EC High-Level Meeting: SIR में जिनका नाम छूटा, अधिकारी खुद उनके घर जाकर लेंगे दस्तावेज; जानें 5 बड़े फैसले
देश भर में स्पेशल इंटेंसिव रीविजन (SIR) यानी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे भारी विवाद के बीच शनिवार को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त- डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी इस बैठक में शामिल हुए। आयोग ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिससे प्रक्रिया को आसान बनाने और जनता की शिकायतों का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
चुनाव आयोग के 5 बड़े फैसले और राहत निम्नलिखित हैं:
नोटिस पाने वालों को घर बैठे राहत: एसआईआर (SIR) में जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, बीएलओ खुद उनके घर जाकर दस्तावेज लेंगे। इससे मतदाताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई की जाएगी।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका: जिन नागरिकों का नाम सूची में छूट गया है या जो नए युवा मतदाता हैं, वे ईआरओ (ERO) के पास आवेदन देकर इस विशेष अभियान के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वा सकेंगे।
बेघर और कमजोर वर्ग के लिए कैंप: रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के सुगमतापूर्वक मतदाता पंजीकरण के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाएंगे।
दिल्ली और महाराष्ट्र में तारीख बढ़ाई गई: दिल्ली और महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में 10 नवंबर तक करना तय किया गया है।
गोवा के छूटे मतदाताओं के लिए घर-घर प्रक्रिया: गोवा में जांच के दौरान योग्य पाए गए जिन वोटर्स के नाम सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम सूची में नहीं जुड़ सके थे, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेंगे।
आंतरिक मतभेद और चुनाव आयुक्तों के सवाल
पूरा विवाद जिस द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से शुरू हुआ, उस पर भी चुनाव आयोग ने सफाई दी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र SIR (Special Intensive Revision) या चुनाव आयोग के किसी फैसले से संबंधित नहीं था। आयोग का यह पक्ष भी रहा है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार आना एक सामान्य प्रक्रिया है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, यह पत्र चुनाव पैनल में आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़े मामले को लेकर भेजा गया था। आयोग ने रिपोर्ट में पत्र को SIR से जोड़कर देखे जाने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
राजनीतिक विरोध और कांग्रेस का प्रदर्शन
एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मनमानी करने और अन्य आयुक्तों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए देश भर में जोरदार प्रदर्शन किया है।
विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
Vrat Special Recipe: नवरात्रि व्रत में लें केक का मजा, राजगिरा-कुट्टू से बनाएं ये खास रेसिपी
Vrat Special Cake Recipe: नवरात्रि व्रत में अक्सर खाने के विकल्प सीमित हो जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मीठे में भी समझौता करना पड़े। अगर आपको केक पसंद है, तो राजगिरा और कुट्टू के आटे से बनने वाला यह केक ट्राई कर सकते हैं।
इसमें मैदा की जगह व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे लिए गए हैं और स्वाद बढ़ाने के लिए काजू-बादाम और किशमिश भी डाली जाती है। इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती। सही मात्रा में सामग्री मिलाकर इसे ओवन में आसानी से तैयार किया जा सकता है।
Vrat Cake बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री
- राजगिरा आटा – 100 ग्राम
- कुट्टू का आटा – 50 ग्राम
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- पिसी शक्कर – 80 ग्राम
- दही – 100 ग्राम
- दूध – 70-80 एमएल
- घी – 45 ग्राम
- बेकिंग पाउडर – 5 ग्राम
- बेकिंग सोडा – 2 ग्राम
- वनीला एसेंस – ½ छोटा चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- कटे हुए काजू/बादाम – 30 ग्राम
- किशमिश – 20 ग्राम
ऐसे बनाएं व्रत वाला केक
1. दही और शक्कर फेंटें
सबसे पहले एक बाउल में दही और पिसी हुई शक्कर डालकर अच्छी तरह फेंट लें। मिश्रण थोड़ा स्मूद हो जाए तो इसमें पिघला हुआ घी मिला दें।
2. सूखी सामग्री तैयार करें
अब दूसरे बर्तन में राजगिरा आटा, कुट्टू का आटा, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और इलायची पाउडर डालकर मिला लें।
3. दोनों मिश्रण को मिलाएं
दही वाले मिश्रण में धीरे-धीरे सूखी सामग्री डालें और हल्के हाथ से मिलाते जाएं। जरूरत के अनुसार दूध डालकर बैटर तैयार करें। बैटर न बहुत पतला हो और न बहुत ज्यादा गाढ़ा।
4. ड्राई फ्रूट्स डालें
अब इसमें कटे हुए काजू-बादाम और किशमिश डालकर अच्छी तरह मिला लें। आप चाहें तो ऊपर से सजाने के लिए भी थोड़े ड्राई फ्रूट्स बचाकर रख सकते हैं।
5. केक को बेक करें
केक टिन को घी से अच्छी तरह ग्रीस करें और तैयार बैटर उसमें डाल दें। ऊपर से काजू-बादाम डालें। पहले से गर्म किए हुए ओवन में करीब 170 डिग्री सेल्सियस पर 30-35 मिनट तक बेक करें।
6. ठंडा होने के बाद सर्व करें
केक बेक होने के बाद टूथपिक डालकर चेक करें। अगर टूथपिक साफ निकल आए तो केक तैयार है। इसे कुछ देर ठंडा होने दें और फिर काटकर सर्व करें।
व्रत के लिए इस केक को कैसे बनाएं खास?
- इस रेसिपी में सामान्य मैदा की जगह राजगिरा और कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया गया है। वहीं नमक के लिए सेंधा नमक लिया गया है।
- हालांकि व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकते हैं, इसलिए सामग्री इस्तेमाल करने से पहले अपने व्रत के नियम जरूर ध्यान में रखें।
नोट: व्रत में किसी सामग्री को लेकर आपके घर या धार्मिक परंपरा में अलग नियम हैं, तो उसी के अनुसार सामग्री में बदलाव करें।
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