अमेरिका में 2 भारतीयों पर नकली दवा बेचने का आरोप:चीन से मंगाते थे वजन घटाने की दवा, 71 साल की सजा हो सकती है
अमेरिका में वजल घटाने की नकली दवा (ओजेम्पिक) बेचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों पर केस दर्ज किया गया है। अमेरिकी कोर्ट में दाखिल आरोपों के मुताबिक, दोनों ने चीन से कम दाम पर नकली दवा मंगाकर अमेरिका में डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेची। दोषी साबित होने पर दोनों को ज्यादा से ज्यादा 71 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। नकली दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी थी जांच में पता चला कि दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी हई थी। बॉक्स, दवा की जानकारी वाली पर्ची, इंजेक्शन पेन का लेबल और सुई तक असली जैसी थी, ताकि लोगों को लगे कि वे कंपनी की असली दवा खरीद रहे हैं। दोनों आरोपियों की पहचान स्वप्नदीप रॉय और विक्की रमनचा के रूप में हुई है। एक आरोपी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी हुआ था अमेरिकी दवा नियामक FDA ने दिसंबर 2023 में नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप पकड़ी थी और लोगों को सावधान भी किया था। आरोप है कि इसके बाद भी दोनों दवा बेचते रहे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, स्वप्नदीप रॉय को इटली में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी हुआ था। यानी दुनिया के दूसरे देशों को उसकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए अलर्ट किया गया था। बाद में अमेरिका ने इटली से प्रत्यर्पण की मांग की। मंगलवार को उसे फ्लोरिडा के टैम्पा शहर की अदालत में पेश किया गया। रॉय और रमनचा पर कुल 6 आरोप लगाए गए हैं। इनमें तस्करी की साजिश, तस्करी और नकली दवा बेचने जैसे मामले शामिल हैं। अमेरिका नकली दवाओं पर कैसे नजर रखता है? अमेरिका में नकली दवाओं को रोकने के लिए पूरी दवा सप्लाई चेन पर नजर रखी जाती है। दवा बनाने वाली कंपनी से लेकर थोक विक्रेता और मेडिकल स्टोर तक, सभी को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रखना होता है। कई दवाओं का रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ट्रैक किया जाता है, ताकि पता चल सके कि दवा कहां बनी, कहां गई और किसने बेची। मेडिकल स्टोर को भी दवा खरीदने और बेचने का रिकॉर्ड संभालकर रखना पड़ता है। अगर किसी दवा के नकली होने का शक होता है, तो उसे तुरंत अलग कर जांच की जाती है। नकली साबित होने पर इसकी जानकारी FDA को दी जाती है और दवा को बाजार से हटाया जाता है। इसके बावजूद कभी-कभी नकली दवाएं ऑनलाइन बिक्री, तस्करी या अवैध सप्लायरों के जरिए सिस्टम में घुस जाती हैं। ऐसे मामलों में FDA और दूसरी एजेंसियां जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर ₹10 करोड़ का इनाम: FBI की टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप 10 मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल किया है। पूरी खबर पढ़ें…
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं होंगी बेहतर, यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड व अन्य प्रबंध, CM ने कलेक्टर्स-SP को दिए ये निर्देश
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था लेकिन राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 29 सितंबर को मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संबंध में कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक व अन्य सुविधाओं के साथ उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए।जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें। राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे।
बैठक में दी गई ये महत्वपूर्ण जानकारी
- परिवहन सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर।
- वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है।
- आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे।
- जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है।
- मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे।
- प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है।चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा।
- वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है।
- चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Mp Breaking News









