देश में 9% छात्रों को आत्महत्या का विचार:34% खुद को कैंपस में बाहरी महसूस करते हैं, सुप्रीम कोर्ट टास्क फोर्स की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा
देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे 9% छात्रों को अक्सर आत्महत्या का विचार आता है। वहीं, 34% छात्र अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी महसूस करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) के देशभर में कराए सर्वे में ये खुलासा हुआ है। सर्वे में करीब 15% छात्रों ने कहा कि पिछले 6 महीनों में कुछ समय ऐसा रहा, जब वे बहुत ज्यादा तनाव या कई हफ्तों तक एंग्जायटी में रहे। हालांकि, 56% छात्रों ने सर्वे में कहा कि गंभीर मुद्दों को निष्पक्ष तरीके से संभालने के लिए उन्हें प्रशासन पर भरोसा है। एनटीएफ के इस सर्वे में 2.43 लाख से ज्यादा छात्रों के जवाब शामिल हैं। इनमें 67% छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी से थे। टास्क फोर्स की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा होने की उम्मीद है। एनटीएफ का गठन सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मेंटल हेल्थ व वेल-बीइंग से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए किया था। टास्क फोर्स के प्रमुख जस्टिस एस रवींद्र भट हैं। 18 सितंबर को साहिल ने किया था सुसाइड मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… IIT बॉम्बे में एंटी सुसाइडल रूल्स लागू हुए: हर कमरे में ट्विन शेयरिंग; सीलिंग फैन हटाए IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
UNESCO वर्ल्ड-हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइट:इसमें मध्यप्रदेश की चार; उदयगिरि गुफाएं, गिन्नौरगढ़ और बटेश्वर के मंदिर शामिल
भारत की UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में पांच नई साइटें जोड़ी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, चंबल घाटी के मंदिर समूह और गिन्नौरगढ़ शामिल हैं। पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है। संस्कृति मंत्रालय के PIB ने X पर इसे देश की विरासत के लिए “गर्व का पड़ाव” बताया। इन पांच नई साइटों के जुड़ने के बाद भारत की UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में अब 78 साइटें हो गई हैं। किसी साइट को पहले UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसके बाद ही उसे आगे वर्ल्ड हेरीटेज साइट का दर्जा देने के लिए विचार किया जा सकता है। इसलिए इन पांच साइटों को अभी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा नहीं मिला है। मध्य प्रदेश की 4 साइटें 1. उदयगिरि गुफाएं मध्य प्रदेश की उदयगिरि पहाड़ियों में चट्टानों को काटकर बनाया गया धार्मिक परिसर है। UNESCO के मुताबिक, इसका विकास मुख्य रूप से चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ। यहां 20 गुफाएं, मूर्तियां, शिलालेख और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं हैं। 2. बाघ गुफा चित्रकारी पश्चिमी मध्य प्रदेश में बाघनी नदी के किनारे विंध्य पर्वत की दक्षिणी ढलान पर 9 बौद्ध गुफाएं हैं। यहां की गुफाओं में मौजूद भित्ति चित्र खास महत्व रखते हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से बेसाल्ट चट्टानों से बना है, जबकि बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं। 3. गिन्नौरगढ़ गिन्नौरगढ़ मध्य भारत के पुराने राज गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी थी। इसे भी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है। 4. चंबल घाटी के मंदिर समूह इसमें मध्य प्रदेश के बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं। 5वीं साइट- ‘Sites of Satyagraha’ पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका की जॉइंट सीरियल ट्रांसनेशनल प्रॉपर्टी है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार के विकास को दर्शाना है। दक्षिण अफ्रीका में इसकी शुरुआत से लेकर भारत में इसके प्रयोग, विकास और संस्थागत रूप लेने तक। UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट क्या होती है? टेंटेटिव लिस्ट यानी संभावित/प्रस्तावित विरासत स्थलों की सूची। किसी देश की ऐसी जगहों को इसमें शामिल किया जाता है जिन्हें वह भविष्य में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के लिए नामित करना चाहता है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देश में पहली बार हुई झरनों की गिनती: 10 राज्यों में 14,468 झरने; मणिपुर में सबसे ज्यादा देश की पहली स्प्रिंग सेंसस के दूसरे हिस्से में 10 राज्यों के 14,468 झरनों की गिनती हुई है। इनमें सबसे ज्यादा झरने मणिपुर और महाराष्ट्र में मिले हैं। जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की करीब 15% आबादी यानी लगभग 20 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से झरने के पानी पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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