राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया रक्तदान का आह्वान
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का उद्देश्य आमजन को रक्तदान के प्रति जागरूक करना है तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है. रक्तदान को महादान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी व्यक्ति को जीवन का नया उपहार दिया जा सकता है. स्वस्थ व्यक्ति द्वारा निर्धारित अंतराल पर रक्तदान करने से स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता तथा शरीर में दान किए गए रक्त की पूर्ति प्राकृतिक रूप से हो जाती है.
रिश्वत मामले में आयकर अधिकारी को 5 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 1.5 लाख रुपये का जुर्माना
महाराष्ट्र के जलगांव में रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई कोर्ट, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) ने तत्कालीन आयकर अधिकारी सतीश कुमार भदानी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी अधिकारी पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने यह फैसला 29 सितंबर 2026 को सुनाया. सतीश कुमार भदानी उस समय आयकर विभाग, जलगांव के वार्ड 2(2) में आयकर अधिकारी (ITO) के पद पर तैनात थे.
टैक्स रिटर्न की जांच के नाम पर मांगी थी रिश्वत
सीबीआई के मुताबिक, इस मामले में 23 सितंबर 2016 को एक करदाता की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता जलगांव जिले का रहने वाला था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी के आयकर रिटर्न को विस्तृत जांच के लिए चुना गया था.
आरोप था कि तत्कालीन आयकर अधिकारी ने रिटर्न की गहन जांच नहीं करने और अनुकूल आकलन आदेश पारित करने के बदले शिकायतकर्ता से अवैध रूप से पैसे की मांग की थी.
40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और आरोपी आयकर अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. सीबीआई की कार्रवाई के दौरान सतीश कुमार भदानी को 40 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया. इसके बाद सीबीआई ने मामले की विस्तृत जांच की.
2016 में केस दर्ज, 2021 में आरोप तय
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 दिसंबर 2016 को आरोपी आयकर अधिकारी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया. इसके बाद अदालत ने 20 दिसंबर 2021 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए.
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई कोर्ट, छत्रपति संभाजीनगर ने आरोपी को दोषी ठहराया और पांच साल के कठोर कारावास तथा 1.5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.
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