Explainer: 'कॉफी विद करण' के 10 बड़े विवाद, हार्दिक-राहुल से लेकर कंगना तक, जानिए कब-कब और क्यों मचा था बवाल?
Koffee With Karan 10 Big Controversies: बॉलीवुड के जाने-माने प्रोड्यूसर और डायरेक्टर करण जौहर (Karan Johar) एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इसकी वजह उनका पॉपुलर चैट शो 'कॉफी विद करण' है. हाल में उन्होंने शो को लेकर अनाउंसमेंट की कि कॉफी विद करण सीजन 9, 14 अक्टूबर से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होने वाला है. खास बात यह है कि करण जौहर ने इस सीजन को शो का आखिरी सीजन बताया है. यानी 'कॉफी विद करण' का सीजन 9 खत्म होने के बाद इस शो का सफर भी खत्म हो जाएगा.
वहीं, शो के आखिरी सीजन की खबर सामने आने के बाद इसके पुराने एपिसोड और उनसे जुड़े किस्से भी फिर से चर्चा में आ गए हैं. करीब दो दशकों से यह शो बॉलीवुड सेलेब्स की पर्सनल लाइफ, रिलेशनशिप, दोस्ती और करियर से जुड़े सवालों के लिए जाना जाता रहा है. कई इस शो में मजेदार बातचीत सुनने को मिली तो कई बार सेलेब्स के जवाब ऐसे भी रहे, जिन पर खूब बवाल हुआ. हार्दिक पांड्या और केएल राहुल का मामला तो इतना बढ़ गया था कि बीसीसीआई को दोनों के खिलाफ एक्शन लेना पड़ा.वहीं, कंगना रनौत ने शो में नेपोटिज्म को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रही. इनके अलावा रणबीर, ऐश्वर्या, प्रीति जिंटा, प्रियंका चोपड़ा और दूसरे सेलेब्स से जुड़े कमेंट भी विवादों में शामिल रहे. आइए कॉफी विद करण शो के 10 विवादों के बारे में जानते हैं.
1. हार्दिक पांड्या और केएल राहुल का विवाद
साल 2019 में 'कॉफी विद करण' के सीजन 6 में क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और केएल राहुल पहुंचे थे. शो के रैपिड-फायर राउंड और बातचीत में हार्दिक ने महिलाओं, नाइटक्लब कल्चर और अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर कई कमेंट किए, जिन्हें सेक्सिस्ट और महिलाओं के लिए अपमानजनक माना गया. हार्दिक ने अपनी पर्सनल लाइफ और महिलाओं के साथ अपने बिहेवियर को लेकर भी खुलकर बातें कीं. जिसकी वजह से दोनों की क्रिक्रेटर्स को काफी आलोचना का समाना करना पड़ा. ये मामला इतना बढ़ा कि बीसीसीआई को भी इसमें दखल देनी पड़ी. हार्दिक पांड्या और केएल राहुल को क्रिकेट से सस्पेंड कर दिया गया और दोनों को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच से वापस बुलाया गया. इतना ही नहीं बाद में इस एपिसोड को प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया गया.
2. कंगना रनौत ने करण जौहर पर साधा था निशाना
साल 2017 में 'रंगून' के प्रमोशन के दौरान कंगना रनौत 'कॉफी विद करण' में आई थीं. इस एपिसोड में कंगना ने बॉलीवुड में आउटसाइडर्स और स्टार किड्स को लेकर खुलकर बात की. करण जौहर के सामने ही कंगना ने उन्हें 'नेपोटिज्म का फ्लैग बेयरर' और 'मूवी माफिया' कह दिया था. उन्होंने करण पर स्टार किड्स को सपोर्ट करने और आउटसाइडर्स के लिए मौके कम करने जैसे आरोप लगाए. उनका यह बयान उस समय काफी चर्चा में आया था. इसके बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस और ज्यादा तेज हो गई थी. इस एपिसोड के बाद करण और कंगना के बीच भी दूरी बढ़ गई थी.
3. दीपिका और सोनम का रणबीर कपूर पर कमेंट
'कॉफी विद करण' के सीजन 3 में दीपिका पादुकोण और सोनम कपूर ने रणबीर कपूर पर कमेंट किया था. उस समय दीपिका और रणबीर कपूर का ब्रेकअप हो चुका था. शो में करण ने दीपिका से रणबीर को लेकर एक सवाल किया कि दीपिका रणबीर को क्या गिफ्ट देना चाहेंगी, तो उन्होंने कंडोम ब्रांड का एंडोर्समेंट करने की बात कही. सोनम कपूर ने भी इस बातचीत में दीपिका का साथ दिया और रणबीर को अच्छा दोस्त लेकिन बेकार बॉयफ्रेंड बताया. दोनों के कमेंट के बाद यह एपिसोड काफी सुर्खियों में आया था. दीपिका और सोनम के कमेंट के बाद ऋषि कपूर के नाराज होने की बातें भी मीडिया में सामने आई थीं.
4. इमरान हाशमी ने किया था ऐश्वर्या राय पर विवादित कमेंट
कॉफी विद करण 4 में इमरान हाशमी और महेश भट्ट आए हुए थे. रैपिड-फायर राउंड के दौरान करण जौहर ने इमरान के सामने 'प्लास्टिक' शब्द रखा और पूछा कि इस वर्ड को सुनते ही उनके दिमाग में किस एक्ट्रेस का नाम आता है. इस इमरान ने तुरंत ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम लिया. उनके इस कमेंट पर काफी बवाल हुआ था. ऐश्वर्या के फैंस और बच्चन फैमिली से जुड़े लोगों ने इस पर काफी नाराजगी जताई थी. हालांकि, जब इस पर विवाद बढ़ा तो इमरान ने सफाई में कहा कि रैपिड-फायर में हैम्पर जीतने के लिए उन्होंने यह जवाब मजाक में दिया था और वह ऐश्वर्या की काफी इज्जत करते हैं.
5. आलिया भट्ट का क्विज वाला जवाब
साल 2013 में आलिया भट्ट अपनी डेब्यू फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के को-स्टार्स वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ शो में आई थीं.'कॉफी क्विज' के दौरान करण जौहर ने उनसे एक आसान सवाल पूछा कि भारत के राष्ट्रपति कौन हैं. सबसे पहले वरुण धवन ने गलत जवाब दिया. वहीं, आलिया भट्ट ने भी पूरे कॉन्फिडेंस के साथ गलत जवाब देते हुए पृथ्वीराज चौहान को भारत राष्ट्रपति बताया था. उस समय भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी थे. एपिसोड टेलीकास्ट होने के बाद आलिया सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुईं थी. ये भी एपिसोड भी काफी सुर्खियों में रहा था.
6. तुषार कपूर का प्रीति जिंटा पर 'बोटोक्स' कमेंट
सीजन 3 में तुषार कपूर अपनी बहन एकता कपूर के साथ शो में आए थे. इस दौरान उनसे करण जौहर ने पूछा कि 'बोटोक्स' शब्द सुनकर उनके दिमाग में किस एक्ट्रेस का नाम आता है. उन्होंने तुरंत प्रीति जिंटा का नाम ले लिया. उनके इस जवाब ने सभी को हैरान कर दिया था. हालांकि,विवाद बढ़ने के बाद तुषार कपूर ने माफी मांगी.
7. करीना कपूर और प्रियंका चोपड़ा की एक्सेंट पर बहस
'कॉफी विद करण' के सीजन 3 में करीना कपूर और सैफ अली खान साथ पहुंचे थे. बातचीत के दौरान करीना ने प्रियंका चोपड़ा के एक्सेंट पर कमेंट किया. करीना ने सवाल किया कि प्रियंका को ऐसा एक्सेंट आखिर कहां से मिला. यह कमेंट दोनों एक्ट्रेस के बीच चल रही कथित कोल्ड वॉर से जोड़कर देखा गया. वहीं, जब एक एपिसोड में प्रियंका चोपड़ा शाहिद कपूर के साथ शो पर पहुंचीं. करण ने उनसे भी इसी तरह का सवाल किया. प्रियंका ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह एक्सेंट उसी जगह से मिला है, जहां से करीना के बॉयफ्रेंड यानी सैफ अली खान को मिला था. उनके इस जवाब ने काफी सुर्खियां बटोरी थी.
8. रणवीर सिंह ने किया था अनुष्का शर्मा पर विवादित कमेंट
दरअसल कॉफी विद करण के सीजन 3 में रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा पहुंचे थे. शो में रणवीर ने अनुष्का के लुक को लेकर एक ऐसा कमेंट कर दिया, जिसे गलत माना गया. अनुष्का ने तुरंत रणवीर को टोकते हुए कहा कि उनसे इस तरह बात न करें. यह मामला भी काफी चर्चा में रहा था. सोशल मीडिया पर लोगों ने रणवीर के इस कमेंट को महिलाओं के साथ सही तरीके से बात न करने से जोड़कर देखा. इसको लेकर रणवीर की काफी आलोचना हुई थी.
9. सलमान खान ने किया था 'वर्जिन' होने का दावा
सलमान खान कॉफी विद करण के सीजन 4 के पहले एपिसोड में पहली बार पहुंचे थे. करण जौहर ने उनसे उनकी लव लाइफ, शादी और रिलेशनशिप को लेकर पर्सनल सवाल किए.करण ने सलमान से उनकी वर्जिनिटी को लेकर भी सवाल किया गया. इसके जवाब में सलमान ने कहा कि वह अभी भी वर्जिन हैं और खुद को अपनी होने वाली पत्नी के लिए बचाकर रख रहे हैं. उनके इस जवाब ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. एपिसोड के बाद यह बात सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट मीडिया में खूब चर्चा में रही.
10. सोनम कपूर का एक्टर्स के लुक पर कमेंट
सीजन 4 में सोनम कपूर ने रैपिड-फायर राउंड के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर्स की एक्टिंग और लुक को लेकर एक कमेंट किया था. उन्होंने कहा था कि इंडस्ट्री और ऑडियंस के बीच एक सोच बन गई है कि जो लोग बहुत अच्छे दिखते नहीं हैं या ज्यादा लाउड नहीं हैं, उन्हें सीरियस और अच्छा एक्टर मान लिया जाता है. उन्होंने कहा कि वहीं अगर कोई एक्टर बहुत खूबसूरत या ग्लैमरस है, तो लोगों को लगता है कि वो एक्टिंग करना नहीं जानते. सोनम के इस कमेंट को खास एक्टर्स पर इशारा माना गया. जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी.
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ज्वेलरी क्षेत्र को एक संगठित पेशेवर उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना बेहद आवश्यक: उद्योग जगत
कोलकाता, 30 सितंबर (आईएएनएस)। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि पारंपरिक कारीगरी को बचाने और नई पीढ़ी को इस क्षेत्र से जोड़ने के लिए कौशल-आधारित शिक्षा को औपचारिक मान्यता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कारीगर इस उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण नींव हैं। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि ज्वेलरी क्षेत्र को एक संगठित पेशेवर उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना बेहद आवश्यक है।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की नेशनल एक्सपर्ट कमेटी ऑन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के अध्यक्ष और नेमिचंद बामलवा एंड संस के निदेशक विनोद बामलवा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नई पीढ़ी के कारीगर इस क्षेत्र में आने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अब तक इस काम को औपचारिक व्यावसायिक शिक्षा के रूप में पर्याप्त मान्यता नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि यदि ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कौशल को शैक्षणिक डिग्री और प्रमाणपत्रों से जोड़ा जाए, तो युवाओं का आकर्षण इस क्षेत्र की ओर बढ़ेगा।
विनोद बामलवा ने आगे कहा कि सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है कि कक्षा 8, 9 और 10 से ही छात्रों को उद्योग के सहयोग से ज्वेलरी निर्माण और संबंधित तकनीकी विषयों की शिक्षा दी जा सके।
उन्होंने कहा, उद्योग जगत ने इस पहल को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है। यदि कौशल प्रशिक्षण को डिग्री या औपचारिक मान्यता से जोड़ा जाता है, तो कारीगरों की अगली पीढ़ी तैयार करने में मदद मिलेगी और पारंपरिक कला को भी संरक्षित किया जा सकेगा।
विनोद बामलवा ने आईएएनएस से कहा कि संबंधित मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे बिना किसी चिंता के काम करें और यदि किसी प्रकार की बाधा आती है तो सरकार उसका समाधान करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कौशल-आधारित प्रशिक्षण को भी उच्च शिक्षा की तरह सम्मान और पहचान मिले। इसके लिए उद्योग जगत का सहयोग आवश्यक है और इस दिशा में सकारात्मक पहल शुरू हो चुकी है।
वहीं, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) की नेशनल एक्सपर्ट कमेटी ऑन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के को-चेयरमैन तथा सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुवंकर सेन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में कारीगरी की परंपरा कई दशकों पुरानी है और देश के प्रमुख ज्वेलरी केंद्रों जैसे मुंबई, सूरत और दक्षिण भारत में काम करने वाले बड़ी संख्या में कारीगर बंगाल से आते हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग और सरकार को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि इस कला और कौशल को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए।
सुवंकर सेन ने आगे कहा, ज्वेलरी उद्योग से जुड़ी पढ़ाई केवल आभूषण बनाने तक सीमित नहीं होती। इसमें धातु विज्ञान, मार्केटिंग, बिक्री तकनीक और उत्पाद प्रबंधन जैसे कई विषय शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि स्कूल और कॉलेज स्तर पर इस तरह की शिक्षा को शामिल किया जाए, तो युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा, ज्वेलरी क्षेत्र को एक संगठित पेशेवर उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना बेहद आवश्यक है।
सुवंकर सेन ने आगे आईएएनएस को बताया कि सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को ऐसा प्रशिक्षण और शिक्षा मिले, जिससे उनके करियर को वास्तविक लाभ पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि यदि उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थान मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करें, तो स्किल डेवलपमेंट और नॉलेज ट्रेनिंग अधिक प्रभावी होगी। उनके अनुसार, सरकार की पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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