Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजन क्यों है खास? जानिए पूजा का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस एकादशी को भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति को पाप कर्मों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है।
साल 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:11 बजे शुरू होगी और 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर 22 अक्टूबर को एकादशी का व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण अगले दिन यानी 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:27 बजे से 8:42 बजे तक किया जा सकता है।
पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजा क्यों है खास?
धार्मिक परंपरा में तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। भगवान विष्णु और उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा रही है। यही वजह है कि एकादशी के दिन भी भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व बताया जाता है।
मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने से पूजा पूर्ण मानी जाती है। इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा कर भगवान विष्णु से सुख, शांति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना भी की जाती है।
तुलसी के पौधे के सामने जलाएं दीपक
पापांकुशा एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपक जलाने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और भगवान विष्णु की कृपा की कामना की जाती है। दीपक जलाने के बाद तुलसी को प्रणाम करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
भगवान विष्णु को चढ़ाएं तुलसी दल
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें तुलसी दल अर्पित किया जा सकता है। पूजा की थाली में फूल, धूप, दीप और नैवेद्य के साथ तुलसी दल रखना धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पित करते समय श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने की परंपरा है।
तुलसी की पूजा कर करें प्रार्थना
एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद तुलसी के पौधे की पूजा की जा सकती है। तुलसी के सामने दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करें। इसके बाद परिवार की सुख-शांति और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।
क्या है पापांकुशा एकादशी की धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत व्यक्ति को जीवन में किए गए पाप कर्मों से मुक्ति की ओर ले जाने वाला माना जाता है। इसी वजह से इस एकादशी को पापांकुशा कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के लिए मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी विश्वास के चलते भगवान विष्णु की पूजा के साथ इस दिन तुलसी पूजन और तुलसी दल अर्पित करने को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
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