वैभव सूर्यवंशी ने खेली एक और तूफानी पारी, 30 गेंदों में बना दिए इतने रन
Vaibhav Suryavanshi: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-6 मुकाबले खेले जा रहे हैं. जिम्ब्बावे के खिलाफ खेले जा रहे मैच में टीम इंडिया टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी है. जहां, ओपनिंग करने आए वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर तूफानी बल्लेबाजी की. उन्होंने पहले तो 24 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की. हालांकि, वह क्रीज पर ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और विकेट गंवा बैठे. आइए जानते हैं वैभव कितने रन बनाकर पवेलियन लौटे.
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश की जगह T20 वर्ल्डकप 2026 खेलने वाली स्कॉटलैंड ने किया टीम का ऐलान, 38 वर्षीय खिलाड़ी को सौंपी कमान
चीन में शी जिनपिंग का तख्तापलट करने की रची गई थी साजिश, टॉप जनरल की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी विद्रोह की आशंका
दुनियाभर के कई देश इनदिनों विद्रोह की आग में जल रहे हैं. इस बीच चीन में भी शी जिनपिंग के खिलाफ विद्रोह की आशंका बढ़ गई है. पूरा मामला तब शुरू हुआ जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी ही सेना के सबसे ताकतवर जनरल झांग यौशिया को अचानक पद से हटा दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही सरकार के रणनीतिक सलाहकार लियू झेनली को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ कानूनों के उल्लंघन और अनुशासनात्मक जांच की शुरुआत की गई है. यही नहीं शी जिनपिंग ने सेना में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ भी अभियान शुरू किया है. झांग और ल्यू दोनों पर पर शी जिनपिंग की सरकार का तख्तापलट करने के आरोप लगा है.
बीजिंग में पांच हजार लोगों को किया गया गिरफ्तार
चीनी सेना के टॉप जनरल की गिरफ्तारी के बाद देश में विद्रोह का खतरा भी बढ़ गया है. जिसे देखते हुए तियानमेन स्क्वायर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. उधर राजधानी बीजिंग में 5000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा शी जिंनपिंग ने सैन्य विद्रोह के खतरे को देखते हुए थिएटर कमांड के अधिकारियों के मूवमेंट पर भी रोक लगा दी है.
क्या चीन में तख्तापलट की रची गई थी साजिश?
चीनी लेखिका शेंग शुए द्वारा किए गए दावे के मुताबिक, सेना ने 18 जनवरी 2026 की शाम राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हिरासत में लेने की प्लानिंग की गई थी. इसके लिए बीजिंग के जिंगशी होटल में डेरा डाला गया था, लेकिन पिछले कुछ सालों से शी जिनपिंग का कोई निश्चित एक ठिकाना नहीं है, इसलिए उन पर नजर रखना बेहद मुश्किल हो गया था. लेकिन इस बीच जिंगशी होटल में जिनपिंग के सुरक्षाकर्मियों को सेना के इस प्लान की भनक लग गई.
पहले भी रची जा चुकी है जिनपिंग के खिलाफ साजिश
उसके बाद शी जिनपिंग को तुरंत होटल के अंदर नजरबंद कर दिया गया. इसके बाद कथित तौर पर जिनपिंग और झांग समर्थकों के बीच गोली भी चली. जिसमें शी जिनपिंग के नौ समर्थकों की मौत हो गई. जबकि झांग के दर्जनभर समर्थक मारे गए. बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब शी जिनपिंग के खिलाफ इस तरह की साजिश रची गई हो, इससे पहले साल 2013 में भी उनके खिलाफ इसी तरह का षणयंत्र रचा गया था. तब उनपर गोली चलाई गई, लेकिन वह उनके पैर को छूकर निकल गई लेकिन उनके करीबी सुरक्षा कर्मी की इस हमले में मौत हो गई थी.
झांग यौशिया पर अमेरिका के लिए जासूसी करने का आरोप
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अमेरिका का हाथ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने चीन के सबसे सुरक्षित घेरे को तोड़ने के लिए चीन की सेना के सबसे ऊंचे पद पर बैठे इंसान झांग यौशिया की मदद ली. झांग यौशिया न केवल जिनपिंग के करीबी माने जाते थे, बल्कि वह चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में नंबर दो पर हैं. दावा किया जा रहा है कि झांग यौशिया ने चुपचाप अमेरिका के साथ हाथ मिलाकर ट्रंप के जासूस के तौर पर काम करना शुरू किया. लेकिन वह अपने मकसद को पूरा कर पाते तब तक इसकी भनक लग गई.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ी बेहद गोपनीय फाइलें तक अमेरिका के पास पहुंच गई. आरोप है कि जनरल झांग यौशिया ने चीन के न्यूक्लियर प्रोग्राम की तकनीकी जानकारी और रणनीतिक ठिकानों का ब्यौरा अमेरिकी खुफिया एजेंसी को लीक कर दिया. ट्रंप प्रशासन इस जानकारी से चीन की सैन्य ताकत को कमजोर करने और उसे वैश्विक स्तर पर घेरने के लिए करता. इस लीक को चीन के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है.
जानें कौन ने टॉप कमांडर झांग यौशिया?
जानकारों का कहना है कि झांग यौशिया ही एक शख्स थे जो सीधे तौर पर जिनपिंग को चुनौती दे सकते थे. झांग साल 1979 में चीन-वियतनाम युद्ध के अनुभवी रहे हैं. इसीलिए उन्हें असली युद्ध का अनुभव रखने वाला जनरल माना जाता है. यही नहीं झांग रिटायरमेंट उम्र पार करने के बाद भी चीन की सेना में टॉप पद पर बने रहे. जिनपिंग के पहले की कई सैन्य सफाइयों के दौरान भी वे बच गए. ऐसे में माना जा रहा है कि झांग अगले साल यानी 2027 में खुद ही रिटायर होने वाले थे लेकिन इससे पहले ही जिनपिंग ने न सिर्फ उन्हें पद से हटा दिया बल्कि गिरफ्तार भी कर लिया.
ये भी पढ़ें: वेनेजुएला के समर्थन में आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिका की कार्रवाई को बताया 'एकतरफा दादागिरी'
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















