SIR विवाद को लेकर INDIA ब्लॉक का बड़ा कदम, 2 October से DM दफ्तरों पर प्रदर्शन का ऐलान, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली
बुधवार को INDIA गठबंधन ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी पार्टियां 2 अक्टूबर को लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालेंगी और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगी। खड़गे ने बताया कि बैठक में 20 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों ने एकजुट रहने और मज़बूती से लड़ने की ज़रूरत पर चर्चा की।
इसे भी पढ़ें: ECI विवाद पर Omar Abdullah का तंज, CEC Gyanesh Kumar को Bharat Ratna मिलना चाहिए
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सदस्य 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक DM ऑफिसों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे और 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे हफ़्ते में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे ताकि उन्हें यह बता सकें कि किस तरह संस्थाओं पर कब्ज़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-नवंबर में पांच बड़ी रैलियां होंगी और इनके लिए जगह और तारीखें जल्द ही तय कर ली जाएंगी। 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी क्योंकि अब हर कोई मानता है कि राहुल जी और दीदी 'वोट चोरी' के बारे में जो कहते थे, वह सही था।
खड़गे ने कहा कि असल में, चुनाव आयोग के अंदर दो-तीन लोग सिर्फ़ मोहरे हैं, जबकि अमित शाह और मोदी उन्हें कठपुतली की तरह नचा रहे हैं... सभी पार्टियों ने मिलकर यह लड़ाई लड़ने की बात कही। INDIA गठबंधन की बैठक पर NCP-SCP नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि लोगों में EVM को लेकर काफी गुस्सा है। वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों और जिस तरह से वोटरों के नाम हटाए गए, उस पर चर्चा हुई... इस बात पर भी चर्चा हुई कि चुनाव आयोग ने बंगाल और बिहार में सत्ता में बैठे लोगों की जीत पक्की करने के लिए कैसे काम किया... मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि इंसान की बनाई किसी भी मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, उसे हैक किया जा सकता है। किसी भी चुनावी सिस्टम में इंसान की बनाई मशीनें सबसे खतरनाक चीज़ होती हैं।
इसे भी पढ़ें: Congress ने CEC को हटाने और PM Narendra Modi के इस्तीफे की उठाई मांग
अपनी शुरुआती बातों में खड़गे ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और एक ऐसा देश है जिसकी लोकतांत्रिक परंपराएं एक सरल लेकिन गहरे सिद्धांत पर बनी हैं - कि देश की सरकार चुनने में हर नागरिक की बराबर की आवाज़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं।
Vimal Elaichi Ad Controversy: विमल इलायची विज्ञापन पर फंसे शाहरुख-अजय-टाइगर; FDA के नोटिस का दिया जवाब
Vimal Elaichi Ad Controversy: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब दे दिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मुंढे के मुताबिक, तीनों एक्टर्स के जवाब विभाग को मिल चुके हैं। इनमें से दो ने अपने मामले में सुनवाई की मांग की थी। दोनों की सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सुनवाई की मांग करने वाले दोनों एक्टर्स कौन हैं।
अब आगे क्या होगा?
#WATCH | Mumbai: On notices to Bollywood actors Shah Rukh Khan, Ajay Devgn and Tiger Shroff over Vimal advertisement, Maharashtra FDA Commissioner Tukaram Mundhe says, "Regarding those notices, responses from all three have come. Two of them had asked for a hearing. Their hearing… pic.twitter.com/0MV5yNtNua
— ANI (@ANI) September 29, 2026
तुकाराम मुंढे ने बताया कि तीनों के जवाब मिलने के बाद विभाग अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया करेगा। सुनवाई की मांग करने वाले दोनों एक्टर्स की बात भी सुनी जा चुकी है। इससे कुछ दिन पहले मुंढे ने कहा था कि तीनों में से एक एक्टर ने नोटिस का जवाब नहीं दिया था। उस समय उन्होंने जवाब नहीं देने वाले एक्टर के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आने को लेकर नोटिस भेजा था। FDA की आपत्ति सिर्फ इलायची के प्रोडक्ट को लेकर नहीं है। विभाग ने इस विज्ञापन में विमल ब्रांड की पहचान को लेकर सवाल उठाए हैं। FDA का कहना है कि विज्ञापन के जरिए विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार हो सकता है। इसी वजह से मामले में सरोगेट विज्ञापन का सवाल उठाया गया है। महाराष्ट्र में पान मसाला से जुड़े कुछ उत्पादों पर रोक है।
एक्टर्स से क्या मांगा गया?
नोटिस में तीनों एक्टर्स से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा गया था। साथ ही उनसे विज्ञापन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और कैंपेन की जानकारी भी मांगी गई थी। उनसे यह भी पूछा गया था कि विज्ञापन में शामिल होने से पहले उन्होंने प्रोडक्ट और कैंपेन को लेकर कितनी जांच-पड़ताल की थी।
कानून में क्या है?
FDA के नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की कुछ धाराओं का जिक्र किया गया था। इनमें धारा 24 भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ी है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन को प्रकाशित करने या उसके प्रचार में शामिल होने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पहले कहा था कि किसी प्रोडक्ट का प्रचार करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी होती है कि वह विज्ञापन से पहले जरूरी जानकारी हासिल करे।
दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था मामला
विमल इलायची विज्ञापन से जुड़ा यह मामला सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था। कोर्ट ने FDA के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले के लिए महाराष्ट्र की अदालतें ज्यादा सही जगह हैं। अब तीनों एक्टर्स के जवाब मिलने के बाद FDA इस मामले में आगे की प्रक्रिया करेगा।
यह भी पढ़े- 'रामायण' में भगवान राम बनने के लिए रणबीर कपूर की पूरी तैयारी, बोले- 'यह रोल नहीं, जिम्मेदारी है'
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
Haribhoomi









