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JSW Cement का Shiva Cement में होगा विलय, बोर्ड ने दी Merger योजना को मंजूरी

सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनी जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड का उसकी सूचीबद्ध अनुषंगी शिवा सीमेंट में विलय होगा। इस कदम से ‘‘एकीकृत सीमेंट मंच’’ तैयार होगा और परिचालन, वित्तीय तथा प्रबंधन स्तर पर तालमेल का लाभ मिलेगा। कंपनी ने मंगलवार देर रात शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि जेएसडब्ल्यू सीमेंट के निदेशक मंडल ने शिवा सीमेंट के जेएसडब्ल्यू सीमेंट में विलय समेत व्यवस्था की योजना को मंजूरी दे दी है। 

योजना के अनुसार, ‘‘जेएसडब्ल्यू सीमेंट, शिवा सीमेंट के शेयरधारकों को शिवा सीमेंट में रखे प्रत्येक 41 रुपये अंकित मूल्य के दो रुपये वाले शेयर के बदले 10 रुपये अंकित मूल्य वाले पांच शेयर जारी करेगी।’’ यह योजना शेयर बाजारों, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), ओडिशा औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम तथा शेयरधारकों और कर्जदाताओं समेत अन्य वैधानिक एवं नियामकीय प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरी मिलने के अधीन है। कंपनी ने कहा, ‘‘नियामकीय मंजूरियां समय पर मिलने की स्थिति में यह लेनदेन 12-14 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।’’

 कंपनी ने कहा कि विलय से वित्तीय, प्रबंधकीय, तकनीकी, वितरण और विपणन संसाधनों को एक साथ लाया जा सकेगा, जिससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी। इससे शिवा सीमेंट की ‘क्लिंकर’ इकाई के जरिये पिछड़े एकीकरण की सुविधा भी मिलेगी और बाहरी खरीद पर निर्भरता कम होगी। वित्तीय स्तर पर जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने बेहतर वित्तपोषण सुविधा, कम वित्तपोषण लागत और अंतर-कंपनी गारंटी खत्म होने का उल्लेख किया। कंपनी ने कहा कि योजना से प्रशासनिक कार्यों की दोहराव और अनुपालन संबंधी जरूरतें भी कम होंगी। 

जेएसडब्ल्यू सीमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निलेश नरवेकर ने कहा, ‘‘प्रस्तावित विलय अधिक एकीकृत और दक्ष कारोबार बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इससे परिचालन और वित्तीय तालमेल का लाभ मिलेगा, पिछड़ा एकीकरण मजबूत होगा और हमारी कॉरपोरेट संरचना सरल होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे शिवा सीमेंट के सार्वजनिक शेयरधारकों को बड़ी और सूचीबद्ध कंपनी की वृद्धि में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।’’ 

जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने जनवरी 2018 में शिवा सीमेंट में 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी और इसके बाद खुली पेशकश की थी। फिलहाल उसके पास शिवा सीमेंट की 66.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी की सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता 24.10 एमटीपीए और ‘क्लिंकर’ उत्पादन क्षमता 9.74 एमटीपीए है। ‘क्लिंकर’ सीमेंट बनाने की प्रक्रिया में तैयार होने वाला एक मुख्य मध्यवर्ती पदार्थ है। यह आमतौर पर गहरे भूरे या काले रंग के छोटे, सख्त दानों या कंकड़ों जैसा होता है।

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FSSAI ने Seven Seas Hospitality का लाइसेंस किया निलंबित, गंदगी मिलने पर सख्त एक्शन

 खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने खराब स्वच्छता और साफ-सफाई के अलावा अन्य कानूनों के उल्लंघन के कारण सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि खाद्य परिसर के निरीक्षण के दौरान ‘‘अनुपालन संबंधी गंभीर कमियां’’ पाए जाने के बाद उसने सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। नियामक ने बताया कि कंपनी का ‘‘अनुपालन ‘स्कोर’ केवल 30 प्रतिशत’’ रहा। एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य तैयार करने वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने, दुर्गंध, गंदगी और अपर्याप्त साफ-सफाई समेत स्वच्छता संबंधी खराब स्थिति पाई गई।

 निरीक्षण के दौरान ‘‘खराब हो चुकी खाद्य सामग्री’’ मिली जिसमें टमाटर, पपीता, गुड़ और काजू में फफूंद लगी हुई थी। सड़ी हुई शिमला मिर्च और खराब हो चुका खाना पकाने का तेल भी मिला। नियामक ने बताया कि खाद्य सामग्री के भंडारण में भी गंभीर कमियां थीं, जिनमें शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना शामिल है। 

कीट नियंत्रण व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। परिसर में कॉकरोच और मक्खियां मौजूद थीं। एफएसएसएआई ने कहा कि बुनियादी ढांचे की आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव था। स्वच्छता, रिकॉर्ड के रखरखाव और पानी की जांच में भी नियमों का पालन नहीं किया गया। एफएसएसएआई के अधिकारियों ने नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए ‘‘74 किलोग्राम/लीटर’’ खाद्य पदार्थ नष्ट कर दिए। 

खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को देखते हुए एफएसएसएआई ने सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कंपनी को लाइसेंस निलंबन की अवधि के दौरान खाद्य कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया है।

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  Sports

ये क्रिकेट नहीं मजाक है... 405 रन चेज होते ही भड़के भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर, पिच पर उठाए सवाल

IND vs WI Guwahati ODI: एक मैच में 811 रन बनना वैसे भी कोई मजाक नहीं है. मैच में कुल पांच बल्लेबाजों ने शतक लगाया, शुभमन गिल ने ये भी एक रिकॉर्ड है. बरसापारा स्टेडियम की पिच कितनी फ्लैट थी, इसकी गवाही रिकॉर्ड्स ही दे रहे हैं. इस पिच ने बल्लेबाजों को तो सबकुछ दिया, लेकिन गेंदबाजों की शामत ला दी. Thu, 1 Oct 2026 00:10:40 +0530

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