PM Modi ने कैप्टन Smit Machhar को बताया नायक, 174 यात्रियों की बचाई जान
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना करते हुए उन्हें ‘‘नायक’’ करार दिया और कहा कि उनके साहस पर देश को गर्व है। मच्छार ने दुबई-तेल अवीव की फ्लाईदुबई उड़ान के सह-पायलट का मुकाबला किया, जो कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास कर रहा था। मोदी ने कैप्टन मच्छार की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और ‘‘बड़ी त्रासदी’’ टाली।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया।
विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन स्मित मच्छार एक नायक हैं। सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प दिखाया।
उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।’’ बुधवार रात इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की सराहना करते हुए उन्हें ‘‘सच्चा नायक’’ बताया। नेतन्याहू ने कहा, ‘‘चाकू से हमला किए जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, हमलावर का प्रतिरोध किया तथा कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री तथा चालक दल के सदस्य हमलावर को काबू में कर पाए।
इससे हवा में एक भयावह दुर्घटना टल गई।’’ इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वह सच्चे नायक हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘असाधारण बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मेरा सलाम।’’ सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की ‘गैली’ में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।
अपने पहले के बयान में नेतन्याहू ने कहा था कि एक इजराइली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था। नेतन्याहू के अनुसार, चालक दल का एक अन्य सदस्य इसके बाद कॉकपिट में पहुंचा और विमान को स्थिर करने में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का प्रदर्शन किया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।’’ नेतन्याहू ने कहा कि विमान तबूक हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री खतरे से बाहर थे। उन्होंने इस स्थिति पर चर्चा करने के लिए अपने सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठक भी की।
इजराइली संसद ‘क्नेसेट’ के अध्यक्ष आमिर ओहाना ने भी मच्छार की सराहना की और कहा कि इजराइल के लोग उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
Merchant Navy Officer Murder | 'साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती, टुकड़े क्यों किए?' अदालत परिसर में फफक-फफक कर रोई मां, 15 दिन बाद तय होगा हैवानों का अंजाम!
देशभर में सनसनी फैलाने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। हत्या के इस खौफनाक मामले में 126 पेशियों और 22 गवाहों की सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। सजा की अवधि पर अदालत 15 दिन बाद आदेश जारी करेगी। यह दिल दहला देने वाली वारदात मार्च 2025 में अंजाम दी गई थी, जब मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की निर्मम हत्या की, उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े किए और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट भर दिया था।
मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की मां ने अपने बेटे की हत्या के मामले में बुधवार को दोषी करार दी गई अपनी बहू मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा दिए जाने की मांग की है। मेरठ की एक अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करने और उसके शव को छिपाने की कोशिश करने के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत का यह फैसला आने के बाद सौरभ की मां रेनू राजपूत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि दोषियों को फांसी दी जाए। उन्हें वैसे ही टुकड़ों में काटा जाए जैसे उन्होंने सौरभ को काटकर ड्रम में डाला था।’’
रेनू ने कहा कि दोनों को दोषी ठहराया गया है और अदालत कुछ दिनों बाद उन्हें सजा सुनाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी यह नहीं बताया गया है कि उन्हें क्या सजा मिलेगी।’’ रेनू ने कहा कि घटना के बाद से पूरा परिवार ‘‘अवसाद में और परेशान’’ रहा है। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आखिरी बार सौरभ से कब बात की थी, तो वह रो पड़ीं और कहा, ‘‘वह मेरा बेटा था। कहने के लिए कुछ नहीं है। वह हमेशा मेरे ख्यालों में रहता था और अब भी है।’’ रेनू ने कहा कि अगर उन्हें मुस्कान से बात करने का मौका मिला, तो वह पूछेंगी कि उसने उनके बेटे की हत्या क्यों की।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उसने पहले ही मन बना लिया था, तो वह बस उससे कह सकती थी कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। उसे मारने की क्या जरूरत थी?’’ सौरभ की बुआ कुसुम ने भी दोषी ठहराए गए दोनों लोगों के लिए मौत की सजा की मांग की। फैसले के बाद अदालत परिसर में कुसुम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्हें भी टुकड़ों में काट दिया जाना चाहिए।’’ सौरभ के भाई राहुल ने भी दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की और कहा कि ऐसी सजा से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करने और शव को छिपाने की कोशिश करने का बुधवार को दोषी ठहराया।
अदालत सजा के संबंध में आदेश 15 दिन बाद सुनाएगी। सौरभ की हत्या मार्च 2025 में की गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसकी पत्नी मुस्कान तथा उसके प्रेमी साहिल ने उसकी हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े किए और उन्हें सीमेंट से भरे एक नीले ड्रम में छिपा दिया। इस घटना से देशभर में सनसनी फैल गई थी। मुकदमे की सुनवाई 126 पेशियों के बाद पूरी हुई और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों से पूछताछ की।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








