भारत में यात्री वाहनों की थोक बिक्री अप्रैल-अगस्त में 29 प्रतिशत बढ़ी
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2027 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, ऊंचे आधार के कारण पूरे वित्त वर्ष में यह वृद्धि घटकर 4 से 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, वाहन निर्माताओं (ओईएम) द्वारा हाल में घोषित कीमतों में बढ़ोतरी और उम्मीद से कमजोर मानसून ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकता है। इससे वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में वाहनों की बिक्री की मात्रा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2027 के पहले पांच महीनों में खुदरा बिक्री में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें हाल में लॉन्च किए गए नए मॉडलों की मजबूत मांग, गर्मियों में लंबे चले शादी के सीजन और संशोधित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों का लगातार सकारात्मक असर प्रमुख कारण रहे।
रिपोर्ट में कहा गया, “ऑपरेटिंग लीवरेज में बढ़ोतरी, लागत नियंत्रण उपायों और कीमतों में वृद्धि से वाहन निर्माताओं को मजबूत मार्जिन बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मार्जिन में करीब 200 आधार अंकों की गिरावट आई थी। कम कर्ज, मजबूत नकदी स्थिति और मजबूत प्रमोटर समूह के समर्थन से वाहन निर्माताओं की क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत रहने की संभावना है।”
अगस्त में प्री-फेस्टिव सीजन के लिए स्टॉक बढ़ाए जाने के कारण इन्वेंटरी का स्तर क्रमिक आधार पर पांच दिन बढ़कर 38-40 दिन हो गया। हालांकि, यह अगस्त 2025 के 56 दिनों के स्तर से काफी नीचे है।
यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) सेगमेंट की कुल उद्योग बिक्री में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और वित्त वर्ष 2027 के पहले पांच महीनों में यह 68 प्रतिशत रही। ग्राहकों की बदलती पसंद और कई नए मॉडलों की लॉन्चिंग से इस सेगमेंट को बढ़ावा मिला है।
जीएसटी दरों में कटौती के बाद एंट्री-लेवल कार सेगमेंट की मांग में कुछ सुधार हुआ है और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से इसकी बिक्री में तेजी देखी गई है।
कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) जैसे वैकल्पिक पावरट्रेन की हिस्सेदारी लगातार बढ़कर कुल बिक्री के 34 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नए मॉडलों की लॉन्चिंग और ईंधन भरने या चार्जिंग नेटवर्क में सुधार से इसे मदद मिली है।
वाहन निर्माताओं के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) अगले कुछ वित्त वर्षों में ऊंचा रहने का अनुमान है। यह सालाना 250-300 अरब रुपए यानी राजस्व के करीब 5-6 प्रतिशत के स्तर पर रहने की संभावना है।
इस कैपेक्स का एक बड़ा हिस्सा नए उत्पादों के विकास पर खर्च किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तकनीकी क्षमताओं या प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाना भी शामिल है।
--आईएएनएस
एबीएस
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स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026: CM रेखा गुप्ता ने कमला नेहरू रिज में किया श्रमदान, बोलीं- स्वच्छता नियमित आदत और सामूहिक जिम्मेदारी
1 अक्टूबर 2026: ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कमला नेहरू रिज में आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान में हिस्सा लिया. सीएम ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर रिज क्षेत्र में सफाई की और स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में जनभागीदारी का संदेश दिया.
‘स्वच्छता एक दिन का अभियान नहीं, नियमित आदत’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर व्यक्ति की नियमित आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने से आसपास के लोगों और पर्यावरण पर असर पड़ता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार होना जरूरी है.
सफाई के साथ स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी
सीएम ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन और नागरिकों, दोनों को अपनी भूमिका निभानी होगी. सफाई कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों को नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी, वहीं नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं और सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करें.
छात्रों और नागरिकों के साथ किया श्रमदान
कमला नेहरू रिज और दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों की भागीदारी को मुख्यमंत्री ने सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति की भागीदारी ऐसे अभियानों को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने में अहम भूमिका निभा सकती है.
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि सड़क, गली, पार्क, बाजार और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे अपनी साझा जिम्मेदारी मानें.
‘एक घंटे का श्रमदान तभी सार्थक, जब पूरे साल स्वच्छता रहे’
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान के तहत किया गया श्रमदान तभी सार्थक होगा, जब इसके बाद पूरे वर्ष स्वच्छता बनाए रखने की आदत कायम रहे. उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता, नागरिक जिम्मेदारी और नियमित स्वच्छता के जरिए दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के संकल्प को स्थायी रूप दिया जा सकता है.
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