Hyderabad में नया Talent Hub शुरू कर रही DoorDash, 2 साल में होगी 3000 भर्तियां
हैदराबाद में वैश्विक डिजिटल कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली एक और बड़ी पहल हुई है। अमेरिकी खाद्य और वाणिज्य मंच डोरडैश ने भारत में अपना पहला कार्यालय और टैलेंट सेंटर हैदराबाद में शुरू किया है। कंपनी ने यहां शुरुआत 500 कर्मचारियों के साथ की है और अगले 2 वर्षों में इस सेंटर की टीम को 3,000 से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
हैदराबाद में वैश्विक डिजिटल कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली एक और बड़ी पहल हुई है। अमेरिकी खाद्य और वाणिज्य मंच डोरडैश ने भारत में अपना पहला कार्यालय और टैलेंट सेंटर हैदराबाद में शुरू किया है। कंपनी ने यहां शुरुआत 500 कर्मचारियों के साथ की है और अगले 2 वर्षों में इस केंद्र की टीम को 3,000 से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, हैदराबाद स्थित केंद्र में शुरुआत में ग्राहक अनुभव, सेवा की गुणवत्ता और कंपनी के सामान्य प्रशासन से जुड़े कर्मचारी काम करेंगे। ये टीमें दुनिया के अलग-अलग बाजारों में कंपनी के ग्राहकों, कारोबारियों और सामान पहुंचाने वाले कर्मचारियों से जुड़ी सेवाओं को संभालेंगी।
गौरतलब है कि डोरडैश का हैदराबाद केंद्र कंपनी का दुनिया में तीसरा अपना सेवा केंद्र है। इससे पहले ऐसे सेंटर अमेरिका के एरिजोना राज्य के टेम्पे और मेक्सिको सिटी में बनाए जा चुके हैं। हैदराबाद केंद्र को कंपनी की वैश्विक ग्राहक सहायता व्यवस्था के विस्तार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में यहां धोखाधड़ी की जांच, सेवा की निगरानी और तकनीकी काम से जुड़े विशेष दल भी तैयार किए जाएंगे। इससे केंद्र का काम केवल ग्राहक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंपनी के वैश्विक कामकाज में इसकी भूमिका धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
हैदराबाद के हाईटेक सिटी में बने इस केंद्र का उद्घाटन तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने किया। इस मौके पर डोरडैश के मुख्य वित्तीय अधिकारी रवि इनुकोन्डा, कार्यबल रणनीति और प्रतिभा भर्ती संचालन की वरिष्ठ निदेशक जेना कोनके तथा राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार साई कृष्णा भी मौजूद रहे।
उद्घाटन के दौरान डी श्रीधर बाबू ने कहा कि डोरडैश का हैदराबाद में निवेश शहर की वैश्विक प्रतिभा केंद्र के रूप में बढ़ती पहचान को मजबूत करता है। उनके अनुसार, यह कदम केवल रोजगार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि दुनिया की बड़ी डिजिटल कंपनियां तेलंगाना से अपने महत्वपूर्ण कामकाज को चला सकती हैं।
उन्होंने कहा कि डोरडैश के आने से हैदराबाद में वैश्विक ऑनलाइन कारोबार और सामान पहुंचाने वाली तकनीकी सेवाओं का समूह और मजबूत होगा। शहर में पहले से ही अमेजन, वॉलमार्ट, फेडएक्स, उबर, जोमैटो और स्विगी जैसी बड़ी कंपनियों की गतिविधियां मौजूद हैं।
डोरडैश की वरिष्ठ अधिकारी जेना कोनके ने कहा कि हैदराबाद की प्रतिभाशाली कार्यशक्ति, तकनीकी माहौल और वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए मौजूद सुविधाओं ने भारत में लंबे समय के निवेश के लिए शहर को स्वाभाविक विकल्प बनाया है।
बता दें कि डोरडैश 40 से अधिक देशों में काम करता है। कंपनी के अनुसार, वर्ष 2025 में उसके मंच के जरिए 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के कुल ऑर्डर हुए थे। कंपनी की सेवाएं ऐसे बाजारों में मौजूद हैं जिनकी कुल आबादी 1 अरब से अधिक है और उसके मंच पर हर महीने 56 मिलियन से ज्यादा ग्राहक सक्रिय रहते हैं।
हैदराबाद पहले से ही वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए एक बड़ा केंद्र बन चुका है। तेलंगाना सरकार के अनुसार, शहर में 500 से अधिक ऐसे केंद्र काम कर रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य 100 से ज्यादा नए वैश्विक क्षमता केंद्र लाना है, जिससे करीब 1 लाख अतिरिक्त उच्च मूल्य वाली नौकरियां और 3 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
मौजूदा अनुमान के अनुसार, हैदराबाद में वैश्विक क्षमता केंद्रों में 5 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। तेलंगाना सरकार का अनुमान है कि यह संख्या वर्ष 2029 तक बढ़कर 10 लाख तक पहुंच सकती है। ऐसे में डोरडैश का नया केंद्र हैदराबाद के बढ़ते वैश्विक कारोबारी और तकनीकी नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण जुड़ाव माना जा रहा है।
PM Narendra Modi ने Donald Trump से की फोन पर बात, व्यापार और रक्षा सहयोग की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वार्ता की और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने इस दौरान व्यापार, रक्षा और ऊर्जा समेत आपसी हित एवं रणनीतिक सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ के लागू होने के बाद बढ़े व्यापारिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई।
यह कानून रूस और ईरान से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका में थे और उन्होंने ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जारी प्रयासों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए सहयोग को और मजबूत करने के वास्ते करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। बयान में कहा गया है, ‘‘दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।’’ मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
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