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त्रिपुरा में स्तन कैंसर जागरूकता के लिए राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत

अगरतला, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा में गुरुवार को स्तन स्वास्थ्य, शीघ्र निदान, जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता और निरंतर देखभाल को बढ़ावा देने के लिए स्तन कैंसर जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान राज्यभर में एक महीने तक चलेगा।

स्वास्थ्य सचिव गित्ते किरणकुमार दिनकरराव ने अगरतला में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्तन कैंसर जागरूकता माह के लिए राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्तन कैंसर विश्व स्तर पर महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है और यह एक गंभीर जन स्वास्थ्य चिंता का विषय बना हुआ है।

ग्लोबोकैन 2022 के अनुसार, वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर लगभग 23 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चला, जबकि लगभग 6.7 लाख महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो गई। भारत में, वर्ष 2024 में स्तन कैंसर के लगभग 2,37,231 नए मामले और 96,100 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें भारतीय महिलाओं में सभी कैंसरों में स्तन कैंसर का हिस्सा 30.4 प्रतिशत है।

अधिकारी ने बताया कि आईसीएमआर की त्रिपुरा जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) के अनुसार, 2012-2016 के दौरान राज्य में महिलाओं में होने वाले कैंसर के सभी मामलों में से 14.4 प्रतिशत मामले स्तन कैंसर के थे, जिससे लगभग हर 123 में से एक महिला प्रभावित हुई।

बता दें कि त्रिपुरा सरकार ने कैंसर की जांच को बेहतर बनाने और पात्र आबादी तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पिछले साल 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री निरामय आरोग्य अभियान (एमएनएए) की शुरुआत की। इस पहल के तहत, राज्य भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में साल में दो बार (1 से 14 जनवरी और 14 से 31 जुलाई तक) कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष जांच की जाती है।

गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आम जनता के लिए जानकारीपूर्ण सामग्री और हितधारकों, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और छात्रों के लिए तकनीकी सामग्री भी जारी की गई। त्रिपुरा में स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता और देखभाल को बेहतर बनाने के मकसद से शुरू की गई पहल के लिए झपिएगो ने तकनीकी सहायता प्रदान की।

अधिकारी के अनुसार, महीनेभर चलने वाले इस अभियान में एम्स और झपिएगो के साथ मिलकर अलग-अलग स्तरों पर कार्यशालाएं, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आशा कार्यकर्ताओं के साथ परामर्श, चिकित्सा और पैरामेडिकल संस्थानों में सेमिनार, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से टॉक शो, सोशल मीडिया अभियान, पीआरआई सदस्यों के साथ व्यक्तिगत संवाद और ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) की ओर से सामुदायिक स्तर की गतिविधियां शामिल होंगी।

राज्य के गैर-संचारी रोग कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन साहा ने स्तन कैंसर जागरूकता के महत्व और अभियान की कार्ययोजना पर एक प्रस्तुति दी। स्वास्थ्य सचिव ने सभी हितधारकों और समाज के सदस्यों से जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और राज्य में स्तन कैंसर की शीघ्र पहचान को बढ़ावा देने और रोकथाम एवं देखभाल को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया।

इस कार्यक्रम में एनएचएम के अतिरिक्त सचिव-सह-मिशन निदेशक साजू वहीद, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, परिवार कल्याण निदेशक, एनएचएम के संयुक्त मिशन निदेशक, एनएचएम की राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सोसायटी के सदस्य सचिव और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

--आईएएनएस

डीसीएच/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Flydubai के रियल हीरो कैप्टन स्मित मच्छार का सबसे पहले इलाज किसने किया? जानिए उस डॉक्टर क्या बताया

Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को जो कुछ हुआ, उसने विमान में सवार यात्रियों के साथ-साथ पूरी दुनिया को झकझोर दिया. दुबई से तेल अवीव जा रही Boeing 737 में उड़ान के दौरान को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा और कुछ ही देर में स्थिति बेहद गंभीर हो गई. फ्लाइट में 174 लोग सवार थे. 

हालांकि भारतीय पायलट ने अपनी जाबांजी से 174 लोगों की जान बचा ली. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दौरान भारतीय पायल स्मिथ मच्छार गंभीर जख्मी हो गए. उनका सबसे पहले उपचार करने वाले डॉक्टर ने बताया आखिर उस दौरान हुआ क्या?

यात्री और डेंटिस्ट मूसायेव शोता बने मददगार

घटना के बाद सामने आए यात्री बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को और स्पष्ट किया. इजरायली यात्री और पेशे से डेंटिस्ट मूसायेव शोता उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कॉकपिट की ओर जाकर हमलावर को काबू करने में मदद की.

शोता ने बताया कि उन्हें लगा कि विमान में कुछ गंभीर गड़बड़ हुई है, इसलिए उन्होंने इंतजार नहीं किया और कॉकपिट की ओर दौड़ पड़े. वहां उन्होंने घायल कैप्टन मच्छार को देखा. उनके मुताबिक, पायलट के सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था.

शोता ने बताया कि विमान में वे अकेले डॉक्टर थे और उन्होंने कैप्टन को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देने की कोशिश की. उन्होंने खून का बहाव रोकने पर ध्यान दिया और लैंडिंग तक उनकी स्थिति पर नजर रखी.

'कैप्टन की हालत बिगड़ने लगी थी'

शोता के मुताबिक, शुरुआत में कैप्टन मच्छार होश में थे और उनसे बातचीत कर रहे थे. लेकिन लैंडिंग से पहले उनकी हालत कुछ बिगड़ने लगी थी. उन्होंने बताया कि कैप्टन के शरीर पर कई कट के निशान थे और खून काफी बह चुका था.

AP से बातचीत में शोता ने कहा कि घायल पायलट लगातार उनके संपर्क में थे और प्रार्थना कर रहे थे. शोता को डर था कि ज्यादा खून बहने की वजह से कहीं उन्हें खो न दें.

यह बयान इस बात को सामने लाता है कि विमान के भीतर संकट सिर्फ विमान को सुरक्षित उतारने तक सीमित नहीं था. एक तरफ यात्रियों और क्रू को हमलावर को रोकना था, तो दूसरी तरफ गंभीर रूप से घायल कैप्टन की जान बचाने के लिए तत्काल मेडिकल सहायता भी जरूरी थी.

अचानक तेजी से नीचे आने लगा विमान

घटना के दौरान विमान ने कुछ ही समय में काफी ऊंचाई खो दी. Reuters और AP की रिपोर्टों के मुताबिक, विमान लगभग 33-34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आया. इस दौरान विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई थी.

भयावह स्थिति में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की. इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला. विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

हमले के बाद भी नहीं छोड़ा हिम्मत का साथ

हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सिर और हाथों पर गहरे घाव आए और काफी खून बहा. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे बाहर मौजूद यात्रियों और क्रू को अंदर जाने का रास्ता मिला.

इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, कॉकपिट में पहुंचने वाले यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू किया. इसी दौरान विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी Flydubai पायलटों ने भी विमान को सुरक्षित तरीके से उतारने में मदद की.

तबूक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया. वहां विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई और घायल कैप्टन सहित पायलटों को अस्पताल ले जाया गया.

भारतीय दूतावास के मुताबिक कैप्टन मच्छार की हालत स्थिर थी और उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही थी. बाद की रिपोर्टों में उनके इलाज और सर्जरी की जानकारी भी सामने आई.

कैप्टन मच्छार की बहादुरी को दुनिया ने किया सलाम

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा भारत से लेकर इजरायल तक हुई. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'हीरो' बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की प्रशंसा की और कहा कि उनके प्रयासों ने बड़ी विमान दुर्घटना को टालने में मदद की.

मच्छार मुंबई से हैं और उनके पास करीब 9,750 फ्लाइंग घंटे का अनुभव बताया गया है। उन्होंने Flydubai से पहले SpiceJet में 11 साल से ज्यादा समय तक काम किया था और 2022 में Flydubai से जुड़े थे।

एक संकट, कई लोगों की हिम्मत

Flydubai FZ1073 की घटना को सिर्फ एक पायलट की बहादुरी की कहानी के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी. कैप्टन मच्छार ने गंभीर चोट के बावजूद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की, डेंटिस्ट मूसायेव शोता ने घायल पायलट को प्राथमिक चिकित्सा दी और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों ने सुरक्षित लैंडिंग में योगदान दिया.

174 लोगों को लेकर उड़ रहे विमान में कुछ ही मिनटों में पैदा हुआ संकट आखिरकार तबूक में सुरक्षित लैंडिंग के साथ थमा. कैप्टन मच्छार की गंभीर चोटों के बावजूद उनकी कार्रवाई उस घटनाक्रम का अहम हिस्सा रही, जिसने यात्रियों को कॉकपिट तक पहुंचने और विमान पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने का मौका दिया. फिलहाल उनका इलाज जारी है और भारतीय अधिकारी उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं.

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