'अगर हम बाकी के दोनों मैच जीतते हैं तो', चौथे T20 से पहले न्यूजीलैंड के कोच का बयान हुआ वायरल
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला 28 जनवरी को खेला जाएगा. ये मैच विशाखापट्टनम में खेला जाएगा, जिसपर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. भारत ने सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है. ऐसे में कीवी टीम अब बचे हुए दोनों मैच जीतकर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी. चौथे टी-20 मैच से पहले आइए जानते हैं कि न्यूजीलैंड के बॉलिंग कोच जैकब ओरम ने क्या-क्या कहा.
क्या बोले जैकब ओरम?
न्यूजीलैंड के बॉलिंग कोच जैकब ओरम में बुधवार को खेले जाने वाले चौथे टी20 मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'अगर हम बाकी के बचे दोनों मैच जीतते हैं, तो इससे हमारी टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा. मैंने पहले भी कहा था कि कुछ खिलाड़ी इंजरी और हल्की परेशानियों से वापसी कर रहे हैं, कुछ अपनी व्यक्तिगत लय तलाश रहे हैं, लेकिन मैच जीतना हमेशा अच्छा होता है.'
ओरम ने हालांकि स्वीकार किया कि टीम को टी20 सीरीज के नतीजों से आगे सोचते हुए आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित करना होगा. उन्होंने कहा, 'एक अच्छी टीम के खिलाफ जीत के बाद अपनी टीम का विजय गीत गाना वाकई अच्छा लगेगा, लेकिन साथ ही जीत और हार से थोड़ा आगे जाकर भी देखना जरूरी है. मैं यहां नतीजों को कमतर नहीं आंक रहा हूं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम दीर्घकालिक टारगेट और बड़ी तस्वीर पर नजर रखें. इतिहास गवाह है कि न्यूजीलैंड की टीम आईसीसी टूर्नामेंटों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है.'
भारत और न्यूजीलैंड हेड टू हेड (IND vs NZ Head to Head)
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 28 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिसमें 15 मैच भारत ने जीते हैं और 10 मैचों में न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की है. 3 मैच टाई रहे हैं.
विशाखापट्टनम में खेला जाएगा चौथा टी-20
टी-20 सीरीज का चौथा टी-20 मैच विशाखापट्टनम में खेला जाएगा. सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज कर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली. अब यदि भारत विशाखापट्टनम में जीतने में सफल हुआ, तो सीरीज में 4-0 की बढ़त हासिल कर लेगी. वहीं, कीवी टीम हर हाल में जीत दर्ज कर सीरीज में जीत का खाता खोलना चाहेगी.
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UGC New Rule Controversy: क्या UGC के नए नियम से खत्म होगा भेदभाव या फिर बढ़ेगा तनाव ?
UGC New Rule Controversy: यूजीसी जो है यूनिवर्सिटी ग्रैंड कमीशन एक रेगुलेटरी बॉडी है. इस रेगुलेटरी बॉडी ने जो नए रेगुलेशन सामने लेकर आए हैं इसको लेके बवाल मचा है. यूजीसी जो है आज जग में उपहास का कारण बन रहा है और इसका कारण भी है क्योंकि पहले से ही एक व्यवस्था जो चली आ रही थी उस व्यवस्था में एक नई बात डालकर आपने डिस्क्रिमिनेशन खत्म करने के नाम पर एक व्यापक बवाल खड़ा कर दिया. इसके लिए जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ यूजीसी है. जो संविधान की मूल भावना है. आर्टिकल 15, आर्टिकल 14, आर्टिकल 17 यह जो रेगुलेशन है यह उसकी मूल भावना के खिलाफ है. कितनी देर तक यह सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर टिके रहेंगे वो कोई कह नहीं सकता। बहरहाल सवाल यह है कि क्या यूजीसी के नए नियमों से सवर्ण छात्रों की परेशानी बढ़ेगी? क्या कैंपस में होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए नए कानून नहीं आने चाहिए? क्या सरकार की सफाई के बाद यूजीसी नियमों का विवाद समाप्त हो जाएगा? क्या विवाद की जड़ भेदभाव की कैटेगरी में ओबीसी को शामिल करना है? देखिए न्यूज नेशन की खास पेशकश सवाल है बवाल है.
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