रूस में मिलिट्री प्लेन क्रैश, 6 लोगों की मौत, अमूर क्षेत्र में टेकऑफ के दौरान हुआ हादसा
Russia Military Plane Crash: रूस में बड़ा विमान हादसा हो गया है. रूस के सुदूर पूर्वी अमूर क्षेत्र में मंगलवार को एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रास्नोयारोवो गांव के पास हुआ. विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से छह की मौत हो गई.
रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि मृतकों में दो लोगों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया. हादसे में विमान में सवार एक व्यक्ति के बचने की जानकारी सामने आई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान टुपोलेव Tu-154 था. हादसा किस वजह से हुआ, इसकी अभी जानकारी नहीं मिली है. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी.
A Russian military aircraft has crashed in Amur Oblast. The plane belonged to the Ukrainka air base in the region. Updated figures put the death toll at six of the seven crew members. Reports point to a Tu-95MS plane.
— Open Source Intel (@Osint613) September 29, 2026
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ईंधन टैंक में हुआ था धमाका
अमूर क्षेत्र के क्रास्नोयारोवो गांव के पास हुए इस हादसे में विमान में सवार सात लोगों में से छह की मौत हो गई. इनमें दो लोगों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में चोटों के कारण दम तोड़ दिया. हादसे के बाद विमान के ईंधन टैंक में धमाका हुआ, जिसके चलते मलबे में आग लग गई. दुर्घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया.
सोवियत दौर का प्रमुख विमान था Tu-154
Tu-154 सोवियत संघ के दौर में इस्तेमाल होने वाला तीन इंजन वाला जेट विमान था. इसे शुरुआत में मध्यम दूरी की यात्री उड़ानों के लिए तैयार किया गया था. इस विमान ने 1968 में पहली उड़ान भरी और 1970 के दशक की शुरुआत में इसे यात्री सेवाओं में शामिल किया गया.
बाद में सेना और सरकार ने भी Tu-154 का इस्तेमाल परिवहन और अन्य विशेष अभियानों के लिए करना शुरू किया. सोवियत संघ के समय यह घरेलू उड़ानों में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख यात्री विमानों में शामिल था. इस विमान के 1,000 से ज्यादा मॉडल बनाए गए थे. तीन इंजन, मजबूत लैंडिंग गियर और कम सुविधाओं वाले हवाई अड्डों से भी संचालन की क्षमता के कारण यह रूस जैसे बड़े देश के अलग-अलग इलाकों में लंबे समय तक उपयोगी रहा.
आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे CM सम्राट चौधरी, बच्चों से किया संवाद
CM Samrat Chaudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में आयोजित कार्यक्रम में राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों और सेविका से बातचीत कर केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों से उनकी पढ़ाई और विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने कविता प्रस्तुत की और अपना परिचय दिया। बच्चों की प्रस्तुति से उत्साहित मुख्यमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया और उनके बीच मिठाइयां वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।
कन्या उत्थान और मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को चेक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की गोदभराई की और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। लाभार्थियों के बीच पौष्टिक किट भी वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ‘सुपोषित बचपन की रसोई’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
लाभार्थियों ने साझा किए योजनाओं के लाभ के अनुभव
‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लाभार्थियों ने योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी केंद्रों से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल बच्चों और माताओं के पोषण, खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में किया जा रहा है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के टीकाकरण, वजन और लंबाई की नियमित निगरानी के साथ पोषण संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुविधा बेहतर करने का सुझाव
संवाद के दौरान एक लाभार्थी ने मुख्यमंत्री से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौनों की सुविधा को और बेहतर करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों और स्थानीय लोगों से आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को लेकर अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
‘जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखना सरकार का उद्देश्य’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ रखना है। प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत माताओं तथा बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहां भवन निर्माण की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा और पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बिहार में करीब 1.15 लाख सेविका-सहायिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 1 लाख 15 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका बच्चों एवं उनके परिवारों की सेवा में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका सेवा भाव के साथ काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, फल और दूध उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ना और उन्हें पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना जरूरी है।
‘बच्चे मजबूत होंगे तो राज्य और देश मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के बच्चे मजबूत होंगे तो राज्य और देश भी मजबूत होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से अपील की कि गांव और आसपास के सभी छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक श्याम रजक, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, समाज कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. प्रीति, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, बच्चे और उनके अभिभावक मौजूद रहे।
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