया जा सकता है.
The Bulletin of the Atomic Scientists set the Doomsday Clock to 85 seconds to midnight, citing growing risks from nuclear weapons, climate change impacts, and disruptive technologies such as AI and biotechnology without adequate controls. The group warned that rising geopolitical rivalry is weakening international cooperation, but said the clock can be turned back through coordinated global action.
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आज सुबह महाराष्ट्र को झकझोर देने वाले विमान हादसे से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। बता दें कि इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ विमान उड़ा रहे दोनों पायलट कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार लियरजेट-45 विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग से ठीक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान वीएसआर वेंचर्स का था। गौरतलब है कि बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां सीमित तकनीकी सहायता उपलब्ध रहती है।
शांभवी पाठक ने 2018 में एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग ली थी। उनके पास मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स में स्नातक डिग्री थी और वे मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब में असिस्टेंट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी रह चुकी थीं। डीजीसीए ने उन्हें फ्रोजन एटीपीएल लाइसेंस जारी किया था।
वहीं कैप्टन सुमित कपूर इस उड़ान के पायलट-इन-कमांड थे और उनके पास 15,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था। पूर्व वायुसेना पायलट एहसान खालिद के मुताबिक दृश्यता सीमित थी और संभव है कि खराब मौसम, तकनीकी कारण या निर्णय संबंधी चूक मिलकर हादसे की वजह बने हों।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विमान ने पहली बार 8:18 बजे बारामती से संपर्क किया था। पहली लैंडिंग कोशिश में रनवे नजर न आने पर गो-अराउंड किया गया। दूसरी बार 8:43 बजे लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन उसके तुरंत बाद रनवे के पास आग की लपटें देखी गईं।
फिलहाल विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने निष्पक्ष और विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर छोटे एयरफील्ड्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे राज्य में शोक का माहौल बना हुआ हैं।
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