Weather Update: पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर, यूपी में 58 मौतें; बिहार में बाढ़, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोकी गई
Weather News Today: देश के कई हिस्सों में मानसून के अंतिम दौर में मौसम ने अचानक करवट ली है। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं, बाढ़ और बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित है। यूपी में लगातार बारिश के चलते हादसों में अब तक 58 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 117 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। उत्तराखंड में मौसम के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए 26 और 27 सितंबर को चारधाम यात्रा स्थगित की गई है।
यूपी में 65 घंटे से बारिश, 58 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में करीब 65 घंटे से बारिश का दौर जारी है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं ने परेशानी बढ़ा दी है।
लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव, मकान और दीवारें गिरने, पेड़ और बिजली के पोल उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बारिश से जुड़े हादसों में प्रदेश में 58 लोगों की मौत हुई है और 117 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। अवध क्षेत्र में नुकसान ज्यादा बताया गया है।
#WATCH Uttar Pradesh: Persistent rainfall over the last few days has triggered widespread waterlogging across the state capital, Lucknow.
— ANI (@ANI) September 27, 2026
(Visuals from Gomtinagar area) pic.twitter.com/vvE5A4L6OZ
शनिवार को लखीमपुर खीरी में 342 मिमी, सीतापुर में 273.2 मिमी, बांदा में 245.6 मिमी और बहराइच में 239 मिमी बारिश दर्ज की गई। कानपुर में 175.4 मिमी बारिश हुई, जो सितंबर में 45 वर्षों का रिकॉर्ड बताई गई है।
लखनऊ समेत कई शहरों में सड़कें जलमग्न हैं। पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण लखनऊ आने वाली कुछ उड़ानों को डायवर्ट भी करना पड़ा।
यूपी में आज भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और तराई के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के झोंके आने की संभावना है।
बिहार में बारिश और नदियों का बढ़ा जलस्तर
बिहार में भी लगातार बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्र में वर्षा के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंडक और कोसी समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आपदा की स्थिति से प्रभावित जिलों में गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जरूरत पड़ रही है। सुपौल समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में रेड अलर्ट, चारधाम यात्रा पर ब्रेक
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा कुछ अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम खराब होने और रेड अलर्ट के चलते चारधाम यात्रा को 26 और 27 सितंबर के लिए स्थगित किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। हेली सेवाएं भी मौसम से प्रभावित हुई हैं।
भारी बारिश के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, तापमान गिरा
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और वहां ठंड बढ़ गई है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी और बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कुन्नू और छितकुल जैसे क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछने से मौसम ने अचानक सर्द रुख अपना लिया है।
दिल्ली-NCR में भी बदला मौसम
उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर दिल्ली-NCR समेत मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में ही मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है।
मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों को जलभराव वाले इलाकों, नदी-नालों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ से मैदान तक क्यों बिगड़ा मौसम?
उत्तर भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का दौर तेज हुआ है। इसका असर एक साथ पहाड़ी और मैदानी राज्यों में दिखाई दे रहा है। पहाड़ों में भारी बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है, जबकि यूपी और बिहार के मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
फिलहाल सबसे ज्यादा चुनौती भारी बारिश, अचानक बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और तेज हवाओं से बनी हुई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
रतन टाटा के करीबी मेहली मिस्त्री का इस्तीफा:टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से हटेंगे; 30 सितंबर को कार्यकाल खत्म होगा
रतन टाटा के करीबी रहे मेहली मिस्त्री ने कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से अलग होने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल 30 सितंबर को खत्म होगा और उन्होंने कहा है कि वे दोबारा इस पद की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। मेहली मिस्त्री ने इस फैसले की जानकारी 15 सितंबर को एक ईमेल के जरिए दी। उन्होंने टाटा मेडिकल सेंटर के CEO से कहा कि उनके हटने के फैसले को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाए। मिस्त्री ने यह ईमेल टाटा ट्रस्ट्स के नए चेयरमैन नोएल टाटा समेत परिवार के अन्य ट्रस्टियों को भी भेजा है। कम खर्च में कैंसर का इलाज करता है यह अस्पताल कोलकाता का टाटा मेडिकल सेंटर बिना किसी मुनाफे के चलाया जाने वाला अस्पताल है, जिसमें 436 बेड हैं। यहां बेहद कम और किफायती खर्च पर कैंसर का इलाज किया जाता है। इलाज के साथ-साथ यह सेंटर कैंसर की शुरुआती पहचान, बीमारी को फैलने से रोकने, मरीजों की देखरेख और इलाज के बाद उनकी देखभाल संभालने का काम भी करता है। ₹1000 करोड़ से ज्यादा का निवेश संभालने वाली कंपनी भी छोड़ी टाटा ग्रुप से जुड़ी संस्थाओं में मिस्त्री की जिम्मेदारी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। इससे पहले उन्होंने 'RNT एसोसिएट्स' कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया था। यह वही कंपनी है जो रतन टाटा के व्यक्तिगत निवेशों जैसे ओला इलेक्ट्रिक और अर्बन कंपनी में लगे पैसे को संभालती है और इसका कुल पोर्टफोलियो ₹1,000 करोड़ से भी ज्यादा का है। RNT एसोसिएट्स छोड़ने से पहले वे रतन टाटा से जुड़े दो अन्य चैरिटी ट्रस्टों का पद भी छोड़ चुके थे। रतन टाटा की वसीयत के लागू होने के बाद जब इन ट्रस्टों की जिम्मेदारी नए लोगों को मिली, तब इस कंपनी का मैनेजमेंट भी नए ट्रस्टियों को सौंप दिया गया। मुख्य टाटा ट्रस्ट्स से भी पहले ही हट चुके हैं मिस्त्री टाटा ग्रुप के दो सबसे बड़े और मुख्य चैरिटी ट्रस्टों 'सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट' और 'सर रतन टाटा ट्रस्ट' से मेहली मिस्त्री अक्टूबर 2025 में ही हट चुके हैं। हालांकि, पहले उन्हें जीवनभर ट्रस्टी बनाए रखने की बात हुई थी, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा इस पद की मंजूरी नहीं मिल सकी। उस दौरान मिस्त्री ने चैरिटी कमिश्नर का रुख भी किया था, ताकि उनकी बात भी सुनी जाए। बाद में उन्होंने खुद ही मामला शांत कर दिया और कहा कि वे रतन टाटा के उसूलों पर चलते हुए टाटा ट्रस्ट्स को किसी भी विवाद में नहीं घसीटना चाहते। फिलहाल टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट से जुड़े हैं टाटा ग्रुप के मुख्य ट्रस्टों से हटने के बाद भी मिस्त्री 'सर रतन टाटा ट्रस्ट' के अधीन आने वाले 'टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट' से जुड़े हैं। हालांकि, 30 सितंबर को कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट में भी उनकी भूमिका आधिकारिक रूप से खत्म हो जाएगी।
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