Arijit Singh Retirement: आखिर क्या होता है प्लेबैक सिंगिंग, जिससे अरिजीत सिंह ने लिया सन्यास, जानें नॉर्मल सिंगर से कितना अलग
Arijit Singh Retirement: भारत के अधिकांश युवाओं की पहली पसंद अरिजीत सिंह ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया है. अरिजीत अब फिल्मों में गाना नहीं गाएंगे. उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग से सन्यास ले लिया है. इस बात की जानकारी खुद अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर दी है.
अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगर के रूप में सन्यास लेने के बाद अमूमन हर व्यक्ति के मन में सवाल है कि आखिर ये प्लेबैक सिंगर और प्लेबैक सिंगिंग क्या होता है. ये आम सिंगिंग से कैसे अलग होता है. तो आइये इस बारे में जानते हैं…
प्लेबैक सिंगर, उसे कहते हैं जो फिल्मों या फिर साउंड ट्रैक के लिए गाने पहले से ही रिकॉर्ड कर लेते हैं. इस गाने को एक्टर और एक्ट्रेस से लिपसिंक करवाई जाती है. आसान भाषा में बताएं तो प्लेबैक सिंगर वे होते हैं, जो पर्दे के पीछे से अपनी आवाज देते हैं और स्क्रीन पर हीरो और हीरोइन अभिनय करते हैं. ये गायक दृश्यों और कहानी के अनुसार, अपनी आवाज में वैसी भावनाएं डालते हैं. इन सिंगरों के गाने को पहले स्टूडियो में रिकॉर्ड किया जाता है.
प्लेबैक सिंगर के उदाहरण के रूप में भारत में लता मंगेश्कर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और अरिजीत सिंह रहे हैं.
नॉर्मल सिंगर से कैसे अलग होता है प्लेबैक सिंगर
जो सिंगर लाइव परफॉर्मेंस देते हैं, कॉन्सर्ट करते हैं, निजी एल्बम या फिर रिकॉर्डिंग करते हैं, उन्हें नॉर्मल सिंगर कहा जाता है. आसान भाषा में समझाएं तो नॉर्मल सिंगर दर्शकों के सामने लाइव गाना गाते हैं या फिर अपने लिए गाना गाते हैं. नॉर्मल सिंगर सीधे अपने दर्शकों से जुड़ते हैं फिर चाहे वह लाइव कॉन्सर्ट हो या फिर रिकॉर्डेड म्यूजिक वीडियो, जिसमें खुद गायक दिखाई दे रहा हो.
भारत-ईयू एफटीए हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा : राष्ट्रपति मुर्मु
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने उनके सम्मान में एक भव्य भोज का आयोजन किया, जहां दोनों पक्षों ने साझा मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर जोर दिया।
आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से राष्ट्रपति मुर्मु और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन से मुलाकात की तस्वीर शेयर की गई।
इस पोस्ट में लिखा गया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया।
पोस्ट में आगे लिखा गया, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोप न सिर्फ आज के हितों से, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और खुली बाजार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा।
यह मुलाकात 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई, जहां कोस्टा और वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह पहली बार था, जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता संयुक्त रूप से भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने। वे राष्ट्रपति मुर्मु के साथ पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे, जहां परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
राष्ट्रपति भवन में एट होम रिसेप्शन और भोज में दोनों नेताओं ने भारत की मेहमाननवाजी की सराहना की।
एंटोनियो कोस्टा ने अपने एक्स हैंडल पर राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, नई दिल्ली की शानदार यात्रा खत्म करते हुए, मैंने भारत की गर्मजोशी भरी और मेहमाननवाजी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को धन्यवाद दिया। आज की ईयू-भारत समिट ने दुनिया को एक साफ संदेश दिया: मूल्यों, नियमों और आपसी हितों पर आधारित ग्लोबल पार्टनरशिप हमारी साझा समृद्धि और सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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