Delhi Riots: Umar Khalid और Sharjeel Imam को तीसरी बार झटका, High Court ने खारिज की जमानत
दिल्ली हाई कोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका लगा, क्योंकि कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी इन दोनों की ज़मानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हाई कोर्ट ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश को देखते हुए, हम अभी ज़मानत नहीं दे सकते।" यह तीसरी बार है जब हाई कोर्ट ने खालिद और इमाम की ज़मानत याचिका खारिज की है।
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जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की डिवीज़न बेंच ने आदेश दिया, तस्लीम अहमद और खालिद सैफी की भूमिका उमर खालिद और शरजील इमाम से अलग है, इसलिए समानता का दावा नहीं किया जा सकता... जहाँ तक नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों का सवाल है, इसी FIR से जुड़े एक दूसरे मामले 'अथर खान बनाम दिल्ली राज्य' में इस कोर्ट ने अथर खान की भूमिका की जांच की थी और इस आधार पर उसकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी कि अथर खान की भूमिका... इस फैसले के पैरा 62, 63 और 64 में बताई गई शर्तों के अनुसार थी। ऊपर की चर्चा और इन दोनों मामलों के सभी तथ्यों को देखते हुए, खासकर 'गुलफिशा फातिमा' मामले में इन्हीं दो अपीलकर्ताओं के लिए पैरा 432 में लगाई गई शर्तों को ध्यान में रखते हुए, यह कोर्ट मौजूदा मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले/आदेश में कोई कमी नहीं पाता है। इसलिए, मौजूदा अपीलें खारिज की जाती हैं।
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अपीलकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस पेश हुए, जबकि राज्य की ओर से ASG SV राजू पेश हुए। कोर्ट ने कहा जैसा कि ऊपर दिए गए पैराग्राफ से देखा जा सकता है, इन दोनों अपीलकर्ताओं को ज़मानत देने से इनकार करते हुए यह छूट दी गई थी कि वे अधिकार-क्षेत्र वाली अदालत के सामने ज़मानत के लिए अपनी अर्ज़ी दोबारा दे सकते हैं, अगर इनमें से कोई भी स्थिति बनती है: A) अभियोजन पक्ष द्वारा जिन सुरक्षित गवाहों पर भरोसा किया गया है, उनसे पूछताछ पूरी हो जाए; या B) इस आदेश की तारीख से एक साल का समय पूरा हो जाए, यानी 5 जनवरी 2026 तक; इनमें से जो भी पहले हो। इस खास टिप्पणी के बावजूद, इन दोनों अपीलकर्ताओं ने ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी है।
MP Transport Department: मध्य प्रदेश में 351 बसों से शुरू हुई नई परिवहन सेवा, 2031 तक 14,981 बसों का लक्ष्य
Madhya Pradesh Bus Service: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के साथ की गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14,981 बसें संचालित करना है। सेवा के विस्तार के साथ यात्रियों को बेहतर बस सुविधा, आधुनिक आईटीएमएस और विकसित बस स्टैंड व टर्मिनल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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