शारीरिक और मानसिक रूप से सेहतमंद रखता है अष्ट कुंभक, मिलते कई लाभ
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति का भी एक महत्वपूर्ण साधन है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, अष्ट कुंभक एक ऐसा विशिष्ट योग अभ्यास है, जिसमें आठ प्रकार की प्राणायाम तकनीकें शामिल हैं।
अष्ट कुंभक का उल्लेख हठ योग प्रदीपिका में मिलता है, जिसके अंतर्गत आठ उन्नत प्राणायाम तकनीक आती है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म ऊर्जाओं को जागृत करना और श्वसन क्षमता में वृद्धि करना है।
इन आठ प्रकार में सूर्य भेदन, उज्जायी, सीतकारी, शीतली, भस्त्रिका, भ्रामरी, मूर्छा और प्लाविनी। ये आठोंं तकनीकें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, अष्ट कुंभक करने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को एक शांत स्थान पर बैठकर प्रारंभिक ध्यान करना होता है। इसके बाद, इन आठ प्रकार की प्राणायाम तकनीकों का क्रमबद्ध तरीके से अभ्यास किया जाता है। प्रत्येक प्राणायाम को 5-10 बार दोहराना चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि श्वास को नियंत्रित करने के लिए सही तकनीक का पालन किया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, अष्ट कुंभक के नियमित अभ्यास से शरीर को कई प्रकार के लाभ होते हैं। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। यह प्रक्रिया शारीरिक ताकत, सहनशक्ति और मानसिक स्पष्टता को भी बढ़ाती है। इनका नियमित अभ्यास श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार लाता है। अष्ट कुंभक का अभ्यास करने से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, जो वजन नियंत्रण में मदद करता है।
इस योग प्रक्रिया को अपनाने से पहले, विशेष रूप से उन लोगों को, जिन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या है, चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। इसके लाभों को देखते हुए, मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अनुशंसित करता है।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
व्हाइट हाउस ने इमिग्रेशन कानून को लेकर राज्यों पर दबाव डाला
वाशिंगटन, 27 जनवरी (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस ने तथाकथित सैंक्चुरी पॉलिसी की आलोचना की है। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघीय आव्रजन कानूनों को लागू कराने के लिए राज्य और स्थानीय प्रशासन से अधिक मजबूत सहयोग की मांग कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन राज्य और लोकल सरकारों की ओर से आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के विरोध को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। उन्होंने मिनेसोटा में डेमोक्रेटिक नेताओं पर संघीय आव्रजन कानून की खुलकर अवहेलना करने और संघीय अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने का आरोप लगाया।
लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज से बात की और उन्होंने सहयोग के लिए तीन बहुत ही आसान और सामान्य समझ वाले बिंदु रखे, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि ये आईसीई और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच होने चाहिए। इनमें स्थानीय पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए अवैध प्रवासियों को सौंपना, आपराधिक रिकॉर्डवाले लोगों को कस्टडी में ट्रांसफर करना और अधिकारियों को बिना किसी रुकावट के काम करने देना शामिल था।
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन का मानना है कि ऐसा सहयोग ज्यादातर राज्यों में आम बात है। इसके साथ ही, चेतावनी दी गई है कि इसका पालन न करने की वजह से मिनेसोटा में दुखद रूप से जानें गई हैं। लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति कांग्रेस से अपील कर रहे हैं कि वह तुरंत ऐसा कानून पास करे जिससे सैंक्चुरी सिटीज को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उनके पास कानूनी आव्रजन प्रवर्तन लागू करने के ऑपरेशन्स में रुकावट डालने और बाधा डालने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। लेविट ने आगे कहा कि ऐसे काम अपराध हैं और इससे अधिकारियों की जान को खतरा होता है।
कैरोलिन लेविट ने प्रशासन की इमिग्रेशन रणनीति का भी बचाव किया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप सबसे खतरनाक आपराधिक विदेशियों को देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आईसीई ने हाल के दिनों में कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हमला, घरेलू हिंसा, धोखाधड़ी और नशे में गाड़ी चलाने के दोषी लोग शामिल हैं।
नागरिक आजादी के बारे में सवालों का जवाब देते हुए लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति कानून मानने वाले नागरिकों के दूसरे संशोधन के अधिकारों का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सामना करते समय हथियार ले जाना घातक परिणामों के जोखिम को बढ़ा देता है।
यह मामला तब सामने आया, जब डेमोक्रेट नियंत्रित राज्य और शहरों ने फेडरल अथॉरिटी को चुनौती दी। ट्रंप प्रशासन ने आईसीई के साथ सहयोग को स्थानीय सुरक्षा एजेंडा का मुख्य हिस्सा बनाया है।
--आईएएनएस
डीसीएच/एएस
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