जूस और फल में कौन सा विकल्प लेना है ज्यादा सही? जानिए इसका कारण भी
फल फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं, वजन और ब्लड शुगर नियंत्रित रखते हैं. जूस सिर्फ जरूरत पर, बिना शक्कर और घर का ताजा ही पीना बेहतर है.
आयुर्वेद में स्नूही नाम से प्रसिद्ध है यह कांटेदार पौधा, बवासीर, कब्ज, गैस और खांसी-जुकाम में बेहद कारगर
Health Tips: आज हम आपको एक ऐसे औषधीय पौधे के बारे में बता रहे है जो अक्सर सड़क किनारे खेतों की मेड़ या खाली जमीन पर यूं ही उगा दिखाई देता है. कांटेदार तना, मोटी पत्तियों और हरे मांसल शरीर वाला यह पौधा आम नजरों में भले ही बेकार झाड़ी लगे. लेकिन आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान माना गया है. इसे स्नूही कहा जाता है, जबकि आम भाषा में सेहुंड के नाम से जाना जाता है. बलिया के आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुभाष चंद्र यादव बताते है कि सेहुंड ठंड के मौसम की विशेष औषधि है. इसका सीमित और सही प्रयोग पेट साफ करने, कब्ज, गैस, खांसी-जुकाम, बवासीर, जोड़ों के दर्द और त्वचा रोगों में लाभ देता है. हालांकि यह तीव्र औषधि है, इसलिए बिना विशेषज्ञ सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18




















