केंद्र की ‘प्रगति’ पहल में रांची को मिली जगह, देश के 50 शहरों में शामिल हुआ झारखंड की राजधानी
झारखंड की राजधानी रांची को केंद्र सरकार की ‘प्रगति’ पहल के तहत देश के चुने गए 50 शहरों में जगह मिली है. खास बात यह है कि झारखंड से इस सूची में केवल रांची को शामिल किया गया है. इसके साथ रांची नगर निगम को शहर से जुड़े नगरीय निकाय के तौर पर सूची में दर्ज किया गया है. रांची के इस सूची में शामिल होने के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान देना होगा. अब चुनौती केवल सड़कों की सफाई या घरों से कचरा उठाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके अलगाव, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करना होगा.
देश के 50 शहरों में रांची शामिल
‘प्रगति’ पहल के तहत देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 50 शहरों का चयन किया गया है. इस सूची में रांची के अलावा पटना, गया, रायपुर, अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम, इंदौर, भोपाल, मुंबई, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी, जयपुर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहर भी शामिल हैं. झारखंड की ओर से रांची को अकेला शहर चुना गया है। ऐसे में राजधानी के लिए यह चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
क्या है केंद्र की ‘प्रगति’ पहल?
‘प्रगति’ का पूरा नाम ‘सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन’ है. यह केंद्र सरकार की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी की जाती है. इस पहल में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जाता है. साथ ही लंबे समय से अटके मामलों को सुलझाने और विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने की दिशा में काम किया जाता है.
रांची के सामने अब क्या होगी चुनौती?
प्रगति पहल में शामिल होने के बाद रांची नगर निगम के सामने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. कचरे का नियमित उठाव, उसका अलग-अलग संग्रहण, नालियों की सफाई और जल निकासी जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर करना जरूरी होगा. इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई और कचरे के सही तरीके से प्रसंस्करण और निस्तारण पर भी ध्यान देना होगा. शहर में कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करना इस दिशा में अहम चुनौती रहेगी.
सिर्फ सूची में शामिल होना काफी नहीं
रांची का 50 शहरों की सूची में शामिल होना शहर के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. अब शहर की स्वच्छता व्यवस्था को योजनाओं और दावों से आगे ले जाकर जमीन पर बेहतर परिणाम दिखाने की जरूरत होगी. कचरा प्रबंधन से लेकर साफ-सफाई और जल निकासी तक व्यवस्थाओं में सुधार के जरिए रांची को अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी। ऐसे में ‘प्रगति’ की सूची में शामिल होना रांची के लिए उपलब्धि के साथ-साथ नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है.
भारत में 'एप्पल पे' की हुई एंट्री, आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच यूजर्स को मिला नया डिजिटल पेमेंट विकल्प
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। टेक कंपनी एप्पल ने बुधवार को भारत में एप्पल पे लॉन्च कर दिया है। अब भारत के यूजर्स आईफोन, आईपैड और एप्पल वॉच पर एप्पल पे का इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी ने बताया कि जल्द ही मैक पर भी इसका सपोर्ट आएगा।
कंपनी के बयान के मुताबिक, जिन ग्राहकों के पास एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड हैं, वे अपने कार्ड को एप्पल पे में ऐड करके भारत में हजारों दुकानों पर पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा जहां भी एनएफसी ट्रांजेक्शन होता है, वहां भी इसका इस्तेमाल हो सकेगा।
एप्पल की वाइस प्रेसिडेंट, एप्पल पे और एप्पल वैलेट, जेनिफर बेली ने कहा, भारत एक गतिशील और डिजिटली समझदार आबादी वाला देश है जो लगातार कैशलेस भविष्य को अपना रहा है और साथ ही सुरक्षा तथा प्राइवेसी के सबसे ऊंचे मानकों की उम्मीद करता है। हम आज भारत में एप्पल पे लाकर बहुत उत्साहित हैं।
इस लॉन्च के साथ एप्पल ग्राहकों को दुकानों, ऐप्स और वेबसाइटों पर छोटे-बड़े सभी रिटेलर्स के पास पेमेंट का एक आसान, सुरक्षित और प्राइवेट तरीका मिलेगा। चेकआउट के समय पिन टाइप करने या ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी।
जेनिफर बेली ने कहा कि एप्पल पे से रोजमर्रा के कार्ड पेमेंट आसान, सुरक्षित और प्राइवेट हो जाते हैं। चाहे दुकान में बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप, पिन या ओटीपी के सिर्फ टैप करके पेमेंट करना हो, या ऑनलाइन बार-बार पेमेंट जानकारी डाले बिना चेकआउट करना हो।
जब ग्राहक एप्पल पे के साथ कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो असली कार्ड नंबर डिवाइस या एप्पल के सर्वर पर स्टोर नहीं होता, न ही इसे एप्पल मर्चेंट के साथ शेयर करता है।
इसके बजाय एक यूनिक डिवाइस अकाउंट नंबर बनाया जाता है, जिसे एन्क्रिप्ट करके सिक्योर एलिमेंट में सुरक्षित रखा जाता है। यह एक इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड सर्टिफाइड चिप है जिसे डिवाइस पर पेमेंट जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
एप्पल ने कहा कि वह ट्रांजेक्शन की ऐसी जानकारी नहीं रखता जिसे यूजर से जोड़ा जा सके। उनका लेन-देन यूजर, मर्चेंट और उनके बैंक या कार्ड जारी करने वाले के बीच ही रहता है। अगर आईफोन खो जाए या चोरी हो जाए तो यूजर फाइन्ड माई ऐप से तुरंत उसे ढूंढ सकता है, लॉक कर सकता है या उस डिवाइस से पेमेंट को सस्पेंड कर सकता है।
ग्राहक एक्सिस बेंक ऐप के लेटेस्ट वर्जन से सीधे एप्पल वैलेट में कार्ड ऐड कर सकते हैं। दूसरा तरीका यह है आईफोन पर वैलेट ऐप खोलें, प्लस के निशान पर टैप करें और बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना कार्ड जोड़ें। एक बार कार्ड एप्पल डिवाइस में ऐड हो जाने के बाद यूजर तुरंत एप्पल पे का इस्तेमाल शुरू कर सकता है।
एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा कि एप्पल पे की शुरुआत इस लक्ष्य को आगे बढ़ाती है और मास्टरकार्ड और वीजा नेटवर्क पर हमारे क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को ज्यादा विकल्प और लचीलापन देती है।
मास्टरकार्ड के प्रेसिडेंट, इंडिया और साउथ एशिया, गौतम अग्रवाल ने कहा, जैसे-जैसे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और ग्राहक आसान तथा सुरक्षित पेमेंट चाहते हैं, एक्सिस बैंक के मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए एप्पल पे की शुरुआत कॉन्टैक्टलेस कॉमर्स के एक नए दौर की शुरुआत है, जिससे हर ट्रांजेक्शन पर भारतीय ग्राहकों को ज्यादा भरोसा और सुकून मिलेगा।
वीजा के ग्रुप कंट्री मैनेजर, इंडिया और साउथ एशिया, सुरेश सेठी ने कहा कि भारत में एप्पल पे का लॉन्च देश की डिजिटल पेमेंट यात्रा में एक अहम पड़ाव है।
एप्पल पे का इस्तेमाल करने पर भी यूजर्स को उनके कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स और फायदे मिलते रहेंगे। लॉन्च के समय एप्पल पे भारत में लाखों मर्चेंट्स पर स्वीकार किया जाएगा, जिसमें एप्पल स्टोर भी शामिल हैं।
बता दें कि एप्पल पे 90 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध है और दुनिया भर में 11,000 से ज्यादा बैंक और नेटवर्क पार्टनर्स के साथ काम करता है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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