एंटीलिया बम केस में नया मोड़, सचिन वाजे की जमानत के खिलाफ लगातार 2 बेंच का सुनवाई से इनकार
अंबानी के एंटीलिया बम धमकी केस में सचिन वाजे को जमानत मिलने के बाद NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। जमानत के खिलाफ NIA की अपील पर हाईकोर्ट की दो बेंचों ने सुनवाई से इनकार कर दिया। जानें क्या है पूरा मामला और अब आगे क्या हुआ।
अब मैसेज भेजने के पैसे लेगा WhatsApp: 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए चार्ज, जानें किस मैसेज पर लगेगा शुल्क
WhatsApp का इस्तेमाल अब सिर्फ दोस्तों और परिवार से चैट करने तक सीमित नहीं है। कई ऑनलाइन बिजनेस ग्राहकों से संपर्क करने, ऑर्डर कन्फर्मेशन, ऑफर और जरूरी अपडेट भेजने के लिए WhatsApp Business का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे बिजनेस यूजर्स के लिए Meta ने WhatsApp Business Platform की मैसेजिंग प्राइसिंग में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत 1 अक्टूबर 2026 से बिजनेस द्वारा भेजे जाने वाले कुछ मैसेज पर चार्ज देना होगा। मैसेज का प्रकार और ग्राहक के साथ बातचीत की स्थिति तय करेगी कि बिजनेस से कितना चार्ज लिया जाएगा।
30 सितंबर तक करना होगा यह काम
नई प्राइसिंग लागू होने से पहले Meta ने सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स और सीधे उसके प्लेटफॉर्म से जुड़े बिजनेस को अपने Messaging Account में पेमेंट मेथड जोड़ने के लिए कहा है। इसके लिए 30 सितंबर 2026 तक की समयसीमा दी गई है।अगर कोई बिजनेस तय तारीख तक पेमेंट मेथड नहीं जोड़ता है, तो 1 अक्टूबर से चार्ज वाले सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है। Meta के मुताबिक, बिजनेस द्वारा WhatsApp यूजर को भेजा गया मैसेज सफलतापूर्वक डिलीवर होने पर ही उसकी बिलिंग होती है।
ग्राहक के मैसेज करते ही शुरू होगी 24 घंटे की विंडो
WhatsApp Business में Customer Service Window यानी CSW का नियम अहम है। जब कोई ग्राहक किसी बिजनेस को मैसेज या कॉल करता है, तो 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो शुरू हो जाती है। इस दौरान ग्राहक दोबारा मैसेज या कॉल करता है तो यह 24 घंटे की अवधि फिर से शुरू हो जाती है।
इस विंडो के दौरान बिजनेस ग्राहक को सामान्य नॉन-टेम्पलेट मैसेज भेजकर जवाब दे सकता है। इसमें सामान्य सर्विस रिप्लाई, फ्री-फॉर्म मैसेज और AI से तैयार जवाब शामिल हो सकते हैं। यूटिलिटी मैसेज भी इस दौरान भेजे जा सकते हैं।हालांकि, नॉन-टेम्पलेट मैसेज से बिजनेस किसी ग्राहक के साथ नई बातचीत शुरू नहीं कर सकता। इनका इस्तेमाल ग्राहक की पहले से की गई पूछताछ का जवाब देने के लिए होता है।
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24 घंटे बाद क्या बदलेगा?
ग्राहक के आखिरी मैसेज या कॉल के 24 घंटे पूरे होने के बाद Customer Service Window बंद हो जाती है। इसके बाद बिजनेस ग्राहक को सामान्य नॉन-टेम्पलेट मैसेज नहीं भेज सकता। ऐसी स्थिति में बातचीत के उद्देश्य के अनुसार पहले से अप्रूव किए गए टेम्पलेट मैसेज का इस्तेमाल करना होता है। इनमें मार्केटिंग, ऑथेंटिकेशन और यूटिलिटी या ट्रांजैक्शनल मैसेज शामिल हैं।
नई प्राइसिंग व्यवस्था के तहत Customer Service Window बंद होने के बाद भेजे जाने वाले कुछ टेम्पलेट मैसेज पर बिजनेस को शुल्क देना होगा।
उदाहरण से समझें WhatsApp का नया चार्जिंग सिस्टम
मान लीजिए कोई बिजनेस WhatsApp पर किसी नए प्रोडक्ट का प्रचार करने के लिए मार्केटिंग टेम्पलेट भेजता है। ऐसे मार्केटिंग टेम्पलेट पर Meta बिजनेस से शुल्क लेता है। इसके बाद अगर ग्राहक उस बिजनेस को जवाब देता है, तो 24 घंटे की Customer Service Window शुरू हो जाती है। ग्राहक की तरफ से भेजे गए मैसेज पर चार्ज नहीं लगता। इसी दौरान बिजनेस ग्राहक के सवाल का जवाब सामान्य टेक्स्ट मैसेज से दे सकता है और यह जवाब भी फ्री रहता है।
अगर ग्राहक प्रोडक्ट खरीद लेता है और बिजनेस ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए यूटिलिटी टेम्पलेट भेजता है, तो एक्टिव 24 घंटे की विंडो के दौरान उस मैसेज पर भी चार्ज नहीं लगेगा। लेकिन ग्राहक की आखिरी बातचीत के 24 घंटे पूरे हो जाने के बाद स्थिति बदल जाएगी। Customer Service Window बंद होने पर बिजनेस सामान्य मैसेज नहीं भेज सकेगा। अगर इसके बाद ऑर्डर अपडेट देने के लिए यूटिलिटी टेम्पलेट भेजा जाता है, तो उस मैसेज पर शुल्क लगेगा।
क्या आम WhatsApp यूजर्स को भी देना होगा पैसा?
यह बदलाव WhatsApp Business Platform की मैसेजिंग प्राइसिंग से जुड़ा है। यानी इसका चार्ज बिजनेस द्वारा भेजे जाने वाले संबंधित मैसेज पर लागू होता है। आम यूजर के दूसरे WhatsApp यूजर्स को भेजे जाने वाले सामान्य पर्सनल मैसेज के लिए इस नई बिजनेस प्राइसिंग के तहत चार्ज की बात नहीं कही गई है। इसलिए 1 अक्टूबर से WhatsApp पर हर सामान्य मैसेज भेजने के लिए आम यूजर्स से पैसे लिए जाएंगे, ऐसा इस बदलाव का मतलब नहीं है।
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