'2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपने भविष्य के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में आयोजित होने वाला 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारतीय जर्सी में उनका आखिरी विश्व कप होगा। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से पहले कोहली ने साफ कर दिया कि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व विजेता बनाना है, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।
कोहली ने तीन मैचों की सीरीज़ से पहले JioStar से कहा, "मेरे लिए, यह भारत के लिए खेलने वाला आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। जैसे, आप जानते हैं, अपना सब कुछ झोंक देना। और ज़ाहिर है, लक्ष्य तो वर्ल्ड कप जीतना ही है। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूँ।" अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होने वाला 2027 वर्ल्ड कप, कोहली का चौथा वनडे वर्ल्ड कप होगा।
37 वर्षीय खिलाड़ी की ये बातें एक ऐसे वनडे साइकल की शुरुआत में आई हैं जिसमें हर मैच का महत्व बढ़ जाता है। भारत ने वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के लिए अपनी टीम में कोहली और रोहित शर्मा को शामिल किया है, जबकि शुभमन गिल कप्तान बने रहेंगे क्योंकि टीम 2027 के टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर रही है।
2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से, उन्होंने 12 वनडे मैचों में 76 की औसत से 760 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। 2025 की शुरुआत से, उनके नाम 64.68 की औसत से 1,035 रन हैं, जबकि उनके पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक और सात बार पचास या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं।
उम्मीदों की चिंता नहीं करेंगे
ये आंकड़े उनके खेलने के तरीके में आए एक साफ़ बदलाव के साथ आए हैं। कोहली ने कहा, "सबसे पहले तो बदलाव यह आया है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं अब और खुलकर खेलूंगा। मैं लोगों की उम्मीदों की चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय तक मेरा रोल पारी को संभालने और स्थिरता लाने का रहा है।"
यह आज़ादी पिछले कुछ IPL सीज़न में साफ़ दिखी है, जहाँ कोहली पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से रन बना रहे हैं। IPL 2026 में, उन्होंने 16 मैचों में 165.85 के स्ट्राइक रेट से 675 रन बनाए। उन्होंने अपनी सबसे तेज़ IPL फ़िफ़्टी भी लगाई और RCB को टाइटल बचाने में मदद की।
ओपनिंग बैटर के तौर पर खेलने से कोहली को रिस्क लेने की हिम्मत मिली; अब वह आउट होने को अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकामी नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्होंने यह सीख अपने ODI क्रिकेट में भी अपनाई है। इसका मतलब ज़िम्मेदारी छोड़ना नहीं है। बल्कि, कोहली अपने अनुभव का इस्तेमाल करके क्रीज़ पर जमने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा असरदार खेलना चाहते हैं।
"मैं खेल में फ़र्क लाने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि 30-40 रन ज़्यादा बन सकें। मैं ऐसी सोच के साथ खेलना चाहता हूँ कि अगर मैं रिस्क नहीं ले रहा हूँ, तो इसलिए नहीं कि मैं डर रहा हूँ, बल्कि इसलिए कि मैं खुद को ऐसी स्थिति में ला रहा हूँ जहाँ मैं कह सकूँ - ठीक है, अब तेज़ी से रन बनाने का समय आ गया है।"
कोहली का मानना है कि यह सोच ODI गेम में बहुत काम आ सकती है, जहाँ आजकल बहुत ज़्यादा रन बन रहे हैं।
"खेल का मिज़ाज बदल रहा है। खासकर जब हालात तेज़ और अच्छे हों, और दूसरी टीमें आपको 340-350 रन बनाने के लिए मजबूर कर रही हों, तो हमें भी 350-360 रन बनाने में सक्षम होना चाहिए। अब मैं रिस्क लेने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं उस समय रन बना लूँ, तो हम आसानी से 350-360 तक पहुँच जाएँगे। और अगर मैं ऐसा कर पाता हूँ और ज़्यादा देर तक क्रीज़ पर टिकता हूँ, तो आखिर में और भी तेज़ी से रन बना सकता हूँ।"
कोहली के लिए यह बदलाव जितना टेक्निकल था, उतना ही मानसिक भी। "मुझे अपने मन में उस आज़ादी को थोड़ा महसूस करना था। इससे मुझे IPL में भी मदद मिली। मैं उसी आज़ादी के साथ खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया, तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।"
उनका कहना है कि यह आज़ादी उन्हें अपने आस-पास के लोगों पर भरोसा करने से मिलती है। "मुझे भरोसा है कि मेरे आस-पास दूसरे खिलाड़ी भी हैं जो बहुत अच्छे हैं और स्थिति को संभाल लेंगे। मुझे खुलकर खेलना है और लगातार ऐसा करने का तरीका खोजना है। मेरे करियर के इस पड़ाव पर यह रोमांचक भी है।"
अब, जब 2027 वर्ल्ड कप में 14 महीने से भी कम समय बचा है, कोहली की नज़रें एक आखिरी अभियान पर हैं - और उन्हें साफ़ पता है कि वह इसे किस तरह से खेलना चाहते हैं।
Shubman Gill में कप्तानी का सही विजन, Virat Kohli ने West Indies ODI से पहले की तारीफ
भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके पास टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है। कोहली ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के पहले वनडे से पहले जियोस्टार से बात करते हुए गिल और अपनी बल्लेबाजी को लेकर विचार साझा किए। कोहली ने कहा, ‘‘ शुभमन अभी कप्तानी के गुर सीख रहे हैं। इस भूमिका में वह अभी नए हैं, लेकिन उनके पास भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए सही दृष्टिकोण और इच्छाशक्ति है।’’ कोहली को गिल की रणनीति बनाने में स्पष्टता और चीजों को सही तरीके से करने का इरादा प्रभावशाली लगता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर टीम की रणनीति को लेकर उनकी राय स्पष्ट होती है।
निश्चित तौर पर अधिक अनुभव लेने और परिस्थितियों की समझ के साथ वह सुधार करते रहेंगे जैसा कि प्रत्येक कप्तान करता है।’’ कोहली ने कहा, ‘‘लेकिन उनमें भारतीय क्रिकेट टीम का सही तरीके से नेतृत्व करने की इच्छाशक्ति है, जो महत्वपूर्ण होता है। इसलिए मुझे लगता है कि वह लंबे समय तक कप्तानी करेंगे।’’ कोहली को लगता है कि गिल में अपने विरोधियों से एक कदम आगे रहने की योग्यता है। उन्होंने कहा, ‘‘वह बल्लेबाजों को मैदान पर उतारने के लिए नए-नए तरीके सोचते हैं, जो हमेशा कुछ अलग करने या एक कदम आगे रहने का संकेत है।
वह बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए अलग-अलग तरह से क्षेत्ररक्षण सजाते हैं और विशेष तरह का गेंदबाजी आक्रमण लाने में संकोच नहीं करते।’’ जल्द ही 38 साल के होने वाले कोहली ने पिछले 10 वनडे मैचों में तीन शतक, एक 90 से अधिक रन की पारी और चार अर्धशतक बनाए हैं। वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल वनडे प्रारूप में खेलते हैं। अपने खेल में आए बदलाव के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आया है, वह यह है कि मैंने खुद से वादा किया है कि मैं और अधिक खुलकर खेलूंगा। लोगों की मुझसे क्या उम्मीदें हैं मैं उनकी चिंता नहीं करूंगा। लंबे समय से मेरी भूमिका यही रही है कि मैं चीजों को स्थिर बनाए रखूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।
मैं जानता हूं कि मैं शॉट लगा सकता हूं। लेकिन परिस्थितियां अनुकल न हों और आप किसी मुश्किल पिच पर खेल रहे हों, तो फिर आप ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां आप सोचते हैं कि मैं शॉट तो लगा सकता हूं, लेकिन मुझे एक विशेष भूमिका निभानी होगी।’’ कोहली का मानना है कि अगर वह अंत तक टिके रहते हैं तो टीम आसानी से 350 से 360 रन तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘खेल बदल रहा है और हम 350-360 रन बना सकते हैं। मैं अब जोखिम लेने को तैयार हूं क्योंकि मुझे पता है कि अगर मैं रन बनाता हूं, तो हम आसानी से 350-360 रन बना लेंगे। और अगर मैं ऐसा करता हूं और लंबी पारी खेलता हूं तो और भी अधिक रन बना सकता हूं।’’
कोहली अब स्वच्छंद होकर खेलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने खुद को तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने थोड़ा सा स्वच्छंद होकर खेलने का फैसला किया। इससे मुझे आईपीएल में भी मदद मिली है। मैं स्वच्छंद होकर खेल पाया क्योंकि मैं यह नहीं सोच रहा था कि अगर मैं आउट हो गया तो हमारे लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









