Vimal Elaichi Ad Controversy: विमल इलायची विज्ञापन पर फंसे शाहरुख-अजय-टाइगर; FDA के नोटिस का दिया जवाब
Vimal Elaichi Ad Controversy: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब दे दिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मुंढे के मुताबिक, तीनों एक्टर्स के जवाब विभाग को मिल चुके हैं। इनमें से दो ने अपने मामले में सुनवाई की मांग की थी। दोनों की सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सुनवाई की मांग करने वाले दोनों एक्टर्स कौन हैं।
अब आगे क्या होगा?
#WATCH | Mumbai: On notices to Bollywood actors Shah Rukh Khan, Ajay Devgn and Tiger Shroff over Vimal advertisement, Maharashtra FDA Commissioner Tukaram Mundhe says, "Regarding those notices, responses from all three have come. Two of them had asked for a hearing. Their hearing… pic.twitter.com/0MV5yNtNua
— ANI (@ANI) September 29, 2026
तुकाराम मुंढे ने बताया कि तीनों के जवाब मिलने के बाद विभाग अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया करेगा। सुनवाई की मांग करने वाले दोनों एक्टर्स की बात भी सुनी जा चुकी है। इससे कुछ दिन पहले मुंढे ने कहा था कि तीनों में से एक एक्टर ने नोटिस का जवाब नहीं दिया था। उस समय उन्होंने जवाब नहीं देने वाले एक्टर के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आने को लेकर नोटिस भेजा था। FDA की आपत्ति सिर्फ इलायची के प्रोडक्ट को लेकर नहीं है। विभाग ने इस विज्ञापन में विमल ब्रांड की पहचान को लेकर सवाल उठाए हैं। FDA का कहना है कि विज्ञापन के जरिए विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार हो सकता है। इसी वजह से मामले में सरोगेट विज्ञापन का सवाल उठाया गया है। महाराष्ट्र में पान मसाला से जुड़े कुछ उत्पादों पर रोक है।
एक्टर्स से क्या मांगा गया?
नोटिस में तीनों एक्टर्स से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा गया था। साथ ही उनसे विज्ञापन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और कैंपेन की जानकारी भी मांगी गई थी। उनसे यह भी पूछा गया था कि विज्ञापन में शामिल होने से पहले उन्होंने प्रोडक्ट और कैंपेन को लेकर कितनी जांच-पड़ताल की थी।
कानून में क्या है?
FDA के नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की कुछ धाराओं का जिक्र किया गया था। इनमें धारा 24 भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ी है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन को प्रकाशित करने या उसके प्रचार में शामिल होने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पहले कहा था कि किसी प्रोडक्ट का प्रचार करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी होती है कि वह विज्ञापन से पहले जरूरी जानकारी हासिल करे।
दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था मामला
विमल इलायची विज्ञापन से जुड़ा यह मामला सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था। कोर्ट ने FDA के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले के लिए महाराष्ट्र की अदालतें ज्यादा सही जगह हैं। अब तीनों एक्टर्स के जवाब मिलने के बाद FDA इस मामले में आगे की प्रक्रिया करेगा।
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Shardiya Navratri 2026 Date: 11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि, जानें नौ दिनों में मां के स्वरूप, शुभ रंग और भोग
हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर दिन देवी के अलग स्वरूप की आराधना की जाती है और उनके स्वरूप के अनुसार रंग और भोग का भी महत्व बताया गया है।
पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। इस दौरान पहले दिन मां शैलपुत्री से लेकर नौवें दिन मां सिद्धिदात्री तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी।
श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार देवी को अलग-अलग भोग अर्पित करते हैं और शुभ रंग के वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं नौ दिनों में किस दिन किस देवी की पूजा होगी, कौन सा रंग शुभ माना जाता है और किस भोग की परंपरा है।
पहला दिन: मां शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। उन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां शैलपुत्री की आराधना से भक्तों को शक्ति और स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है।
शुभ रंग: पीला
भोग: गाय का घी
मान्यता है कि मां शैलपुत्री को घी का भोग अर्पित करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी का यह स्वरूप तप, संयम और साधना का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, उनकी आराधना से धैर्य और आत्मबल की प्राप्ति होती है।
शुभ रंग: हरा
भोग: शक्कर या सफेद मिठाई
मान्यता के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका स्वरूप साहस और शक्ति से जुड़ा माना जाता है।
शुभ रंग: ग्रे
भोग: दूध या खीर
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना से जीवन के दुख और परेशानियां दूर होती हैं।
चौथा दिन: मां कूष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां कूष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से सृष्टि की रचना की थी। देवी का यह स्वरूप ऊर्जा और सृजन शक्ति से जुड़ा माना जाता है।
शुभ रंग: नारंगी
भोग: मालपुआ
मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा की पूजा से बुद्धि और विवेक का विकास होता है।
पांचवां दिन: मां स्कंदमाता
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। देवी की गोद में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, जिन्हें स्कंद नाम से भी जाना जाता है। इसी कारण देवी को स्कंदमाता कहा जाता है।
शुभ रंग: सफेद
भोग: केला
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता की आराधना से संतान सुख और परिवार में खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।
छठा दिन: मां कात्यायनी
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी को शक्ति और साहस का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
शुभ रंग: लाल
भोग: शहद
मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
सातवां दिन: मां कालरात्रि
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी का स्वरूप उग्र माना जाता है, लेकिन भक्तों के लिए उन्हें कल्याणकारी स्वरूप वाली देवी माना जाता है।
शुभ रंग: शाही नीला
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि की आराधना से भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
आठवां दिन: मां महागौरी
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। देवी महागौरी को शांति, पवित्रता और सौम्यता का स्वरूप माना गया है।
शुभ रंग: गुलाबी
भोग: नारियल
मान्यता के अनुसार, मां महागौरी की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री
नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। देवी सिद्धिदात्री को सिद्धियों की देवी माना जाता है। नवरात्रि के अंतिम दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और कई स्थानों पर कन्या पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है।
शुभ रंग: बैंगनी
भोग: हलवा-पूरी
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
नवरात्रि में रंग और भोग का क्या महत्व है?
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा के साथ अलग-अलग रंग और भोग की परंपराएं जुड़ी हुई हैं। हालांकि, रंग और भोग से जुड़ी परंपराएं क्षेत्र, परिवार और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
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