समानता का नियम या सवर्णों के लिए खतरा? जानिए UGC के नए नियम की क्रोनोलॉजी क्या है?
13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 'Promotion of Equity and Prevention of Discrimination in Higher Education Institutions Regulation 2026' लागू किया. यह नियम कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में जातिगत भेदभाव को रोकने और समानता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है. इसके तहत हर संस्था में समता आयोग बनाया जाएगा, जो समानता लागू करने और भेदभाव से जुड़ी शिकायतों का समाधान करेगा. नियम विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के हितों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है. हालांकि, लागू होते ही देशभर में विरोध शुरू हो गया. विरोध की मुख्य वजहें हैं: OBC छात्रों को भी शामिल किया गया, झूठी शिकायत पर कोई जुर्माना नहीं, और समता समिति में सामान्य वर्ग के छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं रखा गया. सुप्रीम कोर्ट ने 2016 और 2019 में कॉलेजों में जातिगत भेदभाव और हिंसक घटनाओं के बाद UGC को नए नियम बनाने का आदेश दिया था. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नियमों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और किसी के साथ भी भेदभाव या अत्याचार नहीं होगा.
मंदी वाले मोड में दिख रहा चर्चित शेयर, 6 फरवरी है कंपनी के लिए बड़ा दिन
मंगलवार को कंपनी के शेयर करीब 6 पर्सेंट टूटकर 347.65 रुपये के निचले स्तर पर आ गए। यह 52 हफ्ते का लो भी है। इस शेयर की क्लोजिंग 369.10 रुपये पर हुई। केरल की यह ज्वैलरी कंपनी अगले महीने 6 फरवरी को अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली है।
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