राखी सावंत डोनाल्ड ट्रंप को क्यों कहती हैं पापा, ड्रामा क्वीन ने उठाया सच्चाई से पर्दा, जानिए किस चक्कर में रचा था नाटक
Rakhi Sawant called Donald Trump Papa: बॉलीवुड ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं. वह अक्सर मीडिया में ऐसी बातें करती हैं, जिसकी लोगों को उम्मीद नहीं होती है. वह अपनी राय रखने और अपनी बात करने से पीछे नहीं हटती हैं. राखी अक्सर यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पापा और शुगर डैडी कहती रहती हैं. अब हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया किया है कि उनका ट्रंप से क्या रिश्ता है और वो उन्हें पापा और शुगर डैडी क्यों कहती हैं.
'डोनाल्ड ट्रंप मेरे शुगर डैडी हैं'
फरीदून शहरयार ने राखी सावंत संग बातचीत में उनसे पूछा कि उनका डोनाल्ड ट्रंप से क्या रिश्ता है. आज आप खुलासा कर ही दीजिए. दरअसल, राखी अक्सर डोनाल्ड ट्रंप को लेकर बयान देती रहती हैं और उन्हें अपना पापा कहती हैं. इस सवाल पर राखी बिना झिझके हुए बोलीं, 'डोनाल्ड ट्रंप मेरे पापा हैं. वो मेरे शुगर डैडी हैं.'
इसके आगे फरीदून ने पूछा कि आपकी कभी उनसे मुलाकात हुई, इस पर वो अपने ब्लॉन्ड बालों को दिखाते हुए कहती हैं कि ये उन्हीं की देन है. इसके साथ ही उन्होंने एक कहानी भी सुनाई कि जब उनकी मां इंतकाल हुआ था तब उन्हें पता चला कि उनके पिता ट्रंप हैं. उन्होंने बताया, 'जब मेरी मां का इंतकाल हुआ था, उससे पहले मेरी मां ने मुझसे कहा था कि राखी तब तक तिजोरी मत खोलना जब तक मेरा इंतकाल न हो जाए. मां के निधन के बाद जब मैंने तिजोरी खोली तो उसमें मेरी मां के कई सारे जेवर थे. मां के जेवर मैंने अपने भाई-बहन को दे दिए.'
राखी सावंत डोनाल्ड ट्रंप को क्यों कहती हैं पापा,
इसके आगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब उन्होंने उस तिजोरी को खोला तो उसमें ए चिट्ठी मिली थी. जिसमें लिखा था कि डोनाल्ड ट्रंप तुम्हारे पापा हैं. उन्होंने कहा, 'उस तिजोरी में मेरे लिए एक चिट्ठी थी. उसमें लिखा था कि तुम्हारे पापा सावंत नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप हैं.' आपको बता दें कि राखी सावंत के दावे को लेकर सोशल मीडिया पर लोग बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राखी अक्सर ऐसी बातें करती रहती हैं.
जानिए किस चक्कर में रचा था नाटक
दरअसल, राखी सावंत ने ये झूठा दावा यूएस की नागरिकता लेने के किया था. उन्होंने इसी इंटरव्यू में खुलासा किया कि वह चाहती हैं कि डोनाल्ड ट्रंप उन्हें स्वीरकार कर लें और उन्हें वहां की नागरिकता दे दें. उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि डोनाल्ड ट्रंप पापा मुझे स्वीकार कर लें और वहां की नागरिकता मुझे दे दें. वैसे में ऑफिशियली वहां की सिटीजेन हूं अगर मेरा डिएनए देखो तो वो मैकडॉन्लड ट्रंप है.'
राखी सावंत के बयान का बना मजाक
राखी सावंत के इस दावे को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि राखी सावंत अपने फायदे के लिए इस तरह के बयान देती रहती हैं. इसके साथ ही कुछ लोगों ने राखी के बयान का मजाक उड़ाते हुए कहा कि झूठ इतनी सच्चाई से बोलो की लोगों को सच लगे. वहीं, कुछ ने कहा कि राखी ने जिस तरीके से कहा कि उनका अलग ही कॉन्फिडेंस लेवल दिख रहा था. इसके साथ ही एक यूजर ने लिखा, 'इतना झूठ वो भी इतने कॉन्फिडेंस के साथ.' वही, दूसरे कमेंट किया, 'राखी को इस तरह की कहानी बनाने और ऐसी बातें करने में मजा आता है.' उनके इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग उनकी इस मजाकिया बातों को इंजॉय कर रहे हैं.
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flydubai फ्लाइट में चले चाकू, दोनों रूस और यूक्रेन के निकले पायलट, जानें पूरी कहानी
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान ने सऊदी अरब के ऊपर से उड़ान भरते हुए लगातार दो आपातकालीन संकेत भेजे. इनमें से एक सिग्नल सामान्य आपात स्थिति से जुड़ा था, जबकि दूसरा विमान के हाईजैक या किसी तरह के गैरकानूनी हस्तक्षेप का अंतरराष्ट्रीय संकेत माना जाता है.
घटना के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और इजरायली वायुसेना को भी अलर्ट किया गया. हालांकि बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक विमान के हाईजैक होने की पुष्टि नहीं हुई. शुरुआती रिपोर्टें में कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हुई झड़प को इस पूरे घटनाक्रम की वजह बताया गया है.
पहले भेजा गया 7700 का इमरजेंसी सिग्नल
उड़ान की निगरानी कर रहे फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम के मुताबिक विमान ने सबसे पहले 7700 कोरड प्रसारित किया. विमानन क्षेत्र में यह कोड सामान्य आपातकालीन स्थिति का संकेत होता है.
इस तरह का सिग्नल कई तरह की गंभीर परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा सकता है. मसलन, विमान में तकनीकी समस्या, मेडिकल इमरजेंसी या कोई अन्य ऐसी स्थिति जिसमें पायलट को तत्काल सहायता की जरूरत हो. लेकिन कुच ही समय बाद विमान की ओर से भेजा गया अगला सिग्नल ज्यादा गंभीर था.
????BREAKING: @i24NEWS_EN reports that one pilot stabbed the other and tried to hijack a FlyDubai plane headed to Tel Aviv. A major 9/11-style attack has just been averted.
— Tali Goldsheft (@TaliGoldsheft) September 30, 2026
A fight broke out in the cockpit and the aircraft dove 4,000 meters.
Israeli passengers overpowered him… https://t.co/OpeLQ9lgJo
फिर आया 7500 कोड, बढ़ी हाईजैक की आशंका
विमान ने इसके बाद 7500 कोड भेजा. विमानन क्षेत्र में यह कोड खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति बताने के लिए किया जाता है. इसमें हाईजैक जैसी स्थिति भी शामिल हो सकती है.
इस सिग्नल के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए स्थिति गंभीर हो गई. चूंकि विमान इजरायल की ओर जा रहा था और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर था, इसलिए संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हुई. इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसके बाद इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट किया गया.
विमान ने बदला रास्ता, तबुक में उतारा गया
आपातकालीन संकेतों के बाद विमान ने अपना निर्धारित रास्ता बदला. इसके बाद इसे सऊदी अरब के तबुक शहर में सुरक्षित रूप से उतारा गया.
लैंडिंग के बाद विमान की जांच की गई और यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की गई. शुरुआती रिपोर्टों में विमान के हाईजैक होने की बात सामने नहीं आई.
इजरायली टीवी चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में घटना के पीछे एक अलग ही वजह सामने आई कॉकपिट में मौजूद दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर झड़प हुई थी.
कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई लड़ाई?
रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान दोनों पायलटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति मारपीट तक पहुंच गई. इसी दौरान एक पायलट के बेहोश होने की बात भी सामने आई.
घटना की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई क्योंकि कॉकपिट में पायलटों की स्थिति सीधे विमान की सुरक्षा से जुड़ी होती है. किसी पायलट के अचानक बेहोश होने या दोनों के बीच नियंत्रण को लेकर समस्या पैदा होने पर विमान की उड़ान प्रभावित हो सकती है.
लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को विमान से उतार लिया गया. हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और दोनों के बीच विवाद की वजह को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहा.
एक पायलट रूसी, दूसरा यूक्रेनी
इस घटना में एक और दिलचस्प पहलू दोनों पायलटों की पृष्ठभूमि से जुड़ा है. रिपोर्टों में बताया गया कि एक पायलट रूसी मूल का था, जबकि दूसरा यूक्रेनी मूल का बताया गया.
हालांकि, N12 की रिपोर्ट में उनकी नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई. इसलिए इसे फिलहाल मीडिया रिपोर्ट में सामने आई जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में दोनों पायलटों की राष्ट्रीयता की खबर ने घटना को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी. लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पायलटों के बीच विवाद का कारण उनकी राष्ट्रीयता या दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव था.
“We restrained them. We need help.” -a Flydubai passenger filmed the cabin
— Russian Market (@runews) September 30, 2026
With blood visible on his face, he says passengers and crew subdued the attackers and that everyone was safe except one pilot.
The video was recorded shortly before the aircraft made an emergency… https://t.co/vlEXVsn872 pic.twitter.com/UFz8bLKvPQ
कुछ समय के लिए संपर्क टूटने की भी खबर
इजरायली पत्रकार अमित सेगल ने भी इस घटना को लेकर जानकारी साझा की थी. उनके अनुसार, आपातकालीन सिग्नल मिलने के बाद कुछ समय के लिए विमान से संपर्क टूट गया था.
यही वजह थी कि सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के साथ किसी गंभीर घटना की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया और संभावित सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया दी. बाद में विमान के सुरक्षित उतरने और हाईजैक की पुष्टि नहीं होने से स्थिति स्पष्ट हुई.
आखिर कितनी गंभीर थी घटना?
फिलहाल सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट है कि विमान ने दो बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन कोड प्रसारित किए थे. पहला 7700, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत है, और दूसरा 7500, जो विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैक की ओर संकेत करता है.
हालांकि, बाद की रिपोर्टों में हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई और घटना का संबंध कॉकपिट में हुई कथित झड़प से बताया गया.
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक गलत या अनपेक्षित इमरजेंसी सिग्नल भी अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर सकता है. इस मामले में भी विमान की निगरानी, सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और लड़ाकू विमानों की संभावित तैनाती ने स्थिति की गंभीरता को दिखाया.
फिलहाल विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को राहत मिली, लेकिन पायलटों के बीच वास्तव में क्या हुआ, एक पायलट क्यों बेहोश हुआ और 7500 कोड किस परिस्थिति में भेजा गया, इन सवालों के अंतिम जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे.
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