मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से बेइज्जत कर निकाले गए राजपाल यादव? जाने वायरल वीडियो का सच
Rajpal Yadav Viral Video: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर मुश्ताक खान (Mushtaq Khan) का 24 सितंबर को निधन हो गया था. वह फेफड़ों के कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. जिसके बाद उन्होंने मुंबई के नानावटी अस्पताल में 56 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. उनके अंतिम संस्कार पर बॉलीवुड का कोई भी बड़ा स्टार नहीं नजर आया था. जिसको लेकर सोशल मीडिया चर्चा देखने के लिए मिली. अब 30 सिबंतर को दिवंगत एक्टर के लिए प्रेयर मीट रखी गई. जिसमें कई बॉलीवुड कलाकारों ने शिरकत की थी. इस मौके पर राजपाल यादव भी नजर आए. उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया गया है कि उन्हें प्रेयर मीट से बेइज्जत कर बाहर निकाला गया. आइए जानते हैं कि इसकी सच्चाई क्या है.
पैपराजी ने घेरा राजपाल यादव को
मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में राजपाल यादव के अलावा पूनम ढिल्लों, राहुल रॉय, राखी सावंत, सुलभा आर्या, शहवाज खान जैसे तमाम सितारे दिखाई दिए. सभी उन्हें दिवंगत एक्टर को अंतिम विदाई दी. राजपाल यादव मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके परिवार से मिले. जब वो बाहर निकल रहे थे, तभी कुछ पैपराजी और फैंस ने उन्हें घेर लिया. लोग उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने लगे. शोक सभा के गंभीर माहौल में ये बात परिवार और वहां मौजूद लोगों को पसंद नहीं आई.
राजपाल यादव को प्रेयर मीट से निकाला?
इसके बाद माहौल अचानक गर्मा गया और राजपाल यादव असहज स्थिति में अचानक प्रेयर मीट को छोड़कर जाते हुए दिखाई दिए. इस वायरल वीडियो में एक महिला को कहते हुए सुना जा सकता है, 'आपको बाहर भेजा जाएगा, हमने आपको समझाया... आप ऐसा क्यों कर रहे हो?' इस वीडियो को देखकर ऐसा ही लग रहा है कि राजपाल यादव को प्रार्थना सभा से बाहर भेजा गया है, लेकिन एक अन्य वायरल वीडियो कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है.
मुश्ताक खान का परिवार हुआ नाराज
राजपाल यादव पूरी प्रेयर मीट के दौरान दिवंगत एक्टर मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे और उनके परिवार से भी मुलाकात की. लेकिन, एक्टर को देखते ही वहां मौजूद कुछ पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और फोटो क्लिक करने लगे. यही नहीं, प्रेयर मीट के इमोशनल माहौल में कुछ फैंस ने भी राजपाल यादव के साथ सेल्फी लेना शुरू कर दिया, जिस पर मुश्ताक खान का परिवार नाराज नजर आया. इसके बाद एक्टर की टीम के कुछ सदस्य आगे आए और सेल्फी ले रहे शख्स से बाहर जाने को कहा. वहीं, शख्स ने माफी मांगते हुए फोन नीचे कर लिया और कुछ सदस्यों कहते हैं, 'ये फोटो लेने का प्लेस है क्या?' कहते सुना जा सकता है.
राजपाल यादव को नहीं निकाला गया प्रेयर मीट से
इस वीडियो से साफ होता है कि राजपाल यादव को मुश्ताक खान की फैमिली ने बाहर नहीं निकाला था बल्कि जब वहां मौजूद कुछ लोग उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने खुद ही बाहर जाना सही समझा था. हालांकि, मुश्ताक खान की फैमिली ने नाराजगी जरूर जताई थी. लेकिन उनसे बाहर जाने के लिए कहा. लेकिन सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इन वीडियो को शेयर किया जा रहा है कि राजपाल यादव को मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से बाहर किया गया. जिसमें कोई सच्चाई नहीं है.
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सितंबर में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 24.07 अरब लेनदेन के साथ 29.37 लाख करोड़ का ट्रांजैक्शन
UPI: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 24.07 अरब हो गई. वहीं, लेनदेन का कुल मूल्य 18 प्रतिशत बढ़कर 29.37 लाख करोड़ रुपए हो गया. औसतन सितंबर में यूपीआई के जरिए प्रतिदिन करीब 80.2 करोड़ लेनदेन हुए. इन लेनदेन का औसत दैनिक मूल्य लगभग 97,913 करोड़ रुपए रहा.
अगस्त में यूपीआई लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 24.51 अरब हो गई थी, जबकि लेनदेन का मूल्य 20 प्रतिशत बढ़कर 29.82 लाख करोड़ रुपए रहा था. एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, आईएमपीएस के जरिए तत्काल फंड ट्रांसफर की राशि सितंबर में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 7.06 लाख करोड़ रुपए हो गई है. वहीं, इसके जरिए औसतन प्रतिदिन 1.18 करोड़ लेनदेन हुए, जबकि औसत दैनिक लेनदेन राशि 23,530 करोड़ रुपए रही. इसके अतिरिक्त, प्रमुख व्यापारी संगठनों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राष्ट्रीय राजधानी में बैठक के बाद 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का अपना आह्वान वापस ले लिया है.
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विभिन्न राज्यों के करीब 20 व्यापारिक प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं. व्यापारियों ने कहा कि इस कदम से छोटे और मध्यम कारोबारों पर बोझ बढ़ सकता है और व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को अपनाने पर असर पड़ सकता है. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चांदनी चौक से सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने किया. एमडीआर केवल 2,000 रुपए से अधिक के पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) लेनदेन पर लागू होता है. 2,000 रुपए तक के लेनदेन पर एमडीआर शून्य बना रहेगा.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपए तक के लेनदेन यूपीआई के मर्चेंट लेनदेन की कुल संख्या के 96 प्रतिशत से अधिक हैं. इसका मतलब है कि यूपीआई भुगतानों की बड़ी संख्या एमडीआर के दायरे में नहीं आएगी और इसलिए एमडीआर पर कोई जीएसटी भी नहीं लगेगा. जिन व्यापारियों की मासिक यूपीआई प्राप्तियां 1 लाख रुपए तक हैं, उन्हें एमडीआर का भुगतान नहीं करना होगा. नए यूपीआई ढांचे का व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. राशि कितनी भी हो, सभी पी2पी लेनदेन के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त बना रहेगा.
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