गणेश विसर्जन के दौरान चाकूबाजी की घटना, अस्पताल में भर्ती घायल, इलाज जारी
अनंत चतुर्दशी को निकले काफी दिन हो गए हैं। लेकिन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में अभी भी गणेश विसर्जन का सिलसिला जारी है। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। हर साल ही अनंत चौदस के कई दिनों बाद तक यहां गणपति विसर्जन चलता रहता है। ऐसे ही एक विसर्जन के दौरान चाकूबाजी का मामला सामने आया है।
मंगलनाथ पुल पर गणेश विसर्जन के लिए क्षेत्र के युवकों के साथ पहुंचे एक युवक पर चाकू से हमला किया गया है। घायल युवक मयंक सुनेरिया ने बताया कि विसर्जन के दौरान धक्का मुक्की की के चलते वाद विवाद हो गया था। इसी दौरान उस पर चाकू से हमला कर दिया गया।
गणेश विसर्जन के दौरान विवाद
मंगलनाथ पुल पर विसर्जन के दौरान हुई इस घटना में युवक घायल हो गया है। चाकू से किया गया यह वार उसकी छाती के निचले हिस्से पर लगा। घटना की जानकारी लगने पर तुरंत ही युवक के परिजन मौके पर पहुंचे। उसका इलाज के लिए चरक भवन लाया गया। यहां घायल का इलाज किया जा रहा है।
जांच कर रही पुलिस
जिस युवक के साथ ही पूरा घटनाक्रम हुआ है। वह चिमनगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसका कहना है कि उसके क्षेत्र में बड़े गणेश बैठे थे इसलिए देर से विसर्जन किया गया। इसी दौरान कहासुनी के बाद हुई हाथापाई में उस पर चाकू से हमला किया गया है। युवक ने हमला करने वाले व्यक्ति का नाम मयंक काला बताया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवक की शिकायत के आधार पर आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।
खंडवा में 12 KM तक तस्करों का पीछा, चलती पिकअप से कूदकर जंगल में भागे, सागौन के 18 लट्ठे जब्त
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित पुनासा वन परिक्षेत्र के फिफरी जंगल में सागौन की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। 29 सितंबर की रात मुखबिर की सूचना पर जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो लकड़ी तस्कर पिकअप गाड़ी लेकर भागने लगे। वनकर्मियों ने मोटरसाइकिल और शासकीय वाहनों से तस्करों का करीब 12 किलोमीटर तक पीछा किया। आखिरकार खुद को घिरता देख आरोपी चलती गाड़ी से कूदकर घने जंगल में फरार हो गए।
खेत में पलटी पिकअप
चलती गाड़ी से तस्करों के कूदते ही पिकअप अनियंत्रित होकर मोहना और टेमचा के बीच सड़क किनारे खेत में पलट गई। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर जब गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें से सागौन के 18 कीमती लट्ठे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जब्त लकड़ी की मात्रा 2.424 घनमीटर है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत एक लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। वन अमले ने पूरी लकड़ी और गाड़ी को जब्त कर लिया है।
पिकअप पर लगा था बाइक का नंबर
इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की जांच में एक और चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। तस्करों की पिकअप पर जो नंबर प्लेट लगी थी, उसकी पड़ताल करने पर पता चला कि वह चार पहिया वाहन का नहीं बल्कि एक बाइक का नंबर है। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर लंबे समय से अवैध कटाई और तस्करी का खेल खेला जा रहा था। फिलहाल विभाग गाड़ी के असली मालिक और वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर का पता लगाने में जुटा है।
वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
रेंजर रवि सेठ की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस पूरी मुहिम में वन अमले के रिछफल राजेश सोनारे, सियाराम सिंह, पवन पलासिया और संदीप तिरोले शामिल रहे। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आसपास की बीट और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर फरार तस्करों की शिनाख्त और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
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