UP News: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा औद्योगिक पावरहाउस, हजारों करोड़ का निवेश और रोजगार के नए मौके
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास को तेज रफ्तार दे रही है. इसी दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र को उद्योगों का नया केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है. वर्ष 2025-26 में यीडा ने 65 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की है. इससे सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर में बड़ा निवेश आएगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा.
सौंपे गए भूमि आवंटन पत्र सौंपी
बीते रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद औद्योगिक इकाइयों और एक मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपे. इसे प्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों और तेज फैसलों का साफ उदाहरण माना जा रहा है.
कितना है निवेश
यीडा की औद्योगिक योजनाओं के तहत 28 इकाइयों को करीब 2.32 लाख वर्गमीटर जमीन दी गई है. इनसे लगभग 1,332 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 8,783 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. वहीं, ई-ऑक्शन के जरिए 37 इकाइयों को लगभग एक लाख वर्गमीटर जमीन मिली है, जिससे 500 करोड़ रुपये का निवेश और 4,800 से ज्यादा रोजगार पैदा होंगे.
18 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान
इसके अलावा इनवेस्ट यूपी और शासन के लेटर ऑफ कंफर्ट के आधार पर 9 बड़ी औद्योगिक इकाइयों को 18.77 लाख वर्गमीटर जमीन दी गई है. इन परियोजनाओं से करीब 21,128 करोड़ रुपये का निवेश और 18,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है.
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को खास मजबूती
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को खास मजबूती मिली है. इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड और अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को बड़े पैमाने पर भूमि आवंटन किया गया है. इन परियोजनाओं में 10,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश प्रस्तावित है. इससे उत्तर प्रदेश की पहचान एक उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में और मजबूत होगी.
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी फोकस
औद्योगिक विकास के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है. सेक्टर-17ए में बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज के लिए 20.50 एकड़ जमीन दी गई है. इससे चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.
सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हों और स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले. विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की आर्थिक तरक्की का बड़ा आधार बनेगा.
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FASTag व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 1 फरवरी से वाहन चालकों को मिलेगी राहत
FASTag News: भारत में टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए लागू FASTag सिस्टम को अब और सरल किया जा रहा है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन के लिए जारी होने वाले नए FASTag पर Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी जाएगी. इस फैसले का उद्देश्य FASTag जारी होने और उसके सक्रिय होने में लगने वाले समय को कम करना और आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाना है.
KYV प्रक्रिया से क्यों हो रही थी दिक्कत?
अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन की पुष्टि के लिए KYV प्रक्रिया जरूरी होती थी. इस दौरान वाहन मालिकों को बार-बार रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) अपलोड करना, वाहन की फोटो भेजना और दोबारा वेरिफिकेशन कराना पड़ता था. कई मामलों में सही दस्तावेज होने के बावजूद FASTag एक्टिवेशन में देरी होती थी, जिससे यात्रियों को टोल प्लाजा पर असुविधा झेलनी पड़ती थी. इन्हीं शिकायतों को देखते हुए NHAI ने इस प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला लिया है.
बैंकों को सौंपी गई पूरी जिम्मेदारी
नए नियमों के तहत FASTag जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच बैंक करेंगे. यह सत्यापन VAHAN डेटाबेस के माध्यम से किया जाएगा. अगर किसी कारण से VAHAN में जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो RC के आधार पर वाहन का सत्यापन पूरा किया जाएगा. यानी टैग जारी होने से पहले ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी और बाद में अलग से KYV कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
KYV क्या था और क्यों हटाया गया?
Know Your Vehicle (KYV) एक अतिरिक्त जांच प्रक्रिया थी, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि FASTag सही वाहन से जुड़ा है और किसी तरह का दुरुपयोग या डुप्लीकेट टैग इस्तेमाल न हो. हालांकि, व्यवहारिक स्तर पर यह प्रक्रिया तकनीकी दिक्कतों और देरी का कारण बन रही थी. इसी वजह से NHAI ने इसे हटाकर सिस्टम को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने का निर्णय लिया है.
पुराने FASTag धारकों के लिए क्या बदलेगा?
जो वाहन चालक पहले से FASTag का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें भी अब नियमित रूप से KYV कराने की जरूरत नहीं होगी. केवल उन्हीं मामलों में दोबारा जांच की जाएगी, जहां कोई खास शिकायत सामने आए, जैसे टैग का गलत वाहन से जुड़ना, दुरुपयोग, ढीला या गलत तरीके से जारी किया गया FASTag.
आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
इस बदलाव से FASTag खरीदने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी. वाहन मालिक टैग लेते ही उसका इस्तेमाल कर सकेंगे. बार-बार दस्तावेज अपलोड करने, बैंक या कस्टमर केयर से संपर्क करने की झंझट खत्म होगी. कुल मिलाकर, यह फैसला देशभर के लाखों वाहन चालकों के लिए समय और परेशानी दोनों की बचत साबित होगा.
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