Responsive Scrollable Menu

PCOS and Sleep: पीसीओएस से बिगड़ सकती है नींद, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

PCOS and Sleep:  पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की समस्या और इससे जुड़े लक्षणों के बारे में तो कई महिलाएं जानती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि इसका असर आपकी नींद पर भी पड़ सकता है?

अगर पीसीओएस की समस्या के साथ तेज खर्राटे आते हैं, रात में बार-बार नींद खुलती है, सोते समय सांस लेने में परेशानी होती है या पर्याप्त नींद के बाद भी सुबह थकान बनी रहती है, तो इन संकेतों को महज थकान समझकर नजरअंदाज न करें।

ये स्लीप एपनिया जैसी समस्या की ओर इशारा करते हैं, जो पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं में अधिक देखी जाती है। 

हो सकती हैं नींद से जुड़ी समस्याएं
पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) का जोखिम सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक होता है। इस स्थिति में सोते समय सांस की नली कुछ समय के लिए संकरी या बंद हो जाती है, जिससे सांस लेने में रुकावट आती है। शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर व्यक्ति की नींद बार-बार खुलने लगती है, ताकि सांस सामान्य हो सके।

पीसीओएस-अनिद्रा का कनेक्शन
पीसीओएस और नींद में परेशानी के बीच संबंध को समझना भी जरूरी है। पीसीओएस में इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं कॉमन हैं। वहीं, लंबे समय तक अनिद्रा और स्लीप एपनिया की समस्या, शरीर में तनाव हार्मोन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती है।

इस तरह दोनों स्थितियां एक-दूसरे को प्रभावित कर सकती हैं और समस्या को बढ़ा सकती हैं। नींद की कमी का असर महिलाओं के हार्मोनल और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। लगातार अपर्याप्त या बाधित नींद से थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

जिन महिलाओं में पहले से ही अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना या इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी पीसीओएस से जुड़ी परेशानियां हैं, उनके लिए खराब नींद इन समस्याओं को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

पीसीओएस-अनिद्रा का कनेक्शन

कब करें डॉक्टर से कंसल्ट
यह समझना भी जरूरी है कि नींद में खर्राटे लेना, स्लीप एपनिया का संकेत नहीं होता है। लेकिन यदि खर्राटे बहुत तेज और नियमित हैं, सोते समय आप सांस रुकने की समस्या महसूस करती हैं, रात में घुटन होती है या सांस की गति बढ़ जाती है, सुबह उठने पर सिरदर्द रहता है या पर्याप्त नींद लेने के बाद भी दिन भर नींद और थकान महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

बैलेंस्ड डाइट-अच्छी नींद जरूरी
पीसीओएस को मैनेज करने के लिए केवल पीरियड्स को नियमित करना या वजन कम करना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव का बेहतर प्रबंधन भी इसके प्रभावों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि किसी महिला में स्लीप एपनिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर स्थिति के अनुसार ट्रीटमेंट करते हैं।

समझने वाली बात यह है कि अच्छी नींद केवल आराम के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि यह हार्मोनल, मेटाबॉलिक और समग्र स्वास्थ्य का भी अहम हिस्सा है। इसलिए महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले बदलावों और संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए।

पीसीओएस लंबे समय तक चलने वाली स्थिति हो सकती है, लेकिन सही जीवनशैली और चिकित्सकीय देखभाल के जरिए इसके प्रभावों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉ. आस्था गुप्ता (सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट)
प्रस्तुति: निकिता चौहान 

यह भी पढ़ें: रोज के ओट्स से हो गए हैं बोर? 10 मिनट में बनाएं साउथ इंडियन स्टाइल चटपटा नाश्ता

Continue reading on the app

सिर्फ 6-7 ग्राम गोल्ड में बन जाएंगे गोल्ड के ये लाइटवेट मंगलसूत्र, करवाचौथ से पहले सेव कर लें

करवाचौथ पर नया गोल्ड का मंगलसूत्र बनवाने की सोच रही है, तो ये डिजाइन सेव कर सकती हैं। बहुत ही लाइटवेट और मिनिमल डिजाइन हैं, जो काफी कम बजट में बन जाएंगे। आजकल ऐसे ही पैटर्न पसंद किए जा रहे हैं, जो देखने में स्टाइलिश और मॉडर्न लगते हैं।

Continue reading on the app

  Sports

‘गोल्डन सिक्स’ के साथ भारत एशियन गेम्स पदक तालिका में 5वें स्थान पर, हॉकी-बॉक्सिंग में चमके

भारत एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को 6 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। तीरंदाजी, हॉकी, बॉक्सिंग और रेसलिंग में भारत ने गोल्ड मेडल जीता। Fri, 02 Oct 2026 21:02:56 +0530

  Videos
See all

Breaking News: Ajay Rai की जगह आराधना मिश्रा बनीं UP कांग्रेस की नई अध्यक्ष | UP Congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T16:10:11+00:00

Sau Baat Ki Ek Baat With Kishore Ajwani: जम्मू में हिजाब पर बवाल | Hijab Row | #Viral #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T16:11:45+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers