Ajit Pawar Plane Crash: वीवीआईपी सफर, कम विजिबिलिटी और एक गलत फैसला? Commercial Pilot ने दी डिटेल जानकारी
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस चार्टर विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें डिप्टी सीएम भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम एक रैली में शामिल होने जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतना सुरक्षित माना जाने वाला वीवीआईपी चार्टर प्लेन आखिर क्रैश कैसे हो गया?
क्या बोले कमर्शियल पायलट सुजीत ओझा
इस पूरे मामले को समझने के लिए न्यूज़ नेशन से बातचीत में पायलट सुजीत ओझा ने कई अहम बातें बताईं. उनके मुताबिक यह विमान Learjet 45 XR था, जो बॉम्बार्डियर कंपनी का एक एडवांस चार्टर जेट है. इसकी कीमत करीब 10 मिलियन डॉलर बताई जाती है और इसे बेहद सुरक्षित विमान माना जाता है. यह कोई पुराना या खराब विमान नहीं था, बल्कि करीब 16 साल पुराना होने के बावजूद पूरी तरह फिट था.
सभी प्रोटोकॉल किए गए थे फॉलो
पायलट सुजीत ने बताया कि जब कोई वीवीआईपी यात्रा करता है, तो विमान की जांच और मेंटेनेंस सामान्य से कहीं ज्यादा सख्त होती है. इस फ्लाइट के दौरान भी सभी प्रोटोकॉल फॉलो किए गए थे. बारामती एयरपोर्ट पर उस समय करीब 2000 मीटर की विज़िबिलिटी थी, जो तकनीकी तौर पर लैंडिंग के लिए ठीक मानी जाती है. लेकिन समस्या ‘हेज़’ यानी सफेद धुंध की थी, जिसमें चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं.
इसलिए हो गया हादसा
जानकारी के मुताबिक पायलट ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन रनवे साफ न दिखने की वजह से गो-अराउंड करना पड़ा. यानी विमान को दोबारा हवा में उठाया गया. दूसरी कोशिश में टचडाउन तो हुआ, लेकिन विमान रनवे पर फिसल गया और हादसा हो गया.
टल सकता था ये हादसा
पायलट सुजीत का मानना है कि अगर पहली बार गो-अराउंड के बाद विमान को पास के किसी वैकल्पिक एयरपोर्ट, जैसे पुणे, पर उतार दिया जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था. वीवीआईपी यात्रा के दौरान पायलट पर गंतव्य तक पहुंचने का मानसिक दबाव भी रहता है, जो फैसलों को प्रभावित कर सकता है.
ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
अब हादसे की असली वजह ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही साफ होगी. कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर से यह पता चलेगा कि आखिरी पलों में पायलटों के बीच क्या बातचीत हुई और कौन-सा फैसला कहां गलत पड़ा. फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजरें आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं.
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ब्राजील के राष्ट्रपति लूला अगले महीने आएंगे भारत, द्विपक्षीय रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने पुष्टि की है कि वह फरवरी में आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। भारत यात्रा के बाद वह अमेरिका जाएंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भारत और दक्षिण कोरिया की यात्राओं के बाद फरवरी में वॉशिंगटन में मुलाकात होगी, जिसकी तारीखें जल्द तय की जाएंगी।
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला के नई दिल्ली में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने की संभावना है।
इससे पहले इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आने वाले वर्ष में इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और जन-से-जन संपर्क सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सुधारित बहुपक्षवाद के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला को शीघ्र भारत आने का आमंत्रण भी दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2025 में ब्राजील का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई, पारंपरिक चिकित्सा, योग, खेल, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की थी।
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, भारत-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के विस्तार और अगले पांच वर्षों में व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा करते हुए, हाइड्रोकार्बन और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी सहमति बनी।
इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिज, नई और उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटर, डिजिटल सहयोग और मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
--आईएएनएस
डीएससी
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