देश में लागू हुआ Birth and Death Registration Act, देर से दर्ज कराने पर नियम सख्त
जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026, 1 अक्टूबर से लागू हो गया है। इसमें घटना के एक या दो साल बाद रिपोर्ट किए गए जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। संशोधित अधिनियम के तहत, घटना के एक साल बाद लेकिन दो साल के भीतर रिपोर्ट किए गए किसी भी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण तभी किया जा सकता है, जब उस इलाके के अधिकार क्षेत्र वाले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का आदेश हो। यह आदेश घटना की सच्चाई की जांच और तय फीस के भुगतान के बाद ही दिया जाता है।
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दो साल से ज़्यादा देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन के लिए, घटना वाली जगह के अधिकार क्षेत्र वाले फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का आदेश ज़रूरी है। यह आदेश जन्म या मृत्यु की सच्चाई की पुष्टि होने और लागू फ़ीस का भुगतान करने के बाद ही लिया जा सकता है। इस संशोधन से 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम' की धारा 13 की उप-धारा (3) में बदलाव किया गया है और एक नई उप-धारा (3A) जोड़ी गई है। गृह मंत्रालय के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने 16 सितंबर, 2026 को एक गैज़ेट नोटिफ़िकेशन जारी किया, जिसमें इन प्रावधानों के लागू होने की तारीख 1 अक्टूबर, 2026 तय की गई।
यह बिल 31 जुलाई, 2026 को लोकसभा से बिना किसी बड़ी बहस के पास होने के बाद, 4 अगस्त, 2026 को राज्यसभा में हंगामे के बीच पास हुआ। इसका मकसद देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों को और सख्त बनाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधन बिल के पीछे की वजह बताते हुए कानूनी पहचान के लिए जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु को साबित करने के लिए जन्म या मृत्यु का प्रमाण पत्र सबूत के तौर पर मान्य होता है।" जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन को रेगुलेट करने के लिए मूल कानून 1969 में बनाया गया था और इसमें पहले 2023 में संशोधन किया गया था।
शाह ने आगे कहा कि 2026 के बिल का मकसद देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन के नियमों को सख्त बनाकर समय पर जानकारी देने को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि एक साल के बाद लेकिन दो साल के भीतर रिपोर्ट किए गए जन्म या मृत्यु के मामलों में वेरिफिकेशन के बाद मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी ज़रूरी होगी, जबकि दो साल के बाद रिपोर्ट किए गए मामलों को फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से मंज़ूरी लेनी होगी।
Skin Care: स्किनकेयर रूटीन के बाद भी चेहरा दिखता है डल? इन वजहों से खो सकती है त्वचा की चमक
Skin Care: कई लोग चेहरे को साफ रखने से लेकर मॉइस्चराइजर और सीरम तक का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी त्वचा पर वह ग्लो नजर नहीं आता जिसकी उम्मीद होती है। दरअसल, त्वचा की सेहत सिर्फ बाहर से लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं करती।
रोजमर्रा की आदतें पानी की कमी, धूप, नींद की कमी, तनाव और गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल और स्किनकेयर रूटीन में की जाने वाली छोटी- छोटी गलतियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।
1. शरीर में पानी की कमी
अगर शरीर को पर्याप्त फ्लूइड नहीं मिल रहा है, तो त्वचा रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आ सकती है। मौसम में बदलाव, लंबे समय तक AC में रहना या बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग क्लींजर इस्तेमाल करना भी त्वचा की नमी को प्रभावित कर सकता है।
2. धूप से भी पड़ सकता है असर
चेहरे पर लगातार पड़ने वाली धूप त्वचा की रंगत और टेक्सचर को प्रभावित कर सकती है। ज्यादा UV एक्सपोजर से पिगमेंटेशन, असमान स्किन टोन, रूखापन और समय से पहले एजिंग के संकेत नजर आ सकते हैं।
3. बहुत ज्यादा स्किनकेयर प्रोडक्ट्स भी बन सकते हैं वजह
अच्छी त्वचा के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। एक साथ कई तरह के एसिड, रेटिनॉइड या एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन, लालिमा, रूखापन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
4. नींद और तनाव का भी असर
चेहरे की चमक सिर्फ क्रीम और सीरम से नहीं आती। नींद की कमी और लगातार तनाव भी त्वचा की स्थिति पर असर डाल सकते हैं। इसके अलावा खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी, स्मोकिंग और शराब का सेवन जैसी लाइफस्टाइल आदतें भी त्वचा के स्वास्थ्य से जुड़ी हो सकती हैं।
5. डाइट पर भी दें ध्यान
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खान-पान जरूरी है। रोज की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शामिल होना चाहिए। इसलिए सिर्फ नए स्किनकेयर प्रोडक्ट्स जोड़ने के बजाय अपनी डाइट और रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
- अपनी त्वचा के हिसाब से स्किनकेयर प्रोडक्ट्स चुनें।
- जरूरत से ज्यादा एक्टिव प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल न करें।
- रोज पर्याप्त फ्लूइड लेने का ध्यान रखें।
- बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
- पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
- खाने में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल से भरपूर चीजों को जगह दें।
- लगातार तनाव और खराब लाइफस्टाइल आदतों को कम करने की कोशिश करें।
- बार-बार स्किनकेयर रूटीन बदलने से बचें।
अगर लंबे समय तक त्वचा बेजान रहने के साथ बहुत ज्यादा थकान, बाल झड़ना या शरीर में दूसरे बदलाव भी नजर आ रहे हैं, तो इसे केवल स्किनकेयर की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें।
(Disclaimer): यह लेख सामान्य ब्यूटी और स्किनकेयर जानकारी के लिए है। किसी खास त्वचा समस्या, एलर्जी या लगातार बने रहने वाले लक्षणों में खुद से प्रोडक्ट बदलने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।
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