Responsive Scrollable Menu

मैरी मिलबेन ने किया पीएम मोदी का समर्थन, ट्रंप से रुख बदलने का आग्रह किया

वाशिंगटन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सिंगर और एक्ट्रेस मैरी मिलबेन ने वैश्विक नेतृत्व और कूटनीति पर एक सशक्त संदेश देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच तनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह हालात संभाले, उससे उनकी दुनिया भर में प्रतिष्ठा और बढ़ी है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमा और सोच-समझकर की गई कूटनीति ने उन्हें वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाया।

मैरी मिलबेन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत समझ है, लेकिन सच्ची दोस्ती में गलतियों को मानना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बहुत से लोग, जिनमें वह खुद भी शामिल हैं, भारत के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के हालिया तीखे बयानों से सहमत नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि वह लगातार राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी कि भारत के साथ दोस्त और सहयोगी की तरह व्यवहार किया जाए। उनके अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते सम्मान, साझेदारी और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होने चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के साथ अपने करीबी जुड़ाव के दो दशकों को याद करते हुए, मिलबेन ने कहा कि 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति पद के साथ मेरे रिश्ते के 20 साल पूरे होंगे, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी जब उन्हें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के लिए व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों और उनके प्रशासन के लिए प्रस्तुतियां दीं।

उन्होंने कहा, मैं इस अद्भुत तालमेल और अमेरिका में उनका राजदूत बनने का अवसर देने के लिए भगवान का धन्यवाद करती हूं। राष्ट्रपति पद के साथ निकटता ने मुझे दुनिया और दुनिया के नेताओं से मिलवाया, जिसमें चीन और राष्ट्रपति शी, रूस और राष्ट्रपति पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं।

मैरी मिलबेन ने कहा कि वह वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर प्रशंसा करती रही हैं, जो उनके नैतिक मूल्यों, विनम्रता, भारतीय जनता के प्रति करुणा और नवाचार की समझ के लिए। उन्होंने कहा कि अब वह प्रधानमंत्री की अमेरिका के साथ मौजूदा आर्थिक खींचतान के दौरान उनकी नपी-तुली और रणनीतिक डिप्लोमेसी के लिए तारीफ करती हैं।

उन्होंने कहा, दबाव में भी उनके गरिमापूर्ण संयम ने उन्हें भू-राजनीति में सबसे सम्मानित विश्व नेता बना दिया है।

उन्होंने कहा कि जब बीते वर्ष अमेरिका ने भारत के प्रति अपने रवैये में बड़ा बदलाव किया, तब भी प्रधानमंत्री मोदी संयमित और गरिमामय बने रहे। जब अमेरिका ने ऊंचे शुल्क लगाने की धमकी दी, तब भारत ने नए वैश्विक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया। मैरी मिलबेन के अनुसार, कई बार प्रधानमंत्री की चुप्पी भी उनकी ताकत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीति के चलते भारत ने चीन, रूस और अब यूरोप के साथ रिश्ते और मजबूत किए।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, आज भारत और ईयू के बीच हुआ यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता जियोपॉलिटिक्स में एक महत्वपूर्ण पल है। यह समझौता इस बात का मजबूत संदेश है कि संप्रभुता, सुरक्षा और स्वतंत्रता आज भी लोकतंत्र और व्यापार के मूल मूल्य हैं।

व्हाइट हाउस के साथ अपने सालों के जुड़ाव के बारे में बताते हुए मिलबेन ने कहा, सालों तक अमेरिकी प्रेसीडेंसी के लिए काम करते हुए और गाते हुए, मैंने सीखा है कि दुनिया भर में सहयोगियों के रूप में सच्चे दोस्तों के बिना, अमेरिका एक प्रमुख महाशक्ति के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में विफल रहेगा।

भारत को संबोधित करते हुए मैरी मिलबेन ने कहा कि अमेरिका भारत का मित्र है। उन्होंने दोहराया कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से लगातार कहती रहेंगी कि भारत के साथ रिश्ते दोस्ती और साझेदारी के आधार पर होने चाहिए।

उन्होंने कहा, हमारे दोनों देश, दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र, संप्रभुता और स्वतंत्रता के माध्यम से जुड़े इतिहास को साझा करते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति से सीधे अपील करते हुए मिलबेन ने कहा, मिस्टर प्रेसिडेंट, आप जानते हैं कि मैं आपका बहुत सम्मान करती हूं और हमेशा आपके अच्छे के लिए प्रार्थना करती हूं, लेकिन अब बदलाव का समय है, प्रधानमंत्री से माफी मांगें और भारत के साथ अपने रिश्ते बहाल करें। यहां घर पर 4.5 मिलियन भारतीय अमेरिकी नागरिकों के लिए मूल्य फिर से हासिल करें, और वैश्विक राजनीति में अपनी साख दोबारा बनाएं।

उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका शांति का नेतृत्व करना चाहता है, तो भारत, यूरोप और पूरी दुनिया के साथ शांति का रास्ता अपनाना होगा। उनके अनुसार, नीति में सकारात्मक बदलाव कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति और साहस का संकेत होता है।

अंत में उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग बढ़ाया है, हालांकि व्यापार और नीतियों को लेकर मतभेद भी बने रहे हैं।

--आईएएनएस

एएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

NASA के रिसर्च प्‍लेन की इमरजेंसी लैंडिंग, एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के पिछले हिस्से में लगी आग

NASA Research Plane Emergency Landing: अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में एलिंगटन एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया. मंगलवार की सुबह NASA का एक रिसर्च प्‍लेन की बिना लैंडिंग गियर के इमरजेंसी ‘बेली लैंडिंग’ करानी पड़ी है. इस बीच विमान रनवे पर फिसलता हुआ आगे बढ़ा. रनवे से रगड़ के कारण विमान का पिछले भाग में आग लग गई. हालांकि, इस दौरान किसी क्रू मेंमबर को चोट नहीं आई है. 

रिपोर्ट की मानें तो प्लेन में तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.  लैंडिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विमान के पहिए लैंडिंग के दौरान बाहर नहीं निकल पाए. इस दौरान वह सीधे अपने बैली (निचले हिस्से) के सहारे रनवे पर उतर गया. उतरने   के विमान काफी दूर तक फिसलता रहा और फिर जाकर रुका.

नासा ने पोस्ट शेयर किया 

नासा ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी दी कि विमान में तकनीकी खराबी सामने आई थी. इसके कारण विमान का लैंडिंग गियर खुल नहीं पाया. जिसकी वजह से विमान को एयरपोर्ट पर बेली लैंडिंग करानी पड़ी. इस बीच विमान रनवे पर फिसलता हुआ देखा गया. इस मामले में नासा ने जांच के आदेश दिए हैं. इस घटना में अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है. 

नासा का WB-57 प्लेन

दुर्घटनाग्रस्त विमान नासा का WB-57 विमान था. ये विमान अपने लंबे और पतले आकार के लिए जाना जाता है. यह दो सीटों वाला जेट विमान है. यह 63,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर करीब साढ़े छह घंटे की उड़ान भरने में सक्षम है. नासा वैज्ञानिक और वायुमंडलीय मिशन को लेकर इस विमान का उपयोग किया जाता है. 

ये भी पढ़ें: India-EU Deal: अमेरिकी मीडिया ने बताई क्यों हुई इंडिया-ईयू डील, समझौते की दुनिया भर में हो रही है चर्चा

Continue reading on the app

  Sports

WPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स की हार के बाद जेमिमा रोड्रिग्ज को हुआ 12 लाख रुपये का नुकसान

Jemimah Rodrigues fined: दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स के बीच 27 जनवरी को खेले मुकाबले के बाद जेमिमा रोड्रिग्ज को 12 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. ये नुकसान उन्हें जुर्माने के तौर पर हुआ है. Wed, 28 Jan 2026 11:45:09 +0530

  Videos
See all

Ajit Pawar Helicopter Crash : अजित पवार के प्लेन क्रैश के 5 मिनट पहले क्या हुआ? |Ajit Pawar Death #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T06:45:03+00:00

हादसे के बाद फूट-फूट कर रोते हुए स्थानीय निवासी #Maharashtra #Baramati #Shorts #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T06:41:31+00:00

Ajit Pawar Death live updates: अजित पवार के घर उमड़ी भीड़ | Breaking |Ajit Pawar Helicopter Crash live #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T06:44:22+00:00

Maharashtra के डिप्टी CM अजित पवार के निधन पर मनोहर लाल खट्टर ने जताया शोक #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T06:42:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers