Khargone News: नामांतरण के नाम पर 2 लाख की रिश्वत मांग रहा था पटवारी, इंदौर लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा
Corrupt Patwari trapped in Khargone: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सेगांव तहसील के अंतर्गत कृषि भूमि के नामांतरण के नाम पर ₹2 लाख की घूस मांगने वाले हलका पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक पुनीत नाड़ीवाल ने सेगांव तहसील क्षेत्र में एक कृषि भूमि खरीदी थी. जमीन का नामांतरण कराने के लिए उन्होंने सेगांव तहसील में आवेदन दिया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी. आवेदक जब इस संबंध में सेगांव तहसीलदार से मिला, तो उसे संबंधित हलका पटवारी से मिलने की सलाह दी गई. इसके बाद हलका नंबर 5 के पटवारी खूम सिंह धारवे और हलका नंबर 23 के पटवारी कुलदीप यादव ने नामांतरण कराने के एवज में ₹2 लाख के खर्चे (रिश्वत) की मांग की. रिश्वत देने के बजाय पीड़ित आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (इंदौर) से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई. खरगोन में शारदा अस्पताल के पास जैसे ही पटवारी खूम सिंह धारवे को रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, लोकायुक्त की टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया.
परिवार ने 4 साल तक शव फ्रीजर में रखा:₹50 लाख खर्च किए; भावनात्मक लगाव के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया, मुंबई का मामला
मुंबई में 80 साल के व्यक्ति की मौत के चार साल बाद भी परिवार ने उनका शव सुरक्षित फ्रीजर में रखा। पुलिस के मुताबिक, परिवार ने भावनात्मक लगाव के चलते शव को सुरक्षित रखने पर ₹50 लाख से ज्यादा खर्च किए हैं। पुलिस ने किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका से इनकार किया है। व्यक्ति की 2022 में कैंसर, किडनी फेलियर और उम्र से जुड़ी अन्य बीमारियों के कारण मौत हुई थी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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