EC तक मार्च, हर जिले में प्रदर्शन... चुनाव आयोग को घेरने के लिए INDIA गठबंधन ने बैठक में तय की रणनीति
INDIA Bloc: विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ बयानबाजी से आगे बढ़कर अब घेराबंदी की तैयारी शुरू कर दी है. बुधवार को इंडिया गठबंधन के बीच बैठक हुई. इस दौरान चुनाव आयोग को घेरने के लिए रणनीति तय की गई. बैठक में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालने पर सहमति बनी.
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 2 से 8 अक्टूबर तक हम जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकालेंगे. हर जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेंगे. हम लोगों को यह भी बताएंगे कि हम यह अभियान क्यों चला रहे हैं. इसके अलावा चुनाव आयोग तक विपक्षी सांसद मार्च निकालेंगे.
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference after INDIA bloc meeting, Congress president Mallikarjun Kharge, says, "From October 2 to 8, we will hold district-level 'Save Democracy' marches and stage demonstrations outside the offices of every District Magistrate. We will also… pic.twitter.com/ietj3MtDRZ
— Press Trust of India (@PTI_News) September 30, 2026
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
खरगे ने कहा कि 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. कहा कि हम आज ही जाना चाहते थे, लेकिन हमने सांसदों को फिर से बुलाकर ठीक से विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया, इसलिए हमने मार्च के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है. खरगे ने कहा कि राज्यसभा और लोकसभा के सभी सदस्य, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, और जो लोग देश में लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं, उन्हें इस मार्च में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा.
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राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्ष
रणनीति पर बात करते हुए खरगे ने आगे कहा कि तीसरा कार्यक्रम यह है कि विपक्ष के नेता अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे. हम राष्ट्रपति को उन मुश्किलों और संवैधानिक बाधाओं के बारे में ज्ञापन सौंपेंगे जिनका हम सामना कर रहे हैं. और चौथे कार्यक्रम में पांच बड़ी रैलियां होंगी। तारीख और जगह तय करके सभी को बता दी जाएगी.
3.5 घंटे चली बैठक
दिल्ली में बुधवार (30 सितंबर 2026) को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की. बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी दलों ने इन मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ने और संयुक्त रूप से कार्यक्रम चलाने पर सहमति जताई है.
ऑनलाइन भी शामिल हुए नेता
खरगे ने बताया कि बैठक में कुछ नेता ऑनलाइन भी शामिल हुए. उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने भी बैठक में अपने विचार रखे. उनके मुताबिक, राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत अन्य नेताओं ने आगे की रणनीति को लेकर कई सुझाव दिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन अब चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर साझा कार्यक्रम तैयार करेगा. विपक्षी दलों की बैठक में इन मुद्दों पर आगे की कार्रवाई और संयुक्त अभियान की रूपरेखा पर भी विचार किया गया.
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अस्पताल की लापरवाही से परेशान बेटा बीमार मां को व्हीलचेयर पर लेकर स्थानीय विधायक के घर पहुंचा
हैदराबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सरकारी अस्पताल की लापरवाही से नाराज एक बेटा अपनी बीमार मां को व्हीलचेयर पर लेकर सीधे स्थानीय विधायक के घर पहुंच गया। यह घटना मंगलवार रात तेलंगाना के मंचेरियल जिले में हुई।
जानकारी के मुताबिक, राज कुमार नाम के युवक ने अपनी 55 वर्षीय मां बुकिया बुज्जी को व्हीलचेयर पर दो किलोमीटर तक धकेलते हुए मंचेरियल के विधायक के. प्रेमसागर राव के घर तक ले गया।
बताया जा रहा है कि महिला किडनी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित है। वह मंडामर्री मंडल के पुलिमडुगु गांव की रहने वाली है और अपने बेटे के साथ इलाज के लिए मंचेरियल के जिला सरकारी अस्पताल आई थी।
राज कुमार ने आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने उसकी मां को पांच घंटे तक व्हीलचेयर पर ही इंतजार कराया। कोई भी स्टाफ उनकी बीमार मां की देखभाल के लिए आगे नहीं आया। इसी से परेशान होकर वह अपनी मां को सड़क पर व्हीलचेयर पर धकेलते हुए दो किलोमीटर दूर स्थानीय विधायक के घर ले गया ताकि विधायक का ध्यान उनकी परेशानी की ओर खींच सके।
उसने दावा किया कि उसने अस्पताल के स्टाफ से कई बार अपनी मां के लिए बेड की व्यवस्था करने और इलाज शुरू करने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। पांच घंटे इंतजार करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
राज कुमार ने कहा कि उसने अस्पताल के अधिकारियों से कम से कम उसकी मां को करीमनगर के अस्पताल में रेफर करने की भी मांग की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। आरोप है कि उससे कहा गया कि वह अपनी मां को प्राइवेट अस्पताल ले जाए।
उसने कहा कि उसके पास अपनी मां को विधायक के घर व्हीलचेयर पर ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था ताकि विधायक हस्तक्षेप कर सकें।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) तुरंत वहां पहुंचे और महिला और उसके बेटे को उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद महिला को वापस अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल प्रशासन ने बेड की व्यवस्था की और उसका इलाज शुरू किया। अधिकारियों ने मरीज की देखभाल में हुई लापरवाही की जांच का भी भरोसा दिया है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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