UNESCO की लिस्ट में भारत की 5 नई जगहें, 4 मध्य प्रदेश से
भारत की यूनेस्को टेंटेटिव लिस्ट में 5 नई जगहें जुड़ी हैं। इनमें 4 जगहें मध्य प्रदेश की हैं। इनमें पुरानी गुफाएं, मंदिर और किला शामिल हैं। एक एंट्री महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ी जगहों की है।
SIR Form 6 Update: EC ने SIR वाले राज्यों में फॉर्म-6 से घोषणा पत्र हटाया, दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद फैसला
भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया है जहाँ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का काम पूरा हो चुका है। इस बदलाव के बाद अब इन राज्यों में नया वोटर बनने वाले व्यक्ति को यह अलग से बताने की जरूरत नहीं होगी कि उनका या उनके माता-पिता/दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर मतदाता सूची में था या नहीं। शुरुआत में इस जानकारी के लिए फॉर्म में एक नया हिस्सा जोड़ा गया था, जिसमें 2003 की वोटर लिस्ट से जुड़े विवरण मांगे जाते थे।
घोषणा पत्र जोड़ने और हटाने के पीछे की पूरी वजह
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पुरानी वोटर लिस्ट से नए और मौजूदा मतदाताओं की जानकारी का मिलान किया जाता है। शुरुआत में यह सुनिश्चित करने के लिए फॉर्म 6 में एक अलग घोषणा पत्र जोड़ा गया था जिसमें यह पूछा जाता था कि आवेदक या उसके परिवार के सदस्यों का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था या नहीं।
यदि नाम था तो उससे जुड़े एपिक नंबर, जिला और विधानसभा क्षेत्र जैसी जानकारियां मांगी जाती थीं। चूंकि एसआईआर वाले राज्यों में यह डेटा पहले ही जुटाया जा चुका है, इसलिए आयोग ने अब इस अतिरिक्त औपचारिकता को हटा दिया है।
दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू की आपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के भीतर ही इस बदलाव को लेकर वैचारिक असहमति देखने को मिली थी। चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी को जोड़े जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
दोनों का स्पष्ट मानना था कि चूंकि फॉर्म 6 एक वैधानिक फॉर्म है जिसे नियमों के तहत तय किया जाता है, इसलिए बिना किसी विधिवत नियम संशोधन के इसमें कोई भी नया हिस्सा जोड़ा जाना कानूनी रूप से सही नहीं है।
किन राज्यों में लागू रहेगा बदलाव और कहाँ दिखेगा पुराना नियम
चुनाव आयोग के इस नए फैसले का लाभ केवल उन्हीं राज्यों और क्षेत्रों को मिलेगा जहाँ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे राज्यों में फॉर्म-6 से घोषणा हटने के बाद नए मतदाताओं को अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और प्रक्रिया सरल हो जाएगी। हालांकि, जिन राज्यों या क्षेत्रों में एसआईआर की प्रक्रिया अभी भी गतिमान है या जारी है, वहां ऑनलाइन फॉर्म 6 में यह घोषणा-पत्र अभी भी यथावत दिखाई देता रहेगा।
चुनावी प्रक्रिया में सरलीकरण की दिशा में एक कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्वाचन आयोग का यह कदम आम नागरिकों और नए मतदाताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक तरफ जहां इस बदलाव से फॉर्म भरने की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर भी नियमों की पारदर्शिता और अनुपालन को लेकर बहस तेज हो गई है कि किस प्रकार वैधानिक फॉर्म्स में बदलाव किए जाने चाहिए।
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