कम बजट में चाहिए 4G स्मार्टफोन? Lava Bold N4 Lite में मिलेंगे ये खास फीचर्स
भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड Lava ने अपनी Bold सीरीज में नया किफायती मॉडल Lava Bold N4 Lite लॉन्च किया है। यह फोन खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो फीचर फोन से पहली बार स्मार्टफोन की ओर बढ़ना चाहते हैं। बड़ी स्क्रीन, दमदार बैटरी और 4G कनेक्टिविटी इसके प्रमुख आकर्षण हैं। हालांकि, इसके हार्डवेयर को देखते हुए यह डिवाइस सामान्य और हल्के इस्तेमाल के लिए ज्यादा उपयुक्त नजर आता है।
₹7,999 की लॉन्च कीमत, Amazon पर बिक्री
Lava Bold N4 Lite की स्पेशल लॉन्च कीमत 7,999 रुपये रखी गई है। इसमें 3GB रैम के साथ 32GB इंटरनल स्टोरेज मिलता है। फोन की बिक्री 3 सितंबर से Amazon India पर शुरू हो गई है। कंपनी ने इसे Empire Gold और Ghost Silver कलर ऑप्शन में पेश किया है, जिससे यूजर्स को डिजाइन के मामले में भी दो विकल्प मिलते हैं।
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6.56 इंच का बड़ा डिस्प्ले
फोन में 6.56 इंच की स्क्रीन दी गई है। बड़ी डिस्प्ले का फायदा खासतौर पर उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें छोटे स्क्रीन वाले फीचर फोन के बाद स्मार्टफोन इस्तेमाल करना है। वीडियो देखने, सोशल मीडिया ब्राउज करने और सामान्य इंटरनेट इस्तेमाल के लिए यह स्क्रीन पर्याप्त अनुभव दे सकती है।
5,000mAh बैटरी, लेकिन चार्जिंग धीमी
Lava Bold N4 Lite की सबसे बड़ी खूबियों में इसकी 5,000mAh बैटरी शामिल है। हल्के इस्तेमाल में यह बैटरी लंबा बैकअप देने में सक्षम हो सकती है। हालांकि, कंपनी बॉक्स में केवल 10W चार्जर दे रही है। यानी बैटरी बड़ी होने के बावजूद इसे पूरी तरह चार्ज होने में अपेक्षाकृत ज्यादा समय लग सकता है।
UNISOC प्रोसेसर और Android 16 Go
परफॉर्मेंस के लिए फोन में UNISOC 9863A प्रोसेसर दिया गया है। डिवाइस Android 16 Go Edition पर चलता है। इसका मतलब है कि इसमें कम संसाधन इस्तेमाल करने वाले ऐप्स का लाइट वर्जन मिलता है। यह कॉम्बिनेशन बेसिक कॉलिंग, मैसेजिंग, सोशल मीडिया और सामान्य ब्राउजिंग के लिए बनाया गया है। अच्छी बात यह है कि फोन में अनावश्यक प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स का बोझ नहीं दिया गया है।
कैमरा और स्टोरेज में बेसिक सेटअप
फोटोग्राफी के लिए फोन में 8MP रियर और 5MP फ्रंट कैमरा मिलता है। कैमरा सेटअप से शानदार फोटोग्राफी की उम्मीद करना उचित नहीं होगा, लेकिन रोजमर्रा की तस्वीरों और वीडियो कॉल के लिए यह काम आ सकता है। 32GB स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से 64GB तक बढ़ाया जा सकता है।
किसके लिए सही है Lava Bold N4 Lite?
Lava Bold N4 Lite उन यूजर्स के लिए एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है जिन्हें महंगे फीचर्स की जरूरत नहीं है। खासकर बुजुर्गों, पहली बार स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों और बेसिक यूजर्स के लिए बड़ी स्क्रीन, 5,000mAh बैटरी और 4G कनेक्टिविटी उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं, गेमिंग, मल्टीटास्किंग और हैवी ऐप्स इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा पावरफुल स्मार्टफोन की ओर देखना बेहतर होगा।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
Nandigram Bypoll: जेल से रिहा हुए Congress प्रत्याशी Milan Pradhan, पुलिस पर लगाया दबाव का आरोप
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया। प्रधान ने जेल से बाहर आने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से पहले नामांकन वापस लेने के लिए दबाव डाला था और बदले में उनकी मांगें पूरी करने की पेशकश भी की थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रधान को 2007 में उनके खिलाफ दर्ज छह आपराधिक मामलों में मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी थी।
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत गुट के नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रधान के समर्थन की घोषणा करने के कुछ ही समय बाद उन्हें इन आपराधिक मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया था। पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया उप-सुधार गृह के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रधान का स्वागत किया। प्रधान ने कहा कि वह छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए तुरंत प्रचार शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं आज से ही चुनाव प्रचार शुरू कर दूंगा। अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नंदीग्राम के लोग चाहते हैं कि कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि यहीं का बेटा उपचुनाव जीते।
मुझे अपनी जीत का पूरा भरोसा है।” पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को थम जाएगा। उपचुनाव के लिए वोट छह अक्टूबर को डाले जाएंगे, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को की जाएगी। प्रधान ने आरोप लगाया कि 18 सितंबर को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें चांदीपुर से उठाया और उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर मंदारमनी के एक होटल ले गए।
उन्होंने कहा, “दिन भर चुनाव प्रचार करने के बाद मैं चांदीपुर में आराम कर रहा था, तभी सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने मुझे जबरदस्ती उठा लिया। उन्होंने गाड़ी में मेरी आंखों पर गमछा बांध दिया। मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
हालांकि, मुझे इस बात का अंदाजा जरूर हो रहा था कि मुझे मंदारमनी की तरफ ले जाया जा रहा है।” प्रधान ने दावा किया कि उन्हें लिफ्ट से होटल के कमरे में ले जाया गया और इस दौरान भी उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी। उन्होंने कहा, “मुझसे पूछा गया-बताइए आपको क्या चाहिए। आपको जो चाहिए, कल तक मिल जाएगा।
बस आप अपनी उम्मीदवारी वापस ले लीजिए।” कांग्रेस नेता ने कहा, “वहां कुछ आईपीएस अधिकारी और एक डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) मौजूद थे। मैंने उनसे कहा कि मैं अपनी विचारधारा की वजह से राजनीति में हूं और ऐसा (उम्मीदवारी वापस लेना) नहीं कर सकता।” प्रधान ने दावा किया कि देर रात करीब ढाई-तीन बजे उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर चांदीपुर वापस ले जाया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। उच्च न्यायालय ने कांग्रेस उम्मीदवार को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार करने की अनुमति दे दी।
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई थी। उन्होंने साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीट पर जीत हासिल की थी और बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया था। प्रधान ने दावा किया कि उन्हें जेल में इसलिए रखा गया, ताकि वह नंदीग्राम नहीं पहुंच सकें।
उन्होंने आरोप लगाया, “(2007 के) जिस जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को पहचान दिलाई और जिस मामले में वह (शुभेंदु) खुद भी शामिल हैं, उसका इस्तेमाल मुझे जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से परेशान करने के लिए किया गया।” शुभेंदु 2007 में तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थे। वह साल 2021 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इस साल विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला।
प्रधान ने कहा कि जब उन्हें ले जाया जा रहा था, तो उन्हें शुरू में डर लगा था कि उनकी हत्या कर दी जाएगी। कांग्रेस नेता ने नंदीग्राम में विकास के दावों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वहां कंक्रीट की कुछ सड़कों के निर्माण के अलावा कोई खास काम नहीं हुआ है। प्रधान ने कहा, “यहां (नंदीग्राम) के लोग अब भी तालाबों का पानी पीते हैं।
सत्ता परिवर्तन लोगों की लाशों पर हुआ। अब भी 10 लोग लापता हैं। यहां जल्दी चुनाव क्यों हो रहे हैं?
क्योंकि वह (शुभेंदु) नंदीग्राम छोड़ चुके हैं।” प्रधान ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाने के भाजपा के फैसले पर भी सवाल उठाए। हसीरानी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी इस साल छह मई को चुनाव बाद हिंसा के दौरान हत्या कर दी गई थी। प्रधान ने कहा, “हसीरानी एक मां हैं।
हम मांओं का सम्मान करते हैं। लेकिन भाजपा ने यहां (नंदीग्राम) किसी बाहरी व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारा है। क्यों?
क्या यहां का कोई बेटा टिकट का हकदार नहीं था?” राज्य सरकार के उनकी अंतरिम जमानत को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। शुभेंदु के इस बयान का जिक्र करते हुए कि उनकी पार्टी (भाजपा) को चुनाव कराना आता है, प्रधान ने कहा कि यह एक धमकी जैसा है। उन्होंने कहा, “हमें लोकतंत्र की रक्षा करनी है।
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