बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी की मतदाताओं से अपील, 1971 के पाकिस्तानी सहयोगियों को नकारें
ढाका, 27 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के लिए चुनाव प्रचार शुरू होते ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने जमात-ए-इस्लामी पर परोक्ष हमला बोलते हुए मतदाताओं से अपील की है कि वे 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना के साथ सहयोग करने वालों को वोट देकर “देश को बर्बाद न करें।”
बीएनपी के महासचिव मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव ज़िले के सदर उपज़िला स्थित बीडी हाई स्कूल मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। वह आगामी चुनाव में ठाकुरगांव-1 संसदीय सीट से उम्मीदवार हैं।
बांग्लादेश के प्रमुख अख़बार द डेली स्टार के मुताबिक, फ़खरुल ने कहा, “जिन लोगों ने आख़िरी समय तक पाकिस्तानी सेना की मदद की, वही आज देश पर शासन करने के लिए वोट मांग रहे हैं। उन्हें वोट देकर देश को बर्बाद मत कीजिए।”
उन्होंने आगे कहा, “हम 1971 की भावना को जीवित रखना चाहते हैं, क्योंकि हमारी पहचान वहीं से आती है। पाकिस्तान के शोषण और दमन के कारण ही बांग्लादेश का जन्म हुआ। हमने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आज़ादी हासिल की।”
रैली के दौरान हिंदू समुदाय को संबोधित करते हुए फ़खरुल ने कहा कि देशभर में हिंदुओं के बीच अक्सर उत्पीड़न का डर रहता है, लेकिन उन्हें भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है।
इधर, फरवरी चुनाव से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने विपक्षी दलों पर चुनाव आचार संहिता के व्यापक उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ढाका स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद जमात के सहायक महासचिव एहसानुल महबूब ज़ुबैर ने पत्रकारों से कहा कि पिछले कुछ दिनों में उनके कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर हमले किए गए हैं।
ज़ुबैर ने आरोप लगाया, “हमारी महिला कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है, अपमानित किया जा रहा है और कुछ जगहों पर उनसे घूंघट हटाने को कहा गया। कई मामलों में उनके मोबाइल फोन भी छीने गए हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन घटनाओं पर काबू नहीं पाया गया, तो चुनाव से पहले हालात और बिगड़ सकते हैं।
वहीं, एनसीपी नेताओं ने भी आरोप लगाया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी दल चुनाव नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और प्रशासन की ओर से बहुत कम हस्तक्षेप हो रहा है। एनसीपी ने दावा किया कि ढाका-18 सीट से उसके उम्मीदवार के चुनाव अभियान पर हमला हुआ, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर “नकारात्मक संदेश” जा रहा है।
एनसीपी नेता आयमन राहा ने बीएनपी के ढाका-8 सीट के उम्मीदवार पर सरकारी वाहनों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा, “जब ऐसी चीजें खुलेआम होती हैं और कोई कार्रवाई नहीं होती, तो जनता में डर पैदा होता है। हमें लगता है कि हमें बराबरी का चुनावी माहौल नहीं मिल रहा है।”
बता दें कि 12 फरवरी के चुनाव से पहले बांग्लादेश में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। जिन दलों ने पहले अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ मिलकर शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की लोकतांत्रिक सरकार को हटाने में भूमिका निभाई थी, वही अब आगामी चुनाव जीतने के लिए आपसी सत्ता संघर्ष में उलझे हुए हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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उद्घाटन से पहले ही सुर्खियों में, सोशल मीडिया पर क्यों बनाया जा रहा है इस फ्लाइओवर का मजाक
मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में बना नया फ्लाइओवर उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर इस फ्लाइओवर की इंजीनियरिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं और लोग इसे खतरनाक बता रहे हैं। आरोप है कि तेज रफ्तार गाड़ियों के लिए यह फ्लाइओवर भविष्य में हादसों का कारण बन सकता है।
उद्घाटन से पहले ट्रोलिंग का उद्घाटन
मीरा रोड से भायंदर स्टेशन की ओर जाने वाला यह नवनिर्मित फ्लाइओवर अभी शुरू भी नहीं हुआ और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो गया। फ्लाइओवर की शुरुआत चार लेन से होती है, लेकिन भायंदर की तरफ करीब 500 मीटर पहले यह अचानक दोनों ओर से सिंगल लेन में बदल जाता है। इसी डिजाइन को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई गाड़ी तेज रफ्तार में फ्लाइओवर पर होगी, तो अचानक लेन कम होने की वजह से यहां बड़े हादसे हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर लोग इंजीनियर और डिजाइन पर तंज कस रहे हैं।
The flyover does not “suddenly narrow.” The transition from 4 lanes to 2 lanes is not a design flaw, but is based on available road width constraints, and future network planning.
— MMRDA (@MMRDAOfficial) January 27, 2026
As per planning, the flyover has been designed with two lanes for Bhayander East and future… https://t.co/hZrsBl9SAR
MNS ने साधा निशाना, इंजीनियर को दी हजामत करने की सलाह
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी मैदान में उतर आई। MNS नेता संदीप राणे फ्लाइओवर पर पहुंचे और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने फ्लाइओवर पर फूल-माला चढ़ाई और अपने साथ हजामत करने वाला अस्तुरा भी लेकर पहुंचे। संदीप राणे ने कहा कि जिस इंजीनियर ने इस फ्लाइओवर का डिजाइन किया है, उसे इंजीनियरिंग छोड़कर नाई का काम कर लेना चाहिए। एमएनएस नेता ने कहा की हम देखना चाहते हैं की इस फ्लाइओवर के उद्घाटन के लिए महाराष्ट्र के कौनसे मंत्री मीरा रोड आते हैं। एमएनएस पार्टी के तीखे रूख के बाद इस फ्लाइओवर को लेकर शुरू हुआ विवाद और तेज़ हो गया।
MMRDA की सफाई - भविष्य में चौड़ाई की योजना
विवाद बढ़ता देख अब MMRDA ने भी इस मामले में सफाई दी है। MMRDA का कहना है कि फ्लाइओवर “अचानक संकरा” नहीं होता। चार लेन से दो लेन में बदलाव डिजाइन की खामी नहीं, बल्कि जमीन की उपलब्धता और भविष्य की ट्रैफिक योजना के अनुसार किया गया है। MMRDA के X पर अपना बयान जारी करते हुए लिखा है कि, “फ्लाइओवर का चार लेन से दो लेन में परिवर्तन किसी भी तरह की डिजाइन खामी नहीं है। यह बदलाव जमीन की उपलब्धता, मौजूदा सड़क चौड़ाई और भविष्य की ट्रैफिक नेटवर्क योजना को ध्यान में रखकर किया गया है। भायंदर ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने के लिए आगे अतिरिक्त लेन का प्रावधान भी रखा गया है। फिलहाल फ्लाइओवर का उद्देश्य ट्रैफिक का बेहतर बंटवारा कर जाम कम करना है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए साइन बोर्ड, रम्बल स्ट्रिप्स, डिलिनेटर्स और एंटी-क्रैश बैरियर समेत सभी जरूरी सेफ्टी इंतजाम किए गए हैं।” कुल मिलाकर, उद्घाटन से पहले ही यह फ्लाइओवर राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का मुद्दा बन चुका है। अब देखना होगा कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर जमीनी स्तर पर क्या बदलाव किए जाते हैं।
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