Jammu and Kashmir Encounter | सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी! बडगाम मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकवादी 'मूसा' ढेर
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सबसे वांछित आतंकवादी सुलेमान शाह उर्फ ‘मूसा’ मंगलवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सेना के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ में मारा गया। सेना की चिनार कोर और राष्ट्रीय राइफल्स ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर बडगाम जिले के कोराग (यूसमर्ग) के ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्रों में एक विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया था। भारतीय सेना ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि सतर्क जवानों ने क्षेत्र में संदिग्ध हलचल देखी। जब जवानों ने आतंकवादियों को ललकारा और चुनौती दी, तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।
सेना ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उसने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग के सामान्य क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। सेना ने कहा, सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इस दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में हुई मुठभेड़ में ‘मूसा’ मारा गया।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित मूसा इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था। अधिकारियों के अनुसार, उसका करीबी सहयोगी यासिर पांच सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका
सुरक्षा विश्लेषकों और वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि मूसा का मारा जाना मध्य और दक्षिण कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क और उसकी आतंकवादी गतिविधियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
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