नागौर के इस गांव में करते हैं महिला की पूजा, 300 साल पुरानी खेजड़ी बनी आस्था का केंद्र, आजादी के बाद से नहीं खुला शराब का ठेका
Nagaur Manjhwas Village Unique Traditions: राजस्थान के नागौर जिले का मांझवास गांव अपनी अनूठी आस्था और नशामुक्ति के लिए प्रसिद्ध है. यहां किसी देवी-देवता की नहीं, बल्कि फूलां बाई नामक महिला की लोकदेवता के रूप में पूजा होती है. गांव में 300 साल पुरानी खेजड़ी का पेड़ श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है. इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आजादी के बाद से यहां आज तक शराब का कोई ठेका नहीं खुला. गांव वाले हर साल पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संकल्प लेते हैं. मंदिर का 91 फीट ऊंचा गुम्बद और इसका अद्भुत स्थापत्य भी लोगों को आकर्षित करता है.
नीचे नदी-सुरंग, ऊपर पुल, मणि की तरह चमकता सूरज, ये गांव है प्रकृति की इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
नीचे कल-कल बहती सरस्वती नदी और बीच में रहस्यमयी सुरंग, ऊपर चट्टान से बना पुल, पास में बना मंदिर, शायद ही आपने प्रकृति के ऐसे अजूबे के बारे में सुना हो. प्रकृति से बड़ा कोई इंजीनियर नहीं. पुल से ऊपर जाती सीढ़ियां, जहां से सूरज मणि की तरह की चमकता नजर आता है. सीढ़ियां के ऊपर एक ऐसी दुनिया है जिसकी सिर्फ लोग कल्पना ही कर सकते हैं. यहां पर विशाल मैदान-पर्वत पहाड़ और सिर्फ बादल नजर आते हैं. पूरे देश से लोग इस गांव को देखने आते हैं. यह गांव धरती का स्वर्ग कहलाता है. यह खूबसूरत गांव देश के किस राज्य में हैं, आइये जानते हैं.
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