कश्मीर में CISF जवान ने साथियों पर चलाई गोली, अधिकारी सहित 4 जवानों की मौत
जम्मू-कश्मीर में कठुआ के बसोहली कैंप में CISF जवान ने अपने साथियों पर फायरिंग कर दी है. फायरिंग में CISF के 4 जवानों की मौत हो गई. मरने वाले लोगों में एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल है.
जानकारी के अनुसार, यह जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव में सेवा-3 पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे. दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर दो जवानों के बीच बहस हो गई थी. बहस के बीच ही एक आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है. CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.
Four Central Industrial Security Force (CISF) personnel were shot dead by a 2009-batch Head Constable of the force following a verbal argument among them over an issue at the Sewa-II Hydroelectric Project unit in Kathua. The incident took place around 7 pm. The accused Head…
— ANI (@ANI) September 29, 2026
गोलीबारी में मरने वाले जवानों के नाम सामने आ गए हैं...
- असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे
- एसआई लक्ष्मण सिंह
- कॉन्स्टेबल रफीक अहमद
- कॉन्स्टेबल संदीप कुमार
पोषण माह में गुजरात की बड़ी उपलब्धि, 24.3 करोड़ से ज्यादा गतिविधियों के साथ देश में सबसे आगे
गुजरात ने पोषण माह 2026 के दौरान पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में बड़े स्तर पर गतिविधियां आयोजित की हैं. राज्य में 27 सितंबर तक 24.3 करोड़ से अधिक पोषण संबंधी गतिविधियां पूरी की गईं. इसके साथ ही गुजरात इस अभियान में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा. अभियान का उद्देश्य पोषण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी से जुड़े आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है.
गुजरात में इस अभियान की थीम ‘आपनी आंगनवाड़ी, आपनी जवाबदारी’ रखी गई है. महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य, आयुष, ग्रामीण विकास, पंचायत और शिक्षा विभाग समेत कई विभाग अभियान में भाग ले रहे हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयं सहायता समूहों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को भी अभियान से जोड़ा गया है.
महिला एवं बाल विकास विभाग की भी बड़ी भागीदारी
27 सितंबर तक महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से करीब 56.13 लाख गतिविधियां आयोजित की गईं, जबकि अन्य सहयोगी विभागों ने लगभग 18.7 करोड़ गतिविधियां पूरी कीं. महिसागर, वलसाड, पाटन, आनंद और मेहसाणा जैसे जिलों में बड़ी संख्या में गतिविधियां आयोजित की गईं. वलसाड में जिला प्रशासन की ओर से पोषण जागरूकता रैली भी निकाली गई.
अभियान के दौरान लोगों को संतुलित और विविध आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है. इसमें मोटे अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, दूध, मेवे और बीज जैसे स्थानीय और पोषक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है. आंगनवाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक व्यंजनों के प्रदर्शन, पोषण मेले और संतुलित आहार को लेकर काउंसलिंग भी की जा रही है.
आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जा रहा पोषण का केंद्र
गुजरात में आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण और शुरुआती विकास के सक्रिय केंद्र के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. बच्चों की लंबाई और वजन की नियमित निगरानी, Nutrition Tracker पर पंजीकरण और कुपोषण की पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर उपचार और रेफरल की व्यवस्था की जा रही है.
इसके साथ ही गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पंजीकरण को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी पोषण और मातृ स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है. गुजरात सरकार का लक्ष्य पोषण को लोगों की रोजमर्रा की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है, ताकि राज्य में बच्चों, महिलाओं और परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लंबे समय तक प्रभावी प्रयास किए जा सकें.
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