पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की, 9 मौतें:मरने वालों में महिलाएं-बच्चे भी शामिल, 7 दिन पहले पाकिस्तान ने 10 जगह हमले किए थे
पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत में एयरस्ट्राइक की। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक, इन हमलों में 9 लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसकी जानकारी दी। रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हमलों में दोनों प्रांतों में 3 घर तबाह हुए हैं। मुजाहिद ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने गलत किया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता। पाकिस्तान ने 7 दिन पहले अफगानिस्तान में 10 जगह एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव बढ़ा पाकिस्तान का कहना है कि हाल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने अफगानिस्तान के पक्तिया और नंगरहार प्रांतों से पाकिस्तान में घुसपैठ की कोशिश की। इसके बाद सीमा पर दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी हुई। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान से ड्रोन भी भेजे गए, जबकि तालिबान सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया। सोमवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें उसके मुताबिक 28 आतंकी मारे गए। अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में नागरिक भी मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। TTP और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी क्यों है? पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर विवाद चला आ रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद हैं और वहीं से पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाते हैं। पाकिस्तान कई बार तालिबान सरकार से TTP के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुका है। TTP की स्थापना 2007 में हुई थी। यह संगठन पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के खिलाफ लड़ता है। 2001 में अफगानिस्तान में अमेरिका के सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन किया था। इसके बाद TTP ने पाकिस्तान को अपना दुश्मन मान लिया और उसके खिलाफ हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? अफगान तालिबान और TTP अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और ऐतिहासिक संबंध बताए जाते हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद TTP को वहां ज्यादा सुरक्षित ठिकाने मिल गए हैं। हालांकि, अफगान तालिबान सरकार इस आरोप को खारिज करती है और कहती है कि पाकिस्तान की सुरक्षा समस्याओं के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। 2021 के बाद क्यों बढ़ा तनाव? अगस्त 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सीमा पार हमले कम होंगे। लेकिन इसके उलट TTP के हमलों में बढ़ोतरी देखी गई। इसके बाद पाकिस्तान ने कई बार अफगान सीमा के अंदर हवाई और सैन्य कार्रवाई की, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ता गया।
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