Gulki Joshi Fitness Tips: अच्छी डाइट-वर्कआउट के साथ ‘मी टाइम’ निकालना भी है जरूरी
Gulki Joshi Fitness Tips: इन दिनों सोनी सब चैनल के शो ‘यादें’ में डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार गुल्की जोशी निभा रही हैं। इसमें वे फिट और अट्रैक्टिव नजर आ रही हैं। अपनी फिटनेस और ब्यूटी को मेंटेन करने के लिए वे क्या करती हैं, गुल्की सहेली को बता रही हैं, अपनी जुबानी।
वह स्ट्रिक्ट डाइट के बजाय बैलेंस्ड और सस्टेनेबल डाइट को प्राथमिकता देती हैं, वर्कआउट में स्ट्रेंथ, मोबिलिटी और कार्डियो का संतुलन बनाए रखती हैं। साथ ही, मानसिक सुकून के लिए ‘मी टाइम’ निकालती हैं। आइए जानते हैं, उनकी फिटनेस और ब्यूटी का राज क्या है।
बैलेंस्ड और सस्टेनेबल डाइट
फिटनेस बनाए रखने के लिए मैं बहुत स्ट्रिक्ट डाइट से ज्यादा बैलेंस्ड और सस्टेनेबल डाइट पर फोकस करती हूं। मैं कोशिश करती हूं कि मेरे खाने में पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां और फल शामिल हों। मैं घर का बना खाना ही खाती हूं। शूटिंग के दौरान टाइमिंग कभी-कभी डिस्टर्ब हो जाती है, लेकिन मैं मेंटेन करने का भरसक प्रयास करती हूं।
इसके साथ ही मैं हाइड्रेशन पर खास ध्यान देती हूं। वैसे मैं किसी भी तरह के फूड को पूरी तरह अवॉयड नहीं करती, लेकिन जंक और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड को लिमिट में ही खाना पसंद करती हूं। मेरा मानना है कि डाइट ऐसी होनी चाहिए, जिसे आप पूरे मन से फॉलो कर सकें।
करती हूं डेली वर्कआउट
मैं नियमित रूप से वर्कआउट करने की कोशिश करती हूं। हालांकि शूटिंग शेड्यूल के हिसाब से रूटीन में बदलाव आता रहता है। मुझे ऐसा वर्कआउट पसंद है, जिसमें स्ट्रेंथ, मोबिलिटी और थोड़ा कार्डियो, तीनों का बैलेंस हो।
वॉकिंग भी मेरे लिए बहुत जरूरी है। अगर कभी जिम जाना मिस हो जाए, तो मैं कोशिश करती हूं कि दिन भर फिजिकली एक्टिव रहूं। मेरे लिए कंसिस्टेंसी सबसे ज्यादा मायने रखती है।
‘मी टाइम’ भी निकलती हूं
मानसिक शांति के लिए मैं अपने लिए थोड़ा ‘मी टाइम’ निकालना बहुत जरूरी मानती हूं। कभी-कभी बस कुछ देर शांत बैठना, फोन से दूरी बनाना या अपने पसंदीदा लोगों के साथ समय बिताना भी बहुत मदद करता है।
मैं कोशिश करती हूं कि किसी भी टेंशन को अपने ऊपर हावी न होने दूं और जो चीजें मेरे कंट्रोल में नहीं हैं, उन्हें लेकर खुद को ज्यादा परेशान न करूं। मेरा मानना है कि पॉजिटिव रहना कोई एक दिन की प्रैक्टिस नहीं, बल्कि रोज खुद को थोड़ा बेहतर समझने की प्रक्रिया है।
अच्छी नींद को मानती हूं जरूरी
अच्छी फिटनेस का असर मेरी ब्यूटी पर भी पड़ता है। मेरे लिए ब्यूटी का सबसे बड़ा सीक्रेट है, डेली अच्छी पूरी नींद सोना। हाइड्रेशन को मेंटेन रखना और बेसिक स्किन केयर में कंसिस्टेंसी। मैं बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंट करने के बजाय अपनी स्किन को सूट करने वाले कुछ बेसिक प्रोडक्ट्स को अप्लाई करना पसंद करती हूं।
शूटिंग में मेकअप काफी होता है, इसलिए उसे अच्छी तरह से हटाना और स्किन को साफ और मॉयश्चराइज रखना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि जब हम अंदर से खुश और स्वस्थ महसूस करते हैं, तो उसका असर चेहरे पर अपने आप दिखता है।
गुल्की जोशी
प्रस्तुति: सहेली फीचर्स
EC High-Level Meeting: SIR में जिनका नाम छूटा, अधिकारी खुद उनके घर जाकर लेंगे दस्तावेज; जानें 5 बड़े फैसले
देश भर में स्पेशल इंटेंसिव रीविजन (SIR) यानी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे भारी विवाद के बीच शनिवार को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त- डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी इस बैठक में शामिल हुए। आयोग ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिससे प्रक्रिया को आसान बनाने और जनता की शिकायतों का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
चुनाव आयोग के 5 बड़े फैसले और राहत निम्नलिखित हैं:
नोटिस पाने वालों को घर बैठे राहत: एसआईआर (SIR) में जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, बीएलओ खुद उनके घर जाकर दस्तावेज लेंगे। इससे मतदाताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई की जाएगी।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका: जिन नागरिकों का नाम सूची में छूट गया है या जो नए युवा मतदाता हैं, वे ईआरओ (ERO) के पास आवेदन देकर इस विशेष अभियान के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वा सकेंगे।
बेघर और कमजोर वर्ग के लिए कैंप: रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के सुगमतापूर्वक मतदाता पंजीकरण के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाएंगे।
दिल्ली और महाराष्ट्र में तारीख बढ़ाई गई: दिल्ली और महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में 10 नवंबर तक करना तय किया गया है।
गोवा के छूटे मतदाताओं के लिए घर-घर प्रक्रिया: गोवा में जांच के दौरान योग्य पाए गए जिन वोटर्स के नाम सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम सूची में नहीं जुड़ सके थे, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेंगे।
आंतरिक मतभेद और चुनाव आयुक्तों के सवाल
पूरा विवाद जिस द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से शुरू हुआ, उस पर भी चुनाव आयोग ने सफाई दी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र SIR (Special Intensive Revision) या चुनाव आयोग के किसी फैसले से संबंधित नहीं था। आयोग का यह पक्ष भी रहा है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार आना एक सामान्य प्रक्रिया है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, यह पत्र चुनाव पैनल में आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़े मामले को लेकर भेजा गया था। आयोग ने रिपोर्ट में पत्र को SIR से जोड़कर देखे जाने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
राजनीतिक विरोध और कांग्रेस का प्रदर्शन
एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया हुआ है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मनमानी करने और अन्य आयुक्तों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए देश भर में जोरदार प्रदर्शन किया है।
विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
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