T20 वर्ल्ड कप से पहले 3 मैच खेलेगी Team India, इन टीमों से होगी भिड़ंत, नोट कर लीजिए तारीफ
T20 World Cup Warm-Up Match Schedule: ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होने में महज कुछ ही दिन बाकी रह गया है. 7 फरवरी से टूर्नामेंट का आगाज होगा. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के बीच हुई विवाद को लेकर वार्म-अप मैच के शेड्यूल का ऐलान होने में देरी हुई, लेकिन अब टूर्नामेंट के वॉर्म-अप मैचों के शेड्यूल का ऐलान कर दिया गया है.
2 फरवरी से शुरू होगा टी20 वर्ल्ड कप का वॉर्म-अप मैच
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के वॉर्म-अप मैच 2 फरवरी से शुरू होंगे. इनके वेन्यू नवी मुबंई, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलंबो रखा गया है. बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है. उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम को टूर्नामेंट में शामिल किया गया है. अब स्कॉटलैंड के लिए वॉर्म-अप मैच काफी अहम होंगे, क्योंकि उन्हें तैयारियों का मौका मिल जाएगा. स्कॉटलैंड की टीम 3 वॉर्म-अप मैच खेलेगी.
यह भी पढ़ें: पूर्व भारतीय कप्तान ने सूर्यकुमार यादव पर दिया बयान, जानिए T20 World Cup 2026 से ठीक पहले क्या कहा?
टीम इंडिया वॉर्म-अप मैच शेड्यूल
टीम इंडिया अपना पहला वॉर्म-अप मैच 2 फरवरी को यूएस के खिलाफ खेलेगी. इसके बाद 4 फरवरी को भारतीय टीम का सामना साउथ अफ्रीका से होगा. जबकि टीम इंडिया अपना आखिरी वॉर्म-अप मैच 6 फरवरी को नामीबिया के साथ खेलेगी.
T20 वर्ल्ड कप टीम इंडिया वॉर्म-अप मैच शेड्यूल
2 फरवरी - भारत vs यूएसए
4 फरवरी - भारत vs दक्षिण अफ्रीका
6 फरवरी - भारत vs नामीबिया
टी20 वर्ल्ड कप 2026 वॉर्म-अप मैच शेड्यूल
2 फरवरी - अफगानिस्तान vs स्कॉटलैंड
2 फरवरी - भारत vs यूएसए
2 फरवरी - कनाडा vs इटली
3 फरवरी - श्रीलंका vs ओमान
3 फरवरी - नीदरलैंड्स vs जिम्बाब्वे
3 फरवरी - नेपाल vs यूएई
4 फरवरी - नामीबिया vs स्कॉटलैंड
4 फरवरी - अफगानिस्तान vs वेस्टइंडीज
4 फरवरी - आयरलैंड vs पाकिस्तान
4 फरवरी - भारत vs दक्षिण अफ्रीका
5 फरवरी - ओमान vs जिम्बाब्वे
5 फरवरी - कनाडा vs नेपाल
5 फरवरी - न्यूजीलैंड vs यूएसए
6 फरवरी - इटली vs यूएई
6 फरवरी - भारत vs नामीबिया
यह भी पढ़ें: विशाखापट्टम में ईशान किशन मचाएंगे धमाल या सूर्या निकल जाएंगे आगे, विकेटकीपर और कप्तान के बीच होगी जंग
पाकिस्तान के पंजाब में ईसाई लड़की का जबरन धर्मांतरण, मुस्लिम युवक से कराई शादी
इस्लामाबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग ईसाई लड़की का अपहरण कर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने और मुस्लिम युवक से शादी कराने का आरोप लगा है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह घटना देश में बच्चों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) के अनुसार, पंजाब के साहीवाल जिले की रहने वाली 13 वर्षीय ईसाई लड़की, जो कक्षा छह की छात्रा है, का कथित तौर पर अपहरण किया गया। इसके बाद उसे दो ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर किया गया, जिनके लिए कोई भी बच्चा सहमति देने में सक्षम नहीं होता, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह।
मानवाधिकार संगठन ने बताया कि लड़की के माता-पिता खुद को बेहद असहाय और कमजोर स्थिति में रह रहे हैं। पीड़िता की मां पैर में फ्रैक्चर के कारण विकलांग हैं, जबकि पिता शारीरिक रूप से अक्षम हैं और अंडे बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। संगठन ने कहा, “जिस घर में हर रुपया मायने रखता है और हर दिन संघर्ष से भरा है, वहां बेटी का गायब हो जाना ऐसा डरावना सपना बन गया है, जो सुबह होने पर भी खत्म नहीं होता।”
परिवार और स्थानीय समुदाय के लोगों के हवाले से वीओपीएम ने बताया कि कथित अपहरणकर्ता की पहचान अली हैदर के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के मुस्लिम जट्ट समुदाय से बताया जा रहा है। आरोप है कि अपहरण के बाद लड़की को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और उसी युवक से शादी के लिए मजबूर किया गया।
संगठन ने कहा कि समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों, खासकर बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
वीओपीएम का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद लड़की की बरामदगी में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इस बीच परिवार को लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, ताकि वे कानूनी कार्रवाई न कर सकें।
संगठन ने कहा, “यह क्रूरता पर क्रूरता है- पहले बच्चे को छीन लिया जाता है और फिर माता-पिता से कहा जाता है कि इसे स्वीकार करो या नुकसान झेलो। विकलांगता और गरीबी से जूझ रहे परिवारों के लिए डर एक पिंजरा बन जाता है।”
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के हवाले से वीओपीएम ने कहा कि शादी के लिए जबरन धर्मांतरण उन जगहों पर फलता-फूलता है, जहां शक्ति का असंतुलन होता है, समुदाय खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं और अपराधियों को लगता है कि वे बिना सजा के बच सकते हैं।
वीओपीएम ने पाकिस्तानी प्रशासन से मांग की है कि लड़की को तुरंत सुरक्षित रूप से बरामद किया जाए, उसकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जाए, परिवार को धमकियों से बचाया जाए और मामले में पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए। संगठन ने जोर देकर कहा कि इस केस को किसी “निजी मामला” मानकर दबाया न जाए, बल्कि इसे एक नाबालिग के खिलाफ गंभीर अपराध के रूप में देखा जाए।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation














.jpg)






